वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित देवकी नंदन शर्मा का भगवद्गीता ज्ञान जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प,
भगवत गीता आम साधक को समझ में क्यों नहीं आती, इसे आम भाषा में जन जन तक पहुंचाने में अब तक कहाँ, क्या क्या कमियां रहीं, इसके लिये जिम्मेदार कौन, गलती कहां रही, इस विषय पर भी पंडित देवकी उनके सकारात्मक ज्ञान , अनुभवों के आधार पर वर्तमान पीढ़ी को समझाइश कर गीता ज्ञानी साक्षर बनाने के अभियान में जुटे हैं,
कोटा, राजस्थान।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सेंट्रल नोटरी पंडित देवकी नंदन शर्मा इन दिनों अपने विधिक दायित्वों के साथ-साथ श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक संदेश को घर-घर पहुँचाने के व्यापक अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि समाज में नैतिकता, कर्तव्यबोध, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए गीता का संदेश आज पहले से अधिक प्रासंगिक है।
बी.ए., एल.एल.बी., डी.एल.एल. तथा ई.डी.पी. (सी.बी.आई.) की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले देवकी नंदन शर्मा वर्षों से विधि क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं। अब वे अपने अनुभव और आध्यात्मिक अध्ययन को समाजहित में समर्पित करते हुए गीता के प्रचार-प्रसार का अभियान चला रहे हैं।
उनका कहना है कि एक शताब्दी से भी अधिक समय से गीता प्रेस तथा अन्य अनेक संस्थाओं द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का व्यापक प्रकाशन और वितरण किया जा रहा है तथा यह विश्व की सर्वाधिक पढ़ी और बिकने वाली धार्मिक पुस्तकों में शामिल है। इसके बावजूद उनका मत है कि गीता के जीवनोपयोगी सिद्धांत और व्यावहारिक संदेश अभी भी समाज के बड़े वर्ग तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच पाए हैं। उनके अनुसार इसका प्रमुख कारण प्रचार-प्रसार की पद्धतियों में अपेक्षित व्यापकता और आधुनिक माध्यमों का पर्याप्त उपयोग न होना है।
इसी उद्देश्य से पंडित देवकी नंदन शर्मा ने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी जनजागरण का अभियान प्रारम्भ किया है। इस मंच पर वे गीता के श्लोकों, उनके सरल अर्थ, जीवनोपयोगी संदेश, आध्यात्मिक चिंतन तथा वर्तमान समय में गीता के प्रभावी प्रचार-प्रसार के उपायों पर नियमित विचार साझा करते हैं।
शर्मा का विश्वास है कि यदि गीता के संदेश को सरल भाषा, आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जाए तो समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, आत्मअनुशासन और सकारात्मक जीवन-दृष्टि को नई मजबूती मिल सकती है। इसी सोच के साथ वे देशव्यापी "घर-घर गीता, जन-जन गीता" अभियान को गति देने का प्रयास कर रहे हैं।
परिचय:
ऐडवोकेट पंडित देवकी नंदन शर्मा
बी.ए., एल.एल.बी., डी.एल.एल., ई.डी.पी. (सी.बी.आई.)
सेंट्रल नोटरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता
कोटा, राजस्थान
मोबाइल: 9829647667
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