तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
वास्ता है प्यार का> जनाब ! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)
07 June 2010
कोटा में तम्बाकू उत्पादों की धरपकड
कोटा में स्कूल,अदालत,कलेक्ट्री,बस स्टेंड,रेलवे स्टेशन सभी जगहों पर इन दिनों जिला कलेक्टर कोटा टी रविकांत के सख्त निर्देशों के चलते तम्बाकू उत्पाद बीडी सिगरेट गुटके व्घेरा की तलाशी ली जाकर धरपकड अभियान जारी हे कोटा पुलिस ने इस मामले में अलग स्थानों पर कार्यवाही कर हडकम्प मचा दिया हे कलेक्टर के निर्देशों पर पुलिस ने अदालत परिसर, कलेक्ट्री परिसर से हजारों हजार के तम्बाकू उत्पाद बरामद किये हें जबकि शिक्ष्ण संस्थाओं के आसपास भी यह अभियान जारी हे पिछले दिनों हयूमन रिलीफ सोसाइटी कोटा ने जिला कलेक्टर कोटा को इस मामले में लिखित शिकायत कर धरपकड की मांग की थी जिस पर कोटा कलेक्टर ने जनहित में यह कार्यवाही करवाई हे इसके लियें कोटा कलेक्टर धन्यवाद के पात्र हें ब्लोगर दोस्तों और बहनों आप लोग भी अपने अपने क्षेत्र के जिला कलेक्टरों से निवेदन कर इस तरह की कार्यवाही करवा कर देश को जहर से बचाने की महरबानी करें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
रेगिस्तान में बाढ़ हे तो हरियाली में अकाल
दोस्तों यह कुदरत का ही निजाम हे के आज राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में मुसलाधार बरसात के बाद बाढ़ की स्थित हे तो जहां हरियाली थी वहां अकाल की स्थिति बनी हुई हे बात साफ़ हे के कुदरत से लढ़ कर कोई जीत नही सका हे दोस्तों रेगिस्तानीलाका जेसलमेर बाड़मेर बीकानेर जहां रेट ही रेट हे वहां आज पानी ही पानी हो रहा हे क्योंकि वहां पक्की सदके नहीं हे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति शहरीकरण के नाम पर बदली नहीं गयी हे वहां आज भी कच्ची जमीन कच्चे मकान मोजूद हें ठीक इसके विपरीत गेर रेगिस्तानी इलाकों में गाँव खत्म हो गये हें शहरीकरण के नाम पर सडकें,पक्के मकान,पक्की नालियां पक्की जमीन हो जाने से पढ़ तो सूख सूख कर गिर ही रहे हें साथ ही पक्की जमीन होने से वर्षा का पानी या रोज़ मर्रा वेस्टेज होने वाला पानी सडकों पक्की नालियों से बहकर सीधा नदी में जा जा रहा हे और नदी के रास्ते समुन्द्र में जा रहा हे अगर हमारी सडकों और पक्की जमीन की तकनीक कुछ ऐसी हो के वर्षा का पानी रोज़ वेस्ट निकलने वाला पानी नदी में जाने की जगह शहर की जमीन में ही पेवस्त हो जाए तो शहरों का जल स्तर खुद बा खुद बढ़ता जाएगा देश में शहरों में पानी की कमी की इस सच्चाई को सरकार और शोधकर्ता समझ नहीं रहे हें लेकिन यह सच हे के अगर शहर का पानी नालियों के जरिये या डाई वर्जन के जरिये सीधा नदी में जाकर दूर समुन्द्र में मिलने की जगह शहर में ही नई सडक और पक्के निर्माणों की तकनीक स्थापित कर शहर का पानी शहर की जमीन में ही पेवस्त किया जाए ओ शहर का जल स्तर घटने से बच जाएगा और जल स्तर अगर ऊँचा हो गया तो गर्मी भी कम और पानी भी खूब मिलेगा लेकिन यह बात सरकार और इंजीनियरों की समझ में आये तब ना। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अदालतों की जवाबदेही विधेयक
अदालतों केलियें जवाब देही निर्धारित करने का कानून बनाने के लियें जवाबदेही विधेयक जल्द ही संसद में पारित होने की संभावना हे दोतों मेने पहले भी लिखा था कहा था कानून मंत्री को इस बारे में अनेक बार लिखा हे के अदालतों में खासकर जिला स्तर हाईकोर्ट स्तर की अदालतों में सी सी सर्किट कमरे होना चाहियें जो अदालत समय शुरू होने से अआल्ट समय खत्म होने तक चालु रहें और कमरा ट्रायल के अलावा सारी कार्यवाह मांगने पर पक्षकार को सशुल्क देने का प्रावधान हो इससे अदालतों में पीठासीन अधिकारी कुर्सी पर कब बेठा उसका वकीलों और पक्षकारों से केसा व्यवहार रहा वकील का अदालत के प्रति केसा व्यवहार रहा उसने उपस्थित होकर पेरवी की या नहीं कोर्ट के रीडर का क्या व्यवहार चल रहा हे और वकील जो बहस कर रहा हे जो कानून पेश कर रहा हे वोह जज लिख रहे हें या नही ,वकील को जज ने जो निर्देश दिए उसकी पालना हुई नहीं इस मामले का सारा कच्चा चट्ठा जब रोज़ सीधी कार्यवाही के तहत वरिष्ट अधिकारी देखेंगे तो न्यायिक कार्यों में त्वरितता,निष्पक्षता आएगी साथ ही वकील पक्षकार और पीठासीन अधिकारी के साथ साथ न्यायिक कर्मियों की भी जवाबदारी बनी रहेगी गवाही की प्रक्रिया भी वरिष्ट अधिकारियों के सामने होगी तो दोस्तों मेरा यह पैग़ाम अगर आप सही समझते हे तो अपने प्रयासों से अपने तरीकों से विधि मंत्री सुप्रीम कोर्ट प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति महोदया तक पहुंचाए ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके और भारतीय न्यायिक व्यवस्था स्वर्ग के रूप में जानी पहचानी जाने लगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कुपवाड़ा में फिर फर्जी एनकाऊँटर
कुपवाड़ा में एक फर्जी एनकाऊँटर के बाद फिर ज़िम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया गया हे यह सब प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह की कश्मीर यात्रा के एक दिन पहले किया गया हे वेसे सरकार कोई बखेड़ा नहीं चाहती थी इस लियें उसने फर्जी एनकाऊँटर के ज़िम्मेदार अधिकारी को निलम्बित किया हे प्रधानमन्त्री की यात्रा के दोरान बंद बाज़ार कड़ी सुरक्षा इस बात का सबूत हे के वहां की जनता केंद्र और राज्यसरकार से किस हद तक त्रस्त हे प्रधानमन्त्री जो वहां कुछ देने गये थे लेकिन उन्हें वहां की जनता ने पसंद नहीं किया इससे अंदाजा लगाया जा सकता हे के कश्मीर में केंद्र और राज्यसरकार की निति बिलकुल असफल हे बस वहां आतंकवाद या फिर फर्जी एनकाऊँटर हें शायद इसीलियें अब जनता सरकार के भरोसे नहीं अल्लाह और भगवान भरोसे हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
भोपाल गेस त्रासदी सरकार की भूमिका की जांच हो
भोपाल गेस त्रासदी मामले में मुकदमा दर्ज होने उसके अनुसन्धान और फिर पेरवी मामले में सरकार और सरकारी वकीलों की भूमिका की जांच होना आवश्यक हो गयी हे क्योंकि इस मामले में मफरुर मुख्य अभियुक्त को पकड़ने में सरकार और पुलिस की नाकामयाबी शर्मसार कर देने वाली हे जबकि इतने गम्भीर मामले में सरकार को मुकदमा ३०४ ऐ के स्थान पर ३०४ में दर्ज करना चाहिए था और अदालत ने अगर चार्ज ३०४ ऐ का लगा भी दिया था तो सरकारी वकील और सरकार को इस मामले में निगरानी याचिका पेश कर मामला ३०४ आई पी सी में होना बताकर पेर्वियो ज्क्र्वाना चाहिए थी कई दशक में मध्यप्रदेश और केंद्र में कोंग्रेस भाजपा और जनतादल की सरकारें रही हें ताज्जुब हे इतनी बढ़ी ग़लती पर यह सब सरकारें राजनितिक दल चुप केसे बेठे रहे और जिन अभियुक्तों को १० वर्ष की सजा होना चाहिए थी केवल २ वर्ष में ही उन्हें छोड़ दिया गया हे अब आप ही बताओ सभी विदेश में रहने वाले अपराधियों को पकड़ने के लियें सरकार रेड्कोर्नर नोटिस जारी करती रही हे लेकिन इस प्रकरण में मुख्य अभियुक्त को फरार रहने की छुट देने के पीछे सरकार का कोनसा फेक्टर रहा हे क्या भाजपा क्या कोंग्रेस सभी पार्टियों की सरकारें और नेता आज इस मामले में जनता की अदालत में कठघरे में खड़े हें लेकिन क्या करें यह तो बेशर्म हें इनका कुछ बिगड़ता ही नहीं। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
साइबर केफे के लियें बने नियमों की पालना नही
साइबर केफे में आने जाने वालों की फोटो आईडी लेकर उन्हें साइबर केफे में प्रवेश देने और फिर उनके नाम पते का रिकोर्ड रखने जेसे नियमों की पालना कोटा सहित राजस्थान और समूचे देश में नहीं होने से साइबर हमलावरों का खतरा बढ़ गया हे किसी भी साइबर पोस्ट को पकड़ने के लियें टेलेफोन नम्बर प्रथम साक्ष्य हे और साइबर से ही दुसरे शरारती तत्व शरारती संदेश डिस्प्ले करते हें लेकिन साइबर वालों के पास आने जाने वालों का रिकोर्ड नहीं होने से पुलिस उन शरारती तत्वों तक नहीं पहुंच पाती हे । आज हमारे देश में साइबर कानून लागू तो कर दिया हे लेकिन इसकी क्रयान्विती के लियें देश में अभी भुत कुछ करना हे देश में प्रशिक्षित तकनीकी जानकार पुली कर्मियों की जरूरत बढ़ गयी हे साथ ही इसके रजिस्ट्रेशन के लियें जो नियम बनाये गये हें उसके लियें जिला स्तर के अधिकारियों की सूचि अधिसूचना जारी कर प्रकाशित नही की गयी हे ऐसे आवेदक इधर उधर अनजान से भटकते रहते हें और अनेक लोग उन्हें ठग भी रहे हें देश में कानून मंत्री और इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी मंत्री को इस बारे में संयुक्त बैठक कर तुरंत कोई निन्य लेना चाहिए वरना देश में कुछ भी हो जाएगा तब भू हम हाथ ही मलते रह जायेंगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
आईजी ने दिए क्राइम कंट्रोल के गुर
कोटा रेंज में निरंतर बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम के लियें कल कोटा रेंज के आई जी राजीव दासोत नें रेंज के एस पी और बढ़े अधिकारियों को बुला कर अपराध नियन्त्रण और जनता से तालमेल कर उनकी सुरक्षा करने के मामले में विशेष गुर सिखाये दासोत ने सभी अधिकारियों को पाबन्द किया हे घटना की तुरंत रिपोर्ट लिखें स्वस्थ अनुसन्धान करें वारंटियों को तत्काल पकड़ें जनता को परेशान ना करें सम्पत्ति अपराध के मामले में विशेष रूचि लेकर उसे तुरंत सुलझाएं ताकि बाद में फिर उसमे बधा खून खराबा ना हो इस मामले में दी गयी हिदायतों की समीक्षा के लियें तिन माह बाद आई जी ने रेंज के सभी अधिकारियों को फिर बुलाया हे कोटा रेंज के आई जी राजीव दासोत वेसे कोटा में अपराध नियन्त्रण के मामले में चुस्त दुरुस्त रहे हें और इनके फार्मूलों से अशांत कोटा रेंज में लगभग सभी स्थानों पर अपराधियों में खोफ बना हे साथ ही अवेध चोथ वसूली और जनविरोधी काम करने वालों में भी आई जी दासोत ने अपना डॉ बिठाया हे इसीलियें जनता काफी सुकून से हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
06 June 2010
सफाई मामले में कोटा के पार्षद सडकों पर
कोटा में नगर निगम की सफाई निति के खिलाफ आज ४ पार्षद भूख हडताल पर बेठ गये हें paarshd रजिया पठान, पूजा राजवंशी, जसपाल अरोरा , गोपाल मंदा का आरोप हे की महापोर ने बदले की राजनीति के चलते उनके वार्डों के सफाई कर्मियों की गिनती कम कर दी हे जिससे वार्ड में गंदगी के अंबार आते पढ़े हें or इसी बात को लेकर यह पार्षद भूख हड़ताल पर हे ताज्जुब हे के इन पार्षदों की भूख हडताल से जनता प्रशासन और निगम महापोर को कोई फर्क नहीं पढ़ा हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पेट्रोलियम कीमत व्रद्धी का जिन्न
देश में मंत्रियों के भ्रस्टाचार और कुप्रबंध के चलते आये दिन पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में व्रद्धी का जिन देश को खोखला करता जा रहा हे यहाँ कोंग्रेस के काल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अर्थशास्त्र निति में असफल होने के कारण देश को पेट्रोल की कीमतों का दर्द झेलना पढ़ रहा हे अगर देह मनमोहन जी और पेट्रोल मंत्री जी से नहीं संभल रहा हे तो देश कुच्दिनों के लियें हम और आप जेसे किसी पागल के हवाले कर दो ताके देश की सभी कीमतें जमीन पर लाकर पटक दी जाए भाई अगर मंत्रियों अधिकारियों पर अरबों खरबों की फ़िज़ूल खर्ची होगी तो उसे जमा करने के लियें तो देह की जनता का खून चुसना ही पढ़ेगा लेकिन नेताओं जान लो के जनता जब करवट बदलेगी तब यह सरकार कब्र में इतनी निचे दफन हो जायेगी के लोग इसे धुन्ध्ते रह जायेंगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान नरेगा में खुला भ्रष्टाचार
केन्द्रीय पंचायत मंत्री सी पी जोशी के गढ़ राज्य राजस्थान में नरेगा कार्यों में भ्रस्ताचार की आम शिकायतें हो रही हें यहाँ हालात दिन बी दिन बिगड़ते जा रहे हें जयपुर कोटा बारां झालावाड बूंदी में दर्जनों मामले ऐसे हें जहां म्र्त्कों के नाम की मस्टरोल भर भुगतान उठाया गया हे ताज्जुब हे के केंद्र मंत्री और राजस्थान के मंत्री भरतसिंह के होते हुए यह सब खुले रूप में हो रहा हे होगा भी क्यूँ नहीं क्योंकि यह मंत्री कानून ताक में रख कर अफसरशाही को बढावा दे रहे हें नरेगा कानून में वकील,पत्रकार और समाजसेवकों अधिकारियों की जांच समिति बनाने का आवश्यक कानून हे लेकिन जनाब सी पी जोशी और भरत सिंह जी हें की जनता और कार्यकर्ताओं की इस मामले में भागीदारी ही नही चाह रहे हें यही कारण हे के जनता की निगरानी के अभाव में यहाँ खुला भ्रष्टाचार चल रहा हे आखिर आप खुद समझ लें के जब कानून में समितियों के गठन का प्रावधान हे तो समितिया गठन नहीं करने के पीछे मंत्रियों की किस नोकरशाह को फायदा पहुँचाने की मंशा हो सकती हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
जेठमलानी का राजस्थान में हमला
सुप्रीम कोर्ट के वकील और राजनीति के बाज़ीगर रामजेठमलानी नें राजस्थान से भाजपा का राज्यसभा टिकिट लेकर भाजपा कोंग्रेस दोनों की गणित बिगाड़ दी हे भाजपा के अनेक लोग अफजल गुरु के मामले में जेठमलानी की तरफदारी से नाराज़ हें तो कोंग्रेस के कुछलोग जेठमलानी के हक में निर्द्लयोंकी क्रोस वोटिंग की आशंका से परेशान हें कल भाजपा के १५ विधायक जेठमलानी की उम्मीदवारी से खफा लगे ओ कोंगेस के वरिष्ट नेताओं के चेहरे पर क्रोस वोटिंग की आशंका का खोफ साफ़ देखने को मिला कुल मिला कर जेठमलानी की उम्मीदवारी ने राजस्थान राज्यसभा की राजनीति को भंग कर दिया हे अब अगर जेठमलानी हाते हें तो भाजपा के पास खोने और कोंग्रेस के पास पाने के लियें कुछ नहीं हे लेकिन अगर कोंग्रेस की ग़लती से जेठमलानी कुछ उलटा कर देते हें तो भाजपा हीरो और कोंग्रेस जीरो बन सकती हे खेर हार जीत किसी की भी हो लेकिन जेठमलानी अब इस चुनाव को अदालतों के चक्कर जरुर कटवा सकते हें वेसे तो जेठमलानी अफजल गुरु के वकील थे और उसके खिलाफ बयान देने के मामले में वकालत कानून के तहत वोह लगातार प्रोफेशनल के खिलाफ काम कर रहे हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
भोपाल त्रासदी के गुनहगार
कई दशक पूर्व भोपाल में गेस त्रासदी के आरोपियों को आज कही जाकर मामूली सी सजा मिली हे सारा देश और सारा विश्व जानता हे के यह गेस त्रासदी मासूमियत और इंसानियत पर कलंक थी यहाँ आरोपियों ने खुद को बचाने के लियें सभी ओछे हथकंडे अपनाए कई लोगो ने इस मामले में राजनितिक रोटियाँ सेंकीं लेकिन कई लोग हें जो आज भी सिसक रहे हें कोई लूला कोई लंगड़ा कोई अंधा बेहरा हे तो कोई यतीम अपने मान बाप के प्यार को तरस रहा हे इन सब के बावजूद भी कुछ नेताओं और कानून के जानकारों की आरोपियों की तरफदारी श्रम की बात हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पत्रिका और भास्कर कोटा में तालाब बाबड़ी साफ़ कर रहे हें
बारिश के पूर्व गर्मी के दिनों में नदी नाले तालाब बावड़ियां साफ़ करने के नाम पर कोटा में नगरनिगम,नगर न्यास , सी ऐ डी ,सिंचाई विभाग , जलदाय विभाग,चम्बल शुद्धिक्र्ण विभाग करोड़ों का बजट आता हे और इस बजट को अधिकारी लोग चट कर जाते हें सफाई का बहाना होता हे अफसर मजे करते हें ऐसे में अखबार भ्रष्टाचार के खिलाफ निग्रान्कार होते हें और भ्रष्टाचार उजागर करने की ज़िम्मेदारी उनकी होती हे यकीन मानिए बढ़े बढ़े विज्ञापनों के बदले यह अखबार इसमामले में कोई भी खोज खबर कर खबर नहीं बनाते हें लेकिन खुद इस मामले में फर्जी वाह वाही लुटने के लियें विज्ञ्प्तिबाज़ों फोटो छपवाने के भूखों को पकड़ कर एक तगारी फावड़ा उठा कर तालाब बावड़ी सफाई का नाटक कर फर्जी खबरें बनाते हें यह अखबार पत्रिका भास्कर जितना वक्त लोगों को अख्ट्टा कर तगारी फावड़े चलाने में लगाते हे अगर इससे अधाव्क्त भी सरकारी भ्रष्टाचार जो इस मामले में फेलाया जा रहा हे उसे पकड़ने में लगायें तो यकीन मानिए करोड़ों के घोटाले तो उजागर होंगें साथ ही नदी,नाले,बावड़ियां,तालाब सब साफ़ हो जायेंगे और कोटा समस्या मुक्त हो जाएगा लेकिन इन अखबारों को कोटा समस्या मुक्त नहीं बलके खुद के लियें विज्ञापन और प्रचार चाहिए इसी लियें जनता के साथ इनकी भी ठगी चालु हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
इडियट थ्री और अवार्ड आठ
श्रीलंका आइफा अवार्ड में थ्री इडियट फिल्म को आइफा अवार्ड में कुल आठ पुरस्कार दिए हें भाई सोचने की बात हे के जब इडियट तीन थे तो आठ पुरस्कार केसे मेल सकते हें दोस्तों केवल एक क्षेत्र के लोगों की धमकी से डर करआइफा अवार्ड का बहिष्कार क्या कला और फिल्म के साथ ना इंसाफी नहीं अब आप ही देखिये नजरों और उपस्थिति से तो इस कार्यक्रम का बहिष्कार हे लेकिन दक्षिण के पत्रकार ही इस अवार्ड समारोह की रिपोर्टिंग कर रहे हें वहन के अधिकारी मंत्री इसमें शामिल हो रहे हें और गुपचुप मुम्ब्य्या छोटे बढ़े कलाकार वहां नहीं जाने के मामले में सफाइयां भी देते फिर रहे हें तो भाई या तो दक्षिण भारतीयों के कुछ ठेकेदारों से डर कर रह लो या फिर कला का सम्मान कर निष्पक्ष कार्यवाही कर डालो खेर भाई हमें किया हमारे तो तीन इडियट थे जिन्हें आठ अवार्ड मिले हें जो उनसे संभल नही रहे हे .अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
हिंदी बेचारी हिंदी कहां गयी हिंदी ?
दोस्तों हम हिन्दुस्तान में रहते हें हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा हे लेकिन इसे राष्ट्रभाषा का संविधान का दर्जा मिलने के बाद भी अफ़सोस इस बात का हे के राजनितिक कारणों से इस राष्ट्रभाषा को राजभाषा नहीं बनाया गया हे हिंदी भाषी राज्यों को अगर हम छोड़ दें तो बाक़ी राज्यों में कहीं मराठी तो कहीं बंगाली तो कहीं कन्नड़ हे लेकिन नहीं हे तो बस हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं हे । दोस्तों हमारे देश में सो कोल्ड देश भक्त हे सो कोल्ड देशभक्त सन्गठन हें और यह सभी राजनीति के नाम पर खुद को राष्ट्रभक्त बता कर वोट मांगते हें लेकिन जागो हिन्दू भाई, बजरंग दल भाई, आर एस एस भाई , हिन्दू परिषद भाई ,कोंग्रेस भाई,भाजपा भाई ,सपा,जद,को ख ,ग सभी तरह की पार्टियां हिन्दुमुस्लिम सन्गठन ,शिवसेना ,मनसे , तनसे,वगेरा वगेरा सभी दल पार्टियां अपनी खुद की भाषा राष्ट्रभाषा नहीं रखते नरेंद्र मोदी गुजराती की बात करते हें ठाकरे परिवार मराठी की बात करते हें वेंकय्या नायडू जयललिता , करुना निधि कन्नड़ तमिल की बात करते हें ममता , प्रणव बंगाली की बात करते हें तो दोस्तों बताओ ना हिंदी की बात कोण करता हे और हिंदी राष्ट्रभाषा की यह लोग अगर बात नही करते तो क्या इन्हें राष्ट्रभक्त कहलाने का अधिकार हे अगर नहीं तो दोस्तों इन सब के जमीर को झकझोर दो सोनिया जी से खड़ो अब तो स्क्रिप्ट छोड़ कर केवल हिंदी उच्चारण के साथ बोलो और सभी राज्यों को हिंदी राष्ट्र भाषा होने के कारण राजभाषा का फरमान भी जारी करो ताकि हिंदी को खुद को राष्ट्र भाषा साबित करवाने के लियें भाषा के नाम पर बवाल मचाने वालों के आगे हाथ नहीं गिडगिडाना पढ़े में समझता हूँ ब्लोगर्स मेरी भावना समझ गये होंगे भाई हिंदी हें हम हिदुस्तान हमारा फिर यह किया हम दुसरे राज्यों में अगर हिंदी बोलते हें तो हमे मारा जाता हे पीटा जाता हे रोज़गार नहीं दिया जाता अगर संविधान में लिखित हिंदी भाषा का आज़ादी के तिरेपन साल बाद भी यह हाल हे तो दोस्तों जो भी नेता राष्ट्रवादिता की बात करे और हिंदी के अलावा दूसरी भाषा में बोले तो बस उसे सबक सिखाने की ठान लो हिंदी को राष्ट्रभाषा का नाम दिलाने और इस भाषा को दूसरी भाषाओं की गुलामी से आज़ाद करने के लियें अगर एक जंग और लढना पढ़े तो फिर तयार हो जाओ हम किसी भी हद तक की जंग हिंद और हिंदी के लियें ल्धने के लियें तय्यार हें लेकिन भाषा,ज़ात,धर्म,क्षेत्रीयता के नाम पर नफरत और हिंसा फेलाने वालों को यह सब मंजूर नहीं होगा वोह तो बस मन्दिर मस्जिद, हिदू,मुसलमान,कोंग्रेस भाजपा के नाम पर लढ़ा कर अपनी राजनितिक रोटियाँ सेक रहे हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान हज कमेटी में कुप्रबंध
राजस्थान हज कमेटी में कुप्रबंध के चलते लोगों के नाम पते और कई अन्य जानकारियों में काफी ग़लतियाँ हो रही हें हालात यह हें के कोटा एक छेन्दीलाल के आगे बाप के नाम के बदले मां का नाम लिखा हे इता ही नही हज पर केवल इस्लाम धर्म से जुड़ा मुसलमान ही जा सकता हे लेकिन बूंदी के एक वकील वीरेंद्र जी नें जब हज का फ़ार्म भरा तो वोह प्रथम स्तर पर खारिज नहीं किया गया और उसे स्वीकार कर आर जे नम्बर आवंटित किया गया अब आप ही बताओ के राजस्थान हज कमेटी में फार्मों की छटनी किस तरह से हो रही हे वहां इसी कुप्रबंध के चलते हाजियों की इस बार भी परेशानी निश्चित हे राजस्थान में दो वर्षों से इतने महत्वपूर्ण पद पर सरकार नें हज कमेटी गठित नहीं की हे केवल एक जेबी अधिकारी को यह काम दे रखा हे जो मुसलमानों से ज़्यादा सरकार के प्रति वफादार हे और हज कमेटी के नियमों का उल्न्ग्घं कर लोगों की परेशान का कारण बने हें हालात यह हे की लाटरी में जिन हाजियों के नाम आये हें उन में से कई के पास पासपोर्ट नहीं हें और कुछ के खिलाफ आपराधिक मुकदमे होने से उनके पासपोर्ट बनना भी मुश्किल हें ऐसे में लाटरी में आने के बाद भी अगर उनका पासपोर्ट नहीं बना तो काफी पेचीदगियां आ जायेंगी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में अल्लामा लाइब्रेरी का उदघाटन
कोटा में मुस्लिम जरूरत मंद बच्चों के लियें एक अलग से लाइब्रेरी हो और उसमें आम मुसलमानों के लियें सारी जानकारियाँ उपलब्ध हों इसी मकसद से आज शेहर काजी हाजी अनवार अहमद ने कोटा में अल्लामा इकबाल लायब्रेरी के नाम से लाइब्रेरी और इन्फोर्मेशन सेंटर का उदघाटन किया आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह लाइब्रेरी आम मुसलमानों , बच्चो और बाहर से आने वाले बच्चों के लियें सुचना का केंद्र बिंदु साबित होगा लाइब्रेरी में एक स्थायी कर्मचारी की नियुक्ति की गयी हे जो सारे कामकाज को ज़िम्मेदारी से संभालेगा और जरूरत मंद बच्चों को उसमें जो भी जरूरत होगी वोह मुहय्या कराएगा वहां इंटरनेट फेक्स के अलावा सभी प्रकार की किताबें होंगी साथ ही मुस्लिम और उर्दू स्कोलर बच्चों के लियें जो रिसर्च करना चाहेंगे उनके लियें उपयोगी सामग्री उपलब्ध होगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
05 June 2010
नरेगा कर्मियों को खुदाई में जेवर मिले
राजस्थान में जयपुर जी के तीतरी गावों में नरेगा कर्मियों को खुदाई करते वक्त जमीन में धंसा एक मटका दिखा जिसे निकालना चाहा तो वोह टूट गया और जब उसमें रखे सामान निकाले तो वोह खुबसुरत जेवर थे जेवरों का पुलिस को बुला कर तोल किया गया तो वोह तीन किलो चार सो ग्राम का वजन निकला पुलिस ने इन जेवरों को फर्द बना कर जब्त कर लिया हे अब यह पता किया जा रहा हे के यह जेवर कोंसी धातु के बने हुए हें इस मामले में पुरातत्व विभाग खोज बिन करेगा राजस्थान की धरती पर जमीन में अभी भी कई स्थानों में सोना गढा हे जयपुर के जयगढ़ के खजाने का किस्सा तो जग ज़ाहिर हे अब देखना हे इस मिले जेवर में से नरेगा मजदूरों को नियम के तहत कितना हिस्सा मिलता हे। अख्तर खा अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान में शिक्षकों का समानीकरण
राजस्थान में शिक्षकों के समानीकरण की राजनीति एक बार फिर गर्माने लगी हे राजस्थान में सरकार ने एक दर्जन से भी अधिक बार समानीकरण की सूचियाँ तय्यार की हें लेकिन आरोपों के बाद सभी सूचियों को निरस्त कर दिया गया हे अब इस बार फिर से समानीकरण की सूचियाँ तय्यार की गयी हे शिक्षकों का कहना हे की इस तय्यार सूची में इस बार भी नियमों का कम और राजनीति का ज़्यादा ध्यान रखा गया हे शिक्षकों का कहना हे के वोह इस गेर कानूनी समानीकरण के खिलाफ अदालत का दरवाज़ा खट खटाएंगे वेसे भी समानीकरण की सूचिया नियम विरुद्ध बनी हें यह तो साबित हे जिन इस्कुलों से मास्टर मास्टरनियों को अधिशेष होने की बझ से हटाने की बात खी हे उन स्कूलों में ही पद रिक्त बता कर दुसरे मास्टरों की नियुक्ति की बात की गयी हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मुस्लिम बस्ती को फिर महापोर ने उपेक्षित किया
कोटा नगर निगम की महापोर ने कोंग्रेस पर लगे उन आरोपों को सच कर दिखाया जिसमें कोटा के मुस्लिम कोंग्रेस सरकार पर मुस्लिम बस्तियों में सुविधाएं देने के मामले में पक्षपात का आरोप लगाते हें , कोटा में कल नगर निगम की महापोर वर्षा से बचाव के लियें नालो की सफाई करवाने के लियें लवाजमे को लेकर निकली थीं उनके साथ कोंग्रेस के पार्षद शरीफ पठान भी थे लेकिन जेसे ही मुस्लिम बस्ती वक्फ नगर की सरहद आई महापोर ठहर गयीं और उन्होंने इस बस्ती के नाले को साफ़ करने से निगम कर्मियों को तुरंत रोक दिया उनका कहना था के यह बस्ती नगर निगम की ज़िम्मेदारी नहीं हे इसके लियें नगर विकास न्यास ज़िम्मेदार हे जबकि नगर विकास न्यास नें हाल ही में इस बस्ती को नगर निगम को ट्रांसफर कर देने के दस्तावेज न्यायालयों में भी पेश किये हें अब आप देखिये जहां मुस्लिम कोंग्रेसी पार्षद हो और मुस्लिम वोटों के बल पर जितने वाली महापोर हो वहां मुस्लिम बस्ती के साथ ऐसी उपेक्षा तोबा तोबा अगर कोंग्रेस महापोर का मुस्लिम बतियों के साथ ऐसा व्यवहार हे और मुस्लिम पार्षद की चुप्पी ऐसी हे तो भाई इससे तो घेर कोंग्रेसी लोग ही अच्छे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में फिर से जुर्माने की जिद
कोटा में पहले पुलिसकर्मियों ने हेलमेट के नाम पर अवेध चोथ वसूली की जिद पकड़ी फिर जब आई जी राजीव दासोत ने अवेध चोथ वसूली करते पुलिस के चोर पकड़े तो उन्होंने इसे अव्यवहारिक मान कर कोटा पुईस को जनता को परेशान कर चालानी पुलिस बनने से रोकने के फरमान जारी किये आई जी के इस फरमान से कुछ पुलिसकर्मी और कुछ अखबार वाले जिनकी इस बन्दरबांट में लूट थी भुत परेशान हुए लेकिन आई जी दासोत ने जनहित में किसी की भी नहीं सुनी अखबार वाले अवेध चोथवसुली में हिस्सेदारी की पोल खुलने के डर से खामोश हो गये लेकिन पिछले दिनों राजस्थान के ग्रह मंत्री की मोजुदगी में एक अदने पुलिस अधिकारी को उनके कान भरने का मोका मिला फिर हेलमेट चालान की बात उठी ग्रह मंत्री ने फिर अखबार और अदने पुलिस अधिकारी के दबाव में आकर निर्देश जारी किये लेकिन भला हो आई जी दासोत का जो उन्होंने साफ़ शब्दों में कह दिया की वोह कोटा की पुलिस को केवल चालान पुलिस नही बनने देंगे आई जी की इस दहाड़ से पुलिस अधिकारी तो शं गये लेकिन अब फिर उन्होंने वाहन चेकिंग और फिर भारी जुर्माने का इरादा बनाया हे कोटा एसपी के इस एलान से अवेध चोथ वसूली करनेवाले पुलिस कर्मी और उनके हिस्सेदार अखबार वालों के चेहरे पर रोनक लोट आई हे लेकिन आम जनता के चेहरे अवेध चोथ वसूली और पुलिस की लूटपाट के डर से सफेद पढ़ गये हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा नगर न्यास का ५०४ करोड़ का बजट
राजस्थान में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कोटा नगर विकास न्यास में कल कोटा की विकास योजनाओं के मामले में ५०४ करोड़ का बजट पारित किया गया हे राजस्थान में नगर विकास न्यास के अध्यक्ष पद पर राजनितिक व्यक्ति बेथ कर सेवा करता हे लेकिन कोंग्रेस को कोटा में इस पद के लियां उपयुक्त कोंग्रेसी नहीं मिल रहा हे और इसी लियें यह पद जनता के प्रतिनिधि के स्थान पर अफसरशाही प्रणाली के तहत कोटा कलेक्टर के पास हे कोटा कलेक्टर जहां कार्यालय में बिना इजाजत परिंदा भी पर नही मार सकता कलेक्ट्रेट जो चारों तरफ से पुलिस की सुरक्षा के घेरे में हे दर्जनों इन्कुवयारी के बाद कलेक्टर की इच्छा पर ही होता हे के वोह जनता से मिलेंगे या नहीं जी हाँ ऐसे कलेक्टर के पास ही जनता के काम करने वाले विबाग नगर विकास न्यास के अध्यक्ष का चार्ज हे हाल ही में न्यास नें जो बजट पारित किया उस पर स्थानीय मंत्री का पूरा हस्तक्षेप रहा हे यही कारण रहा हे के न्यास का बजट विकासवादी हे बजट में सोंदर्य,विकास और निर्माण कार्यों के सेकड़ों सपने दिखाए हें देखना हे के इनकी क्रियान्विति अब जनप्रतिनिधि को इस पद पर बेठा की जाती हे या फिर रिमोट से सरकारी प्रतिनिधि के माध्यम से ही जनभावना के साथ खिलवाड़ होता हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बेंक ऑफ़ राजस्थान में हंगामा हे बरपा
बेंक ऑफ़ राजस्थान को आई सी आई में विलय की घोषणा के बाद राजस्थान बेंक कर्मियों का विरोध हे के थमने का ही नाम नही ले रहा हे हालात यह हें के राजस्थान बेंक के कर्मचारी हडताल पर हें और प्रबन्धन उमकी सुनवाई नही कर रहा हे बात साफ़ हे इसमें देश के बढ़े मंत्रालयों को आई सी आई को खुली शेह हे के वोह राजस्थान बेंक कर्मियों का जेसा शोषण करना चाहें कर ले, लेकिन इस कार्यवाही से देश में अराजकता की स्थिति पैदा हो गयी हे राष्ट्र को रोज़ करोड़ों के व्यापार का नुकसान हो रहा हे और बेंक के खातेदारों में असुरक्षा का भाव पनपने लगा हे वेसे भी आई सी आई की साख राजस्थान बेंक के मुकाबले में जनता के सामने नगण्य हे अब देखते हें की इस मामले में तमाशबीन बनी सरकार आई सी आई के फीलगुड फेक्टर से कब तक खामोश रह कर सच को दबाती हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मुंबई की होस्टेज नेगोशियेटर परेशान हें
आतंकवादियों के चंगुल से बंधक बने लोगों को छुडवाने की विशेष ट्रेनिंग लेकर आई मुंबई की इंस्पेक्टर होस्टेज इन दिनों परेशान हें सुनते हें के इंस्पेक्टर जब स्कोत्लेंड से विशेष प्रशिक्ष्ण लेकर लोटी तो उन्हें बधाइयां तो बहूत दी गयीं लेकिन सरकार के किसी भी अधिकारी या मंत्री नें उन्हें अपनी प्रतिभा को और निखारने के लियें स्कोत्लेंड जेसी सुविधाएं नहीं दिन स्कोत्लेंड की सुविधाएं तो दुरत भारतीय सुविधाएं भी उनसे छीन ली गयी हें बिना दफ्तर बिना साधन के यह महिला इंस्पेक्टर अब अपनी ट्रेनिंग प्रमाणपत्र को सिने से लगा कर रो रही हें अब आप सोचिये लाखों रूपये खर्च कर आतंकवाद के हमलों से त्रस्त इस देश में विशेष दक्ष लोगों के साथ उपेक्षा का यह हाल हे तो फिर हम आतंकवाद से किस तरह से लढ़ कर जीत पायेंगे सोचने की बात हे वेसे पुरुष मंत्रियों और पुरुष अधिकारियों को शायद एक महिला द्वारा यह कमाल करना अखर रहा हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
श्री श्री रविशंकर के हमलावर पकड़े गये
बेंगलोर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा गोली चलाने से श्री श्री रविशंकर बाबा के एक भक्त घायल हो गये थे रविशंकर ने स्पष्ट आरोप लगाया था की गोली उनकी हत्या के इरादे से चलाई गयी थी इस पर पुलिस अधिकारी और रविशंकर में म्त्ब्भेद भी चला था आज पुलिस नें पड़ोसी फारम हाउस के मालिक को लाइसेंसी रिवोव्र सहित गिरफ्तार कर घोषणा की हे की गोली जान बुझ कर नहीं बलकर कुत्ते भगाने के लियें चलाई थी लेकिन आश्रम के भक्त के ग़लती से लग गयी अब भला आजकल कुत्ते भगाने के लियें भी कोई रेवोल्व्र से गोली चलाता हे लेकिन यह भी सच हे की कोई रविशंकर जेसे बाबा को मारने का इरादा भी नहीं रखता हे अब बाबा का हास्यास्पद से आरोप और पुलिस के कुत्ते पर गोली चलाने की मजाकिया कहानी ने मामला और पेचीदा बना दिया हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
आनन्द,अश्क और नरेंद्र राज्यसभा में
राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवारों की कोंग्रेस ने घोषणा कर दी हे कोंग्रेस ने नरेंद्र बुढानिया, अश्क अली टाक, आनन्द शर्मा को उम्मीदवार बनाया हे जबकि भाजपा ने वी पी सिंह को उम्मीदवार घोषित किया हे राजस्थान में २०० सदस्यों वाली विधानसभा में सदस्यों की संख्या निर्दलियों पर टिकी हे और इसीलियें अब भाजपा खरीद फरोख्त के रास्ते तलाश कर एक और उम्मीदवार का नाम घोषित कर चोंका सकती हे अगर ऐसा होता हे तो राजनीति के गलियारों में वसुंधरा के शक्ति परिक्षण एक नया दोर शुरू हो जाएगा भाजपा में उम्मीदवार चयन में वसुंधरा की चली हे जबकि कोंग्रेस में अशोक गहलोत नें फिर अपनी ताकत का एहसास दिलाया हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
पर्यावरण प्रेमी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री पर्यावरण प्रेमी हें यह तो उनके पढ़ लगाओ नारे से सब जानते हें लेकिन इसे साबित करने के लियें आज विश्व पर्यावरण दिवस पर सुभ ६ बजे जयपुर में रेली निकालने के समय पहुंच कर सबको चोंका दिया गहलोत के इस कारनामे से पर्यावरण प्रेमी काफी उत्साहित हें जबकि लेट लतीफ अफसर सुभ बुलाने की मजबूरी से परेशान दिखे , गहलोत राजस्थान को हरा भरा रखना चाहते हें लेकिन अफसर और कर्मचारी हें के गहलोत के सपने चकनाचूर करने में लगे हुए हें पहले तो संभाग स्तर पर पर्यावरण समितियां गठित कर उनकी बैठकें बुलाई जाती थीं फिर उनकी जवाबदारी और अधिकारियों का कर्तव्य निर्धारण होता था लेकिन गहलोत के इस कार्यकाल में आज तक पर्यावरण संरक्ष्ण के लियें समितियों के गठन का कानूनी प्रावधान होने पर भी समितियों का गठन नहीं किया गया हे खुद वन पर्यावरण मंत्री इस मामले में चुप्पी साधे बेठे हें यही वजह हे के जंगलों में वन विभाग द्वारा जानवरों के लियें पानी की व्यवस्था नहीं करने से हजारों जानवर बेमोत मारे गये हें खुद मुख्यमंत्री जी के इलाके जोधपुर में हिरणों के मरने के बाद उन्हें रेट में गाध कर वन विभाग ने अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली लेकिन वन विभाग ने मरने वाले जानवरों को बचाने के लियें कोई योजना तय्यार नहीं की हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
04 June 2010
कोटा के मुस्लिमों में महासंग्राम
कोटा में कुछ मोका परस्त धर्म के नाम पर लोगों को ठग कर रोज़गार बनाने वाले मोलाना इन दिनों कोटा के आम मुसलमानों को फिरकों में बाँट कर ल्धाने में लगे हें अनेक स्थानों पर मुसलमान इन मोकाप्रस्त मोलानाओं के बहकावे में हें और गुरुप बना कर एक दुसरे के खून के प्यासे बने हुए हें कोटा में एक मोलाना हें जो अपने आका मोलाना से प्रभावित होकर अपना गोत्र यानी खानदान बदल चुके हें वोह खुद को राजनीति में सबसे उंचा मानकर राजनितिक पद लोलुपता की दोड में हें , यह जनाब मोलाना खुद के पास हुजुर सल्ललाहो अलेह व्स्ल्लल्म की कुछ चीजें अपने पास होना बता कर मुसलमानों को गुमराह कर ठग रहे हें । एक मोलाना हें जो वक्फ नगर में बेथ कर धर्म को रोज़गार बनाकर लाखों रूपये की कमाई कर रहे हें वोह मस्जिदों में मोलानाओं की नियुक्ति कर उन्हें रूपये दिलवाने के हिमायती हें तन्त्र मन्त्र तो उनका अलग से काम हे एक विज्ञान नगर में बिना पढ़े लिखे मुफ्ती हें जो रूपये के बदले फतवे देना निकाह पढाने की जुगत में लगे रहते हें कोटा में इन दिनों शेहर काजी अनवार अहमद हें जो काजी कानून के तहत जिले में निकाह पढाने के लियें अधिक्रत हें लेकिन वक्फ नगर, विज्ञान नगर मुफ्ती, विज्ञान नगर मस्जित के लोग खुद की गेरकानुनी निकाह की डायरियां चाप कर लोगों को ठग रहे हें इसी तरह कुछ लोग फतवों के नाम पर इन्तिशार फेला रहे हें हद तो यह हे के अभी एक भीमगंज मंडी की एक मस्जिद में खून खराबा होते होते बचा धर्म को रोज़गार बना कर लाखों कमाने वाले कुछ मोलानाओं ने कथुन में अपने ही मजहब के भाइयों को आतंकवादी बताकर कलेक्टर को झूंठी शिकायत कर सनसनी फेला दी अब कोटा के शेहर काजी अगर लोगों को धर्म के नाम पर मुसलमानों को ठगने से रोकने की बात करते हें तो ये गेर इस्लामिक कामों में लगे मोलाना शेहर काजी के दुश्मन हो जाते हें कोटा में अगर इस फिसाद की जड़ों को समय रहते नहीं काटा गया तो वोह दिन दूर नहीं जब यहाँ अराजकता की स्थिति से प्रशासन और आम आदमी परेशान हो जाएगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में दादी बाप ने मासूम को जलाया
दरिंदगी की पराकाष्ठा इस हद तक पहुंच गयी के कोटा में एक बाप नें अपनी मां के कहने में आकर खुद के १६ साल के नाबालिग बच्चे को तेल छिडक कर ज़िंदा जलाने के मकसद से आग लगा दी वोह तो भला हो पडोस में रहने वाले रिश्तेदारों का जो उन्होंने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां वोह जिंदगी और मोत के बीच झूल रहा हे । कोटा पुलिस ने जब इस मामले में बच्चे के ब्यान लिए तो उन्होंने ग़लत अर्थ निकाल कर बच्चे की दादी के स्थान पर बच्चे की मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया जबकि बच्चे की मां अपने पीहर गयी हुई थी खबर सुन कर जब मां बेटे को देखने आई जब पुलिस ने अपनी ग़लती सुधार कर मां का नाम मुकदमे से हटाया यह कलियुग नहीं तो और क्या हे के aएक दादी और पिता ही अपनी मासूम के भक्षक बन गये। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
दलितों की आर्थिक सहायता पर दलालों का डाका
राजस्थान समाज कल्याण विभाग और सरकार के कुछ अधिकारियों के साथ शिक्ष्ण संस्थाओं से जुड़े लोग सांठ गाँठ कर करोड़ों रूपये डकार रहे हें। केंद्र और राजस्थान सरकार दलित छात्रों को अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति की दी जाने वाली छात्र व्रत्ति देती हे जो प्रति छात्र हजारों रूपये प्रति माह होती हे बीएस इसी आर्थिक मदद को फर्जी आंकड़े और दस्तावेज दर्शा कर कोटा , बारां, झालावार, भरतपुर , सवाई माधोपुर सहित अनेक जिलों में अधिकारी और दलालों की सांठ गाँठ से करोड़ों का घोटाला हे इस मामले में कोटा भ्रष्टाचार निरोधक विभाग थाणे सहित विभिन्न जिलों के पुलिस थानों में अनेक अधिकारियों और संस्था प्रधानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हें लेकिन करोड़ों के घोटाले मामले में पुलिस और सरकार आज तक कुछ नहीं कर पायी हे और घोटालेबाज दलितों का हक मार कर भी मजे कर रहे हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान में सामूहिक विवाह अब मुश्किल हुआ
गरीबों को अख्ट्टा कर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने वाले समाजसेवक अब आसानी से विवाह सम्मेलन नहीं करवा पायेंगे राजस्थान में सामूहिक विवाह सम्मेलन के मामले में संस्थाओं और समाज सेवकों के लियें कानून बना दिया गया हे हाल ही में बनाये गये कानून सामूहिक विवाह सम्मेलन नियम २०१० में अब बालिग़ जोड़ों के प्रमाण पत्र , कलेक्टर से पूर्व अनुमति ,संस्था का पंजीयन , विधान प्रशासन को देना होगा साथ ही विशेष अंडर टेकिंग भी देना होगा इस कानून का उल्न्न्घन करने वाली संस्था के खिलाफ प्रशासन को दंडात्मक कार्यवाही करने के आधिकार दिए गये हें जिसमें जुर्माना और सजा दोनों हें राजस्थान में इस कानूनी जटिलता के बाद सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने वाली संस्थाओं की परेशानी बढ़ जायेगी। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
शरद पंवार फंसे मुसीबत में
देश में शकर सहित सभी खाद्य प्दार्तों की मूल्यवर्द्धि के लियें और कोंग्रेस को अपनी ऊँगली पर नचाने वाले मास्टर माइंड शरद पंवार को अब क्रिकेट आई पी एल का भुत लग गया हे वोह इस मामले में अभी चक्रव्यूह में फंस गये हें सभी पार्टियां इस मोके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते लेकिन चोर चोर मोसेरे भाई की तर्ज़ पर क्रिकेट से पहले बे आबरू होकर निकाले गये ललित मोदी शरद पंवार को क्लीन चित देने में लगे हुए हें अब देखते हें इस क्रिकेट भंवर से शरद पंवार केसे निकलते हें या फिर कोंग्रेस हमेशां की तरह ब्लेकमेल होकर खामोश देश के भ्रस्ताचार से समझोता कर चुप बेथ जाती हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा नगर निगम सफाई मामले में फिसड्डी
राजस्थान भर में साफ़ सफाई के मामले में कोटा नगर निगम फिसड्डी साबित हुई हे जयपुर राजस्थानी में तो सफाई ठेकेदार हडताल पर हें लेकिन कोटा नगरनिगम कभी सुरत तो कभी दिल्ली तो कभी मुंबई की तर्ज़ पर सफाई व्यवस्था का एलान करती हे और फिर सफाई व्यवस्था में फिसड्डी साबित होती हे वर्तमान में कोटा नगरनिगम क्सेथ्र की २० लाख से भी अधिक आबादी हे और यहाँ एक हजार पर चार सफाई कर्मी होना चाहियें लेकिन वर्तमान में नगर निगम में २० लाख पर कुल एक हजार सफाई कर्मी हें बाकी को ठेके पर लगाकर काम चलाया जा रहा हे सफाई के ठेके के मामले को लेकर यहाँ काफी महाभारत होती रही हे कोटा में सब अपनी पसंद के ठेकेदार को सफाई का ठेका देना चाहते हें और इसीलियें कमिशन बाज़ी के लालच में कोटा की सफाई का कोई धनी ढोरी नहीं हे और कोटा में सफाई व्यवस्था फिसड्डी हे लेकिन इन दिनों अगर गंदगी के हालात यही रहे तो यहाँ महामारी फेलने की पूरी संभावना हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
03 June 2010
कोटा रेल अधिकारी को खंगार मंजूर नहीं
कोटा में एक रेल अधिकारी सुधीर जी हें जिन्हें एक कर्मचारी भुवनेश खंगार के नाम के आगे खंगार लगाना मंजूर नही हे इन जनाब ने जब कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही का कोई कारण नहीं मिला तो इन्होने भुवनेश को नोटिस दे कर कहा के आप अपने नाम के आगे खंगार क्यूँ लिखते हें इस पर आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी ,रेलवे अफसर नें कर्मचारी को चेम्बर में बुलाया और इस मामले में कर्मचारी को चमार चमट्टे जेसे शब्दों से उत्पीडित कर गालियाँ दिन पेपरवेट फेंक कर मारा इस पर भुवनेश जब भिन्ग्न्जम्न्दी थाणे रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी और केवल लिखित रिपोर्ट पर नम्बर दाल कर उन्हें नम्बर दे दिया एक तरफ तो सुप्रीम कोर्ट देश के ग्रहमंत्री चीख चीख कर पुलिस को तुरंत लिखित रिपोर्ट देने पर एफ आई आर दर्ज करने का कहते हें लेकिन कोटा पुलिस में नया तरीका हे यहाँ एफ आई आर दर्ज नहीं होती हे परिवाद दर्ज कर टरकाया जा रहा हे अब बताओ फिर अदालत कोई जाकर अगर कार्यवाही करता हे तो पुलिस और पुलिसधिकारियों को बुरा क्यूँ लगता हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
सोनिया जी की जीवनी पर फर्जी किताब
देश में महिलाओं के लियें मां,पत्नी,बहुऔर ,राजमाता,नेत्रत्व की अनुकरणीय मिसाल कायम करने वाली शीर्ष नेता श्रीमती सोनिया गांधी पर आपत्तिजनक फिल्म आपत्तिजनक किताब से बवाल खड़ा हे कुछ लोग हें जो सोनिया जी के विश्व स्तर पर बढ़ते कद से परेशान हें और यही वजह हे के लोग आपसी षड्यंत्र कर उनकी छवि को धूमिल करना चाहते हें इसी तय्यारी में यह आपत्तिजनक किताब हे मीडिया को मोका मिला हे लेकिन मीडिया इसमें अगर सावधानी नहीं बरतेगा तो देश का भुत बधा नुकसान हो सकता हे देश में ऐसी किताबें ऐसी फ़िल्में रोकने का अपना अलग कानून हे फिल्म और किताब प्रतिबन्ध करने का दंड प्रक्रिया संहिता में प्रावधान हे और अभिषेक मनु सिंघवी यह खूब आच्ची तरह जानते हें इसलियें किताब के लेखक को पूर्व चेतावनी कानूनी हे दोस्तों इस मामले में सोनिया के खिलाफ मुहीम चलाने वालों को सबक सिखान का काम हम लोगों को भी करना चाहिए क्योंकि आज उन्हें हमारी जरूरत हे और उनका समर्थन ही हमारा देश हित हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
उदय भाई ने मुझे रुसवाई से बचाया
मेरे वरिष्ट ब्लोगर भाई उदय भाई नें आज मुझे मार्गदर्शित कर ब्लोगर दुनिया में रुसवा होने से बचा लिया दोस्तों मेनें पहले भी खा था की में नोसिखिया हूँ मुझे मेरे भाइयों के मार्गदर्शन की जरूरत हे बीएस मेने एक ब्लॉग में टाईपिंग मिस्टेक करदी जिसका अर्थ का अनर्थ हो गया मेने अपनी पोस्ट भेज दी मेरे दो साथियों ने मुझे धन्यवाद भी दिया लेकिन आज उदय भाई नें जब मुझे मेरी ग़लती का एहसास कराया तो मेरे रोंगटे खड़े हो गये और में उदय भाई का शुक्रगुजार हो गया दोस्तों आज ब्लोगर की दुनिया में इधर उधर की महाभारत की जगह उदय भाई के विचार की जरूरत हे प्यार दो प्यार लो ग़लती करने वालों की गलतियाँ गिनाओ मत उन ग़लतियों को सुधारने का रास्ता दिखाओ मेरा मानना हे के अगर हर ब्लोगर उदय भाई हो जाए तो बस ब्लोगर की यह दुनिया नफरत भुलाकर प्यार ही प्यार की दुनिया हो जायेगी सब एक दुसरे के प्रशंसक और मार्गदर्शक रहेंगे और फिर ब्लोगर्स की यह दुनिया जो नर्क के कगार पर खड़ी हे वोह खुद बा खुद स्वर्ग की दुनिया हो जायेगी उदय भाई एक बार फिर धन्यवाद। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
मोसम कुछ खुशनुमा हे लेकिन डोक्टर क्यों खुश हें
दोस्तों कोटा राजस्थान सहित देश के कुछ हिस्सों में बारिश होने के बाद खुशनुमा माहोल से लोग खुश हें हल्की फुलकी ठंडक का मज़ा ले रहे हें लेकिन डोक्टर और मेडिकल स्टोर वाले हें के उनके मन में कुटिल मुस्कान हे कहते हे के यह खुशनुमा मोसम बिमारी के आने का संकेत हे बारिश के बाद उमस और फिर मोसमी बीमारियों का आतंक बच्चों बूढों और नोजवानों को परेशान कर देता हे बस इन दिनों डोक्टर और दवा विक्रेताओं के मजे होते हें इसी लियें डोक्टर और दवा विक्रेताओं के चेहरे पर इस बेईमान मोसम की ठंडक की तरह छद्म मुस्कुराहट हे अब अगर बच्चे बूढ़े और नोजवान थोड़ा पूर्व में ही अहतियात बरत लें तो डेंगू,चिकन गुनिया , मलेरिया और एनी मोसमी बीमारियों से पहले से ही बच सकते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा में बारिश से खतरनाक ठंडक
कल कोटा सहित राजस्थान और देश के कुछ हिस्सों में बारिश से अखबार,टीवी और जनता गर्मी से राहत की सांस की बात कर रही हे लेकिन इस छद्म ठंडक के बाद होने वाली गर्मी और उमस के बाद फेलने वाली बीमारियों से डॉक्टरों को जो कमाई होने वाली हे इसकी ख़ुशी डॉक्टरों के चेहरे पर साफ़ देखने को मिल सकती हे अगर आपके घर परिवार में कोई डोक्टर हे या मेडिकल स्टोर व्यवसायी हे तो आप भी जानते होंगे के अब बीएस उनका एलान हे के हमारा सीजन आ गया हे यानि दोस्तों यह आराम ठंडक तो हे लेकिन इसमें जरा भी asaavc
देश हुआ आज शर्मसार
खिलाडी और सेना ने आज देश को शर्मसार कर दिया इजरायल यात्रा के दोरान लेफ्टिनेंट नें अपने तकनीकी सचिव की पत्नी के साथ उसकी इच्छा के खिलाफ उसका यों शोषण किया महिला की शिकायत पर लेफ्टिनेंट को इस्तीफा देना पढ़ा हे लेकिन इससे लेफ्टिनेंट के कृत्य की सजा उन्हें मिली नहीं हे अभी उन्हें इस मामले में सजा मिलना बाकी हे, इसी तरह देश की एक निशानेबाज़ खिलाड़ी महिला अमेरिका के एक बाज़ार में चोरी करती हुई रंगे हाथों पकड़ी गयीं यह खबर पुरे देश और विश्व में फेल गयी हे अब आप ही बताओ विदेश में निशानेबाज़ खिलाड़ी महिला चोरी के आरोप में पकड़ी जाए तो देश का सर तो शर्म से झुकेगा ही ना खेर मामला कुछ भी रहा हो लेकिन अब देश इस चोरी की आरोपी महिला की जमानत करवाने की जुगत में लग गया हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
शरद पंवार का अब कोंग्रेस के खिलाफ अलाप
मुंबई में शिवसेना भाजपा के समर्थक के रूप में छवि बनाने वाले शरद पंवार को आज अचानक मुसलमानों की याद आ गयी शरद पंवार ने आज अचानक कोंग्रेस के प्रधानमन्त्री से देश में मुसलमानों के लियें जस्टिस रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट तुरंत लागू करने की मांग की हे कोंग्रेस की सरकार में हिस्सेदार बने शरद पंवार के अहंक बदले सुर के इस अलाप से कोंग्रेस सांसत में हे क्योंकि कोंग्रेस ने रंगनाथ मिश्र की रपोर्ट के जिन्न को बड़ी मुश्किलों में बोतल में बंद क्या था लेकिन शरद पंवार ने इसे वापस ज़िंदा करके कोंग्रेस को मुसीबत में डाल दिया हे लोग कहते हें के शरद ने यह सब लोगों का ध्यान मंहगाई भुकमरी और मंत्रियों के भ्रष्टाचार से हटाने के लियें दिया हे मकसद चाहे जो भी हो लेकिन कोंग्रेस को मुस्लिम विरोधी होने के मामले में शरद ने एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
लक्ष्य विहीन भारत के नोजवान
जी हाँ हमारे देश का कल , हमारे देश का भविष्य युवा शक्ति इन दिनों लक्ष्य विहीन इधर उधर भटक रहा हे मुझे एक किस्सा याद आता हे एक ट्रेन में सफर के दोरान जब टीटी महोदय टिकिट चेक कर रहे थे तब एक नोजवान बड़ी बेकसी बेकली से घबराते हुए अपनी सारी जेबें,पर्स,अटेची टटोल रहा था और रेल का टिकिट ढूंढने की कोशिश कर रहा था अचानक टी टी ने नोजवान की परेशानी देख कर कहा के चलो रहने दो मेने मान लिया के तुम्हारे पास टिकिट हे इसलियें परेशान होने की जरूरत नहीं हे उस नोजवान ने टी टी को घूरा और कहा के में टिकिट आपको दिखाने के लियें थोड़ी ढूंढ़ रहा हूँ में तो टिकिट इसलियें ढूंढ़ रहा हूँ के मुझे आखिर यह तो पता चले के मेरी मंजिल कहां हे मुझे कहां जाना हे , तो दोस्तों आज का नोजवान भी इसी तरह लक्ष्य विहीन होकर जिंदिगी की दोद में भागा जा रहा हे कुछ तो पढाई के तनाव में डिप्रेशन में होकर अस्पताल में हें तो कुछ नोजवान आत्महत्याएं कर रहे हें , कुछ नोजवान हें के सडकों पर गलियों में नेता के नारे लगा रहे हे उसे लाने ले जाने के लियें भीड़ का हिस्सा बने हें , तो कुछ नोजवान हें के पान की दूकान या गली के किसी नुक्कड़ पर इस्कूल की बच्चियों को घूरते हुए अपना वक्त खराब कर रहे हें ब्लोगर भाइयों बहनों हमें कुछ ऐसी अलख जगाना होगी जिससे हमारा नोजवान तबका देश में विकास की सुरक्षा की संरक्ष्ण की नई उमंग भरे और देश का ऐतिहासिक विकास करने में अपनी ताकत लगाये। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
02 June 2010
राजस्थान के कोटा में चिकित्सा कर वसूली
राजस्थान के कोटा में पहले क्लेकित्री में आम आदमी का प्रवेश गेर लोकतान्त्रिक तरीके से निषिद्ध किया गया और अब संविधान की भावना के विपरीत सरकारी चिकित्सालय में भी मरीजों से २ रूपये दस रूपये की पर्चिया काट रहे हें ध्यान रहे के भाजपा शासन में जब इसे लागू किया था तो कोंग्रेस के नेताओं ने हंगामा खड़ा कर इस व्यवस्था को बंद करवा दीथी लेकिन अब हालात अजीब हें खुद कोंग्रेस काल में ही अवेध चोथ्व्सुली करना शुरू कर दी गये हे। वेसे कोंग्रेसी इस मामले में दबे शब्दों में विरोध कर रहे हें लेकिन ऐसी व्यवस्था से ग़रीबों और आम जनता को मुफ्त और त्वरित चिकित्सा देने की सरकार की मंशा असफल हो गयी हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
आइफा अवार्ड से फ़िल्मी सितारे दूर
विश्व का सबसे बढा फ़िल्मी अवार्ड आइफा फिल्म एवार्ड श्रीलंका में प्रस्तावित हे यह कार्यक्रम श्रीलंका में होने के कारण दक्षिणी भारतीय इस अवार्ड के बहिष्कार के सभी प्रयास कर रहे हें सुनते हें के दक्षिणी भारत के रजनीकांत हीरो नें अमिताभ बच्चन , सलमान, आमिर, शारुख को फोन कर इस अवार्ड समारोह में दक्षिणी भारतीयों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए नहीं जाने की गुजारिश की हे पहले तो बिग बी इसके लियें नहीं माने थे लेकिन अब जब उनकी रामायण फिल्म रिलीज़ होना हे उसके भविष्य को देखते हुए उन्होंने रजनीकांत का प्रस्ताव स्वीकार किया हे देखो अब फिल्मों में भी लिट्टे समर्थकों की राजनीति हावी हे इस पर भी एक जीवंत फिल्म बनाना चाहिउये। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान में तबादला उद्योग शुरू
राजस्थान में तबादला उद्योग अभी ज़ोरों पर चल रहा हे अपने इच्छित स्थान पर लगने के प्रयासों में जुटे कर्मचारी मास्टर नेताओं के चक्कर काटने लगे हें हालात यह हे के नेता और मंत्रियों के बंगले कार्यकर्ताओं और जरुरतमंदों से भरे पड़े हें इस तरह कुल मिला कर इन दिनों राजस्थान सरकार में तबादला उद्योग तेज़ी से चल रहा हे और इसी मामले को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं में मतदाताओं के साथ सर फुटव्वल जारी हे अब देखना हे के तबादला उद्योग का अंत कितना दुखद होता हे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अब वकालत के लियें भी पूर्व इम्तिहान
देश में अब वकालत करना आसान नहीं हे वकालत के पूर्व एल एल बी करने वाले छात्रों को बार कोंसिल ऑफ़ इंडिया का एक इम्तिहान पास करना होगा ,बार कोंसिल ऑफ़ इंडिया का यह अच्छा कदम हे लेकिन इसका तरीका अस्न्वेधानिक रखा गया हे इसमें पारदर्शिता का अभाव इसे बदनामी का कारण बना सकता हे एक तो यह परीक्षा खुद बार कोंसिल नहीं ले रहा हे दूसरी संस्था के माध्यम से परीक्षा करवाना बार कोंसिल की विश्वसनीयता को कम करता हे और आज जब सुचना का अधिकार कानून का बोलबाला हे तब रिजल्ट केवल पास फेल में देने की घोषणा नियत पर शक पैदा कर सकता हे इसलियें बार कोंसिल को यह प्रस्तावित रजिस्ट्रेशन इम्तिहान खुद अपने बल बूते पर लेना चाहिए साथ ही परिणाम में पारदर्शिता बरतते हुए छात्रों को उनके प्राप्त अंकों का विवरण और री चेकिंग की व्यवस्था रखना आवश्यक हे ताकि मेडिकल कोंसिल ऑफ़ इंडिया की तरह के घोटाले सामने नहीं आयें और बार कोंसिल ऑफ़ इंडिया की प्रतिष्टा बची रह सके। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोहिनूर हिना अब तो भारत लाओ
देश में ब्रिटेन की गुलामी की मानसिकता के चलते हमारे राजा महाराजाओं ने देश की शान कोहिनूर हीरा को क्वीन एलिजाबेथ को परोस दिया और उन्होंने इसे भारत की गुलामी की यादें ताज़ा रखने के लियें अपने ताज में लगवा लिया आज हमारे देश में सो कोल्ड राष्ट्रभक्तों यानी भाजपा का शासन भी रहा हे लेकिन उन्होंने देश की शान कोहिनूर हीरा ब्रिटेन से वापस देश में मंगाने के लियें कोई कूटनीति नहीं अपनाई हे आज हमारे देश को कोहिनूर की जरूरत हे लेकिन देश का कोई भी नेता इस काम के लियें सिरियस नहीं हे देखना यह हे के देश की शान आन बान की बात करने बाले राष्ट्रभक्त नेता देश के इस नायाब कोहिनूर हीरे को देश में लाने के लियें क्या राजनितिक प्रयास करते हें और या फिर गुलामी की मानसिकता को ताज़ा रखने के लियें कोहिनूर ब्रिटेन के कब्जे में ही रहने देते हें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
बंगाल में प्रणव जी को ममता की पटखनी
बंगाल में रेल हादसे को राजनीति से जोड़ कर नये सवाल खड़ा करने वाली ममता बनर्जी ने इस बार वहां निकाय चुनाव में अपना प्रचं लहरा दिया हे दिल्ली में कोंग्रेस की सरकार और फिर प्रणव जिसे जनता के दुःख दर्द का कोई भी अनुभव नहीं उन्हें चुनाव की कमान सोंपने के बाद तो तय था की जनता को महंगाई भुकमरी ग़रीबी जमाखोरी की सोगात देने वाले पर्ण की पार्टी को जनता मजा चखाएगी और चुनाव में ह़ा भी वही ममता के निति के आगे वामपंथी और कोंग्रेस सडक पर आ गये हें अब बंगाल में वामपंथियों का राज खत्म होने की और बढ़ गया हे शायद यह वामपंथियों का आखरी कार्यकाल हो / अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
गूगल की ग़लती अब सुधरेगी
गूगल ने इंटरनेट सर्च पर अलवर के भिवाड़ी को हरियाणा में ब्राया हे जबकि भिवाड़ी राजस्थान में हे इस मामले में हाल ही में इ टी वि राजस्थान ने एक खबर प्रसारित कर इस ग़लती को उजागर किया था गूगल में भिवाड़ी को राजस्थान के नक्शे में नहीं बलके हरियाणा के नक्शे में दर्शाया गया था जिससे काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई हे लेकिन सुनते हें खबर प्रसारित होने के बाद में गूगल के इंडिया प्रभारी जब राजस्थान आये तो उन्होंने इ टी वी से जाकर इस ग़लती को जल्दी ही सुधार कर भिवाड़ी को राजस्थान के नक्शे में बता कर नया नक्शा जारी करने का आश्वासन दिया हे अब आप भी गूगल की कुछ ग़लतियाँ हों तो उसे जल्दी सुधरवा दें लेकिन इसके लियें गूगल पर भारत का नक्शा ग़ोर से देखना होगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
थप्पड़ तो अभी खाया ही हे ब्लोगर में खबर छप गयी
मेरे ब्लोगर दोस्तों एक शेर हार थक कर जंगल में एक पेड़ के नीचे आकर सुस्ताने लगा पढ़ पर बेठे बन्दर ने जब शेर को मदहोश हालत में देखा तो उसने सोचा के शेर जंगल का राजा होता हे क्यों ना इसके एक थप्पड़ मार कर इसे सबक सिखाया जाए बस बन्दर नीचे उतरा और उसने शेर के मुंह पर ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया शेर थप्पड़ खा कर हडबडा कर उठा और जेसे ही उसने बन्दर को देखा वोह बन्दर पर लपका लेकिन बन्दर भागने लगा शेर ने सोचा के में तो जंगल का राजा हूँ अगर बन्दर ने यह बात अगर जंगल में फेला दी तो में खिन शक्ल दिखाने लायक नहीं रहूंगा इस लियें उसने बन्दर को लपक कर जान से मारने की ठान ली बन्दर आगे आगे शेर पीछे पीछे आखिर जंगल से बस्ती आ गयी लेकिन बन्दर शेर के हाथ नहीं आया बस्ती में एक सज्जन अखबार लेकर लेबटोप पर ब्लॉग लिख रहे थे लेकिन वोह बन्दर और शेर को देख कर भाग लिए बस फिर क्या था नकल में माहिर बन्दर जी लेबटोप पर अखबार मुंह पर लगा कर बेठ गये शेर जब आया तो वोह बन्दर को दूंधने लगा जब उसे बन्दर नहीं दिखा तो उसने लेबटोप पर मुंह छुपा कर बेठे बन्दर से पूंछा के ऐ आदमी तुने इधर से किसी बन्दर को जाते हुए देखा हे क्या इस पर बन्दर ने अखबार में मुंह छिपा कर ही आदमी की आवाज़ की नकल कर कहा के व्ही बन्दर जो अभी शेर के थप्पड़ मार कर भागा हे यह सुन हांफता कांपता शेर सर पकड़ कर नीचे बेठ गया और कहा हे राम थप्पड़ खाए हुए पांच मिनट भी नही हुए और इन ब्लोगर्स ने इसे ब्लॉग पर चाप भी दिया तो ब्लोगर दोस्तों आज हमारी ब्लोगर दुनिया की गति बहुत तेज़ हे और हालात यह हें के खबर सुचना विचार अआचार तेज़ी से आदान प्रदान हो रहे हें साथियों जब ब्लोगर की दुनिया कामयाबी की और हे तो फिर प्लीज़ इसे गंदा होने से बचाएं भाई चारा और सद्भावना की खुसबू और प्यार से इस ब्लोगर्स की फसल को लहरायें क्यूँ भाइयों बहनों आज से ऐसा ही कोरोगे ना । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
अजगर करे ना चाकरी जनता करे ना काम
दोस्तों पुरानी कहावत अजगर करे ना चाकरी अब नये रूप में अजगर करे ना चाकरी जनता करे ना काम के रूप में बदक गयी हे हमारे देश एन लोग हें के कुछ तो काम कर रहे हें तो काम ही कर रहे हें और कुछ हें के आराम कर रहे हें तो आराम ही कर रहे हें इस पर मुझे एक हास्य याद आता हे दो सुस्त लोग गार्डन में एक जामुन के पेड़ के नीचे लेटे थे के पास से में गुजरा एक सुस्त साहब ने मुझे रोका और कहा के भाई साहब यह जामुन जो पेड़ से गिरी हे मेरे मुंह में डाल दो मेने इस पर नाराज़ होते हुए उसे उपदेश देना शुरू किया के भाई इतनी सुस्ती भी किस काम की जामुन तुम्हारे पास पढ़ी हे उसे भी तुम उठा कर नहीं कहा सकते इस पर पडोस में पड़े सुस्त ने कहा के भाई साहब यह इतना बढा नालायक हे के कुत्ता मेरे मुंह पर पेशाब कर रहा था तो मेने इससे भगाने के लियें कहा लेकिन कुत्ते को इसने नहीं भगाया , में चकरा गया सोचा इन सुस्तों के मुंह क्या लगुन इसलियें मेने सुस्त के पास पढ़ी जामुन उठाई और सुस्त के मुंह में डाल कर जाने लगा सुस्त ने मुझे जाते हुए को रोका और जामुन चबाकर जब गुदा कहा लिया तो चिल्ला कर कहा के जामुन मुंह में डालकर कहां जाता हे मुंह में से गुठली क्या तेरा बाप निकालेगा। दोस्तों कहने को यह एक हास्य हे लेकिन आज हमारे देश में ऐसे परजीवी सुस्त लोगों की भरमार हे इसलियें हमारा देश पिछड़ रहा हे ऐसे हमारी ज़िम्मेदारी हे के हम ऐसे लोगों की पहचान करें उनके जमीर को जाग्रत करें उन्हें सोतो हों को जगाएं और इस देश की तरक्की में उन्हें भी शामिल कर इस देश को आगे बढाएं। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
01 June 2010
मन्दिर के चोर पकड़े गये
कोटा में मन्दिर से कलश चोरी करने वाले चोर पुलिस और स्थानीय लोगों की सजगता सतर्कता से पकड़ लिया गया हे कोटा के किशोर पूरा थाने में स्थित एक मन्दिर से स्मेक्चियों नें सोने का पानी चढा पीतल का कलश चुरा लिया बीएस फिर किया था पुलिस में मुकदमा दर्ज हुआ और शोर शराबा शुरू हो गया लेकिन कोटा पुलिस और स्थानीय लोगों ने मेंहनत कर स्मेक के आदतन शोकिन लोगों में से एक विशेष समुदाय के लोगों को पकड़वाया जिन्होंने मन्दिर का कर्ष चोरी करना कुबूल कर लिया हे कोटा पुलिस ने चोरों को तत्काल पकड़ कर तरह तरह की अफवाहों के बाज़ार को विराम दे दिया हे लेकिन इससे अब कोटा पुलिस को यह सीख लेना होगा के सभी धार्मिक स्थलों के आस पास पुलिस गश्त और निगरानी में बढ़ोतरी करें। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
क्रिकेट देश के लियें नहीं रुपयों के लियें
क्रिकेट देश के लियें नहीं रुपयों के लियें खेला जा रहा हे यह आरोप खेल संघ के सुरेश कलमाड़ी ने देश के क्रिकेटरों पर लगाया हे जो कुछ हद तक साबित भी हे , हाल ही में होने वाले प्रस्तावित एशियाड खेलों में क्रिकेट को भी शामिल किया गया हे लेकिन क्रिकेट के बी सी सी आई के करताधर्ताओं ने एशियाड में क्रिकेट खेलने इ इनकार किया हे क्योंकि अगर वहां क्रिकेट खेला जाता हे तो केवल नाम और जितने देश को गोरव मिलेगा लेकिन क्रिकेटरों और बिसिसिआइ को रूपये नहीं मिलेंगे इसी लियें एशियाड में क्रिकेटरों ने देश के लियें नहीं खेलने का एलान किया हे ऐसे में सुरेश कलमाड़ी की यह टिप्पणी की क्रिकेटर देश के लियें नहीं रुपयों के लियें खेलते हें एक डीएम वाजिब हे देश को इस बारे में सोच कर बिसिसिआइ और क्रिकेटरों पर अपना दबाव बनाना चाहिए। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
महंगा पानी फिर भी हानिकारक
देश में वी आई पी, आम आदमी को बाज़ार से महंगा पानी खरीद कर पीने के बाद भी स्वास्थ्य की कोई गारंटी नही हे पानी बनाने वालों से मिले जिला प्रशासन सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और पानी निर्माताओं से मिली भगत के चलते महंगे दामों में जनता को मोत बांटी जा रही हे हाल ही में दिल्ली में बोतल में गंदगी मिलने के बाद नये सवाल खड़े हो गये हें हमारे कोटा और राजस्थान में तो पीने के पानी में गंदगी आम बात हे पिछले दिनों एक कोंग्रेसी कार्यकर्ता ने जब एक पानी बनाने वाली कम्पनी के खिलाफ यह आवाज़ उठाई तो उसे अपने कोंग्रेसी नेताओं की लताड़ सुन कर ब्लेक मेलर के खिताब से पुरस्कर्त होना पढ़ा । पानी बोतलों में बंद करते वक्त उसपर पानी और क्या कितनी चीज़ हे उसकी प्रतिशतता अंकित नहीं होती हे और पानी शुद्धिक्र्ण के बाद दवा की श्रेणी में आ जाता हे इसलियें उस पर पानी भरने की तिथि और फार्मूला तथा क्या केमिकल कितनी मात्रा में भरा गया हे अंकित किया जाना जरूरी हे लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा हे और नियम कायदे तोड़ कर नेता मंत्रियों अधिकारियों के यहाँ मुफ्त में पानी पिला कर पानी की कम्पनियां मजे कर रही हें और इनके खिलाफ जनता की आवाज़ दब कर रह गयी हे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
कोटा कोंग्रेस फिर कोंग्रेस से हारी
कोटा के जिला परिषद की समितियों के चुनाओं में एक बार फिर कोंग्रेस हार गयी हे याद रहे यहाँ कोंग्रेस बहुमत में थी फिर भी क्रोस वोटिंग और कोंग्रेस की गद्दारी के कारण भाजपा के जिला प्रमुख ने कोंग्रेस को हरा दिया । कोंग्रेस के दिल्ली हाई कमान ने खूब जांच की लेकिन गद्दार का वोह पता लगा कर उसे सजा देने में नाकामयाब हे नतीजा यह निकला के कल जिला परिषद की समितियों के चुनाओं में एक समिति में जब कोंग्रेस नें मंजू मेहरा को खड़ा किया जिसमें तीन कोंग्रेस और दो भाजपा के वोट थे तो फिर कांग्रेस के ही बागी मन्नालाल गुर्जर इस समिति में खड़े हो गये बीएस किया था एक मन्ना लाल और दो भाजपा के मिल गये और कोंग्रेस की उम्मीदवार एक बार फिर हार गयीं कोंग्रेस में क्रोसवोटिंग की अनुशासन हीनता अगर सख्त कार्यवाही कर नहीं रोकी गयी तो आने वाले कल में कोंग्रेस को कोटा में भाजपा के सामने कोंग्रेस के कार्यकर्ता ढूंढते ही रह जायेंगे। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
ब्लोग्स की गिनती थ्री नोट थ्री
ब्लोगर भाइयों बहनों बुजुर्गों दोस्तों और दुश्मनों में ब्लॉग की दुनिया में ७० दिन पहले आया और मेने हिंदी की टैप नही आने पर भी हिंदी में ब्लॉग लिखने का फेसला किया मेने मेरे बच्चे से ब्लॉग बनवाया इस ओपरेट करना सिखने की कोशिश की यकीन मानिए मुझे अभी भी ब्लॉग खोलने और कन्वर्टर पर टैप करने के लावा कुछ नहीं आता हे लेकिन आप लोगों के आशीर्वाद और प्यार से मेरा होसला बधा मामूली से नोसिखिये ब्लोगर के रूप में मी खुद को स्थापित किया और मजे की बात यह हे के नोसिखिये ब्लोगर्स की साख अभी भी मेने बना रखी हे उसमें कोई परिवर्तन में नहीं लाया हूँ भाइयों और बहनों मेने इन ७० दिनों में ३०० से अधिक यानी ३०३ ब्लॉग लिख डाले शभी ब्लॉग एक से एक बोरिंग कंदम थे इसी लियें में गिस्द्दी का फिसड्डी रहा लेकिन ब्लोगिंग दुनिया में मुझे जो सिखने को मिला वोह में आप लोगों से शेयर करना चाहता हूँ आप लोगों को मेरे विचार अच्छे लगें तो मेरी पीठ मत थपथपाना लेकिन अगर बुरी लगे तो लताड़ जरुर पिलाना प्लीज़ इसमें कंजूसी ना करना, मेने ब्लॉग की दुनिया में छोटे बढ़े स्त्री पुरुष देशी विदेशी सभी के ब्लॉग देखे सच तो यह हे अखबारी संपादन काल में जो साहित्य में धुन्धता था उससे भी बेहतरीन साहित्य मुझे ब्लोगर्स के साथ मिला बहन काव्य मंजूषा की मधुर कोकिला आवाज़ खुबसुरत अलफ़ाज़ शीरीं की तरह लगे तो बहन फिरदोस के लफ्ज़ मेरी दुनिया से अजीब लेकिन सच लगे खुश दीप जी , ललित डोट कोम का मिल्न देखते बनता हे तो जलजला भाई ने तो आकर धूम मचा दी जागो हिन्दू अपनी धुन में मस्त रहे तो सलीम भाई का स्वदेश में ब्लॉग लेखन का अंदाज़ दी को छूने वाला रहा दिनेश राय जी द्विवेदी का तो कहना ही किया अदालत ब्लॉग पर ही खोल कर रख दी जबकि भडास भाई ने तो दिल के सभी चाले साफ़ साफ़ अंदाज़ में फोड़ कर रख दिए लेकिन कुछ गंदगी कुछ शोर कुछ इर्शिया से में आहत हुआ ब्लॉग पर पहली बार मेने वर्ड वार वर्ड यानी दुनिया वार यानी युद्ध वर्ड यानी शब्द वार यानी युद्ध यानी शब्द युद्ध मेने पहली बार ब्लॉग पर देखा दोस्तों मेने २५ वर्षों तक दादागिरी वाली पत्रकारिता की हे जबकि पुराने इलाके में रहने के कारण रोजमर्रा चाकू मारने थोड़ी सी बात पर मां बहन एक करने और हत्या तक करने वालों के बीच में रहने और फिर २० साल की आपराधिक लोगो की वकालत के अनुभव में मुझे इतने घटिया अलफ़ाज़,गंदे विचार ,लफ्फाजी देखने को नही मिली जो मेने ब्लॉग की दुनिया में देखी हे कहते हें एक मछली सारे तालाब को गंदा करती हे लेकिन तालाब में तो बहुत गंदी मछलियाँ हे दोस्तों लेकिन कुछ खुशनुमा लोग हें जो इतनी गंदगी के बाद भी इस ब्लोगर्स की दुनिया को महका रहे हें ब्लोगर्स जूनियर सीनियर महिला पुरुष हिन्दू मुसलमान बाप बेटे में बंट कर रह गये लेकिन ब्लोगर बनने की कोशिश किसी नें नहीं की , दोस्तों एक शरीर की तरह ब्लोगर्स में कुछ ब्लॉग शीर्ष पर रहने से माथा बन गये हें तो कुछ खुबसुरत जुल्फों की तरह संवर रहे हें कुछ हें के हाथो की तरह ताकत दे रहे हें तो कुछ पेरों की तरह भागने को मजबूर कर रहे हें कुछ ब्लॉग तो दिल की धडकन हें तो कुछ ब्लॉग फेफड़ों में साँसें भर रहे हें कुछ ब्लॉग नाक में सुगंध देते हें तो कुछ कानों मीठी आवाज़ सुनाते हें हाँ कुछ ब्लॉग हें जो पेट में मरोड़ भी करते हें लेकिन दोस्तों वोह मरोड़ यादो गंदी हवा बन कर बाहर निकल जाती हे या फिर सुभ लेट्रिन बन कर बह जाती हे तो दोस्तों गंदगी ज्यादा देर नहीं रहती या तो उढ़ जाती या फिर बह जाती हे तो फिर ऐसी गंदगी के लियें क्यूँ हम अपना मुद खराब करे तो मेरे अच्छे अच्छे प्यारे प्यारे ब्लोगर भाइयों बहनों दोस्तों बुजुर्गों प्लीज़ आपस में गले मिलो खुशियाँ बांटो। अपनापन बांटो अच्छा लिखो अच्छा पढो और सब मिलकर बुराई और बुरा लिखने वाले का प्रतिकार करो तो आओ फिर से हम ब्लोगर्स की दुनिया के हेवानों को भगा कर ब्लोगर्स की दुनिया हेवन यानी जन्नत बनाएं जहां बीएस अच्छी सिख और प्यार ही प्यार हो क्यूँ बहुत हो गयी ना मेरी बकवास अच्छा अब में चलता हूँ फिर ज़िंदा रहने तक बोर करता रहूंगा। अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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