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15 जुलाई 2010

दो शरीफ कुत्ते

बीच सडक पर
दो शरीफ कुत्ते
चले जा रहे थे
एक ने दुसरे से कहा
यार
इंसानियत क्या चीज़ होती हे
दुसरा
कुछ जवाब देता

इसके पहले ही
पहले का पाँव दुसरे पर पढ़ गया
दुसरे ने इस पर
एतराज़ जताया
पहले तू तू में में
फिर
एक दुसरा
एक दुसरे पर गुर्राया
पहले कुत्ते ने
गुस्से में आकर आखिर
दुसरे से कह ही दिया
मुझसे मत अडो
कहीं ऐसा न हो
मेरे अंदर का इंसान
जाग जाए
और फिर बस
खून खराबे के अलावा कुछ ना बचे
दुसरे ने कहा
कुत्ते भाई
शायद आपकी इसी बात को
इंसानियत कहते हें
और फिर बेचारे
दोनों
शरीफ कुत्ते
उनके अंदर की
इंसानियत ना जाग जाए
इसी डर से दुम दबा कर
अलग अलग हो लिए ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

2 टिप्‍पणियां:

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