भाजपा ने कोटा सहित समूचे राजस्थान में ,, नगर निकाय और पंचायत चुनाव जीतने के लिए अलग अलग टीमें बनाकर , तय्यारियाँ शुरू कर दी है ,, कॉग्रेस और कोंग्रेस का नेतृत्व तो अभी बेखबर है ,,इधर भाजपा ने कोटा में तो कांग्रेस में गुटबाज़ी को और बढ़ावा देने के लिए , सोशल मिडिया टीम और ज़रखरीद कुछ पत्रकारों को भी गुटबाज़ी की खबरें भड़काने , कांग्रेस के हर, कार्यक्रम , बैठक ,धरना प्रदर्शन जो भी हो ,उसे कांग्रेस गुटबाज़ी के रूप में प्रचारित कर आपस में कोंग्रेसियों को भड़काने का टेंडर भी दे दिया है , लेकिन कांग्रेस की स्थिति बावजूद इन सब के , कोटा सहित राजस्थान भर में निकाय और पंचायत चुनावों में मज़बूत बनी हुई है ,, भाजपा ने निकाय और पंचायत क्षेत्रों में गरीब , निर्धन , ज़रूरतमंदों को , उनकी ही क़ब्जेशुदा,, मालिकाना हक़ की ज़मीन के पट्टे विधि अनुसार सभी कमी पूर्ति करने के बाद भी एक भी पट्टा जारी नहीं किया है, उल्टा शहरीकरण के नाम पर गाँवों की ज़मीनों पर निकाय के नाम पर क़ब्ज़ाई है ,, अतिक्रमण मामले में पक्षपात ,, मनमानी की हदें पार हैं , पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को बेवजह ,,व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते हटाना ,,राजस्थान हाईकोर्ट में ऐसे निलंबन को अवैध घोषित करने ,,जवाब तलब करने के बाद भी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का रथ थामने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों के हर विकास कार्य में अड़चन बनी हुई है ,, कोटा सहित सभी ज़िलों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा सांसद और विधायकों द्वारा जनता से किये गए वायदे पूरे नहीं किये है ,,कृषि विभाग के घोटाले में खुद मंत्री के नाम पर रिश्वत का आरोप लगने के बावजूद भी ,,सरकार की चुप्पी है ,, क़ानून व्यवस्था जिस तरह की है सभी जानते है, यातायात व्यवस्था बाधित है ,, किसानों के लिए खाद , बीज , सिंचाई और क्षतिपूर्ति राशि की शिकायतों ,, पक्षपात ,, टालमटोल की लाखों शिकायतें है ,,,सरकार के खिलाफ आम जनता में फेल्योरगिरि का माहौल बना हुआ है , इसके बावजूद भी भाजपा राजस्थान ,, खासकर कोटा में निकाय और पंचायत चुनाव में जीत के सपने देख रही है , सपने ही नहीं देख रही ,एक सुनियोजित रणनीति बनाकर ,,हारी हुई बाज़ी जीतने की कोशिशों में है , इसके लिए भाजपा कोटा में फूलछाप कोंग्रेसियों ,, जो अक्सर अंडर दी टेबल भाजपा की मदद करते हैं , उन्हें चिन्हित कर चुकी है ,, वार्डों के सीमांकन में विपक्ष की चुप्पी का फायदा यह भी है के भाजपा ने वोटों की कास्ट रणनीति बनाकर ,, किस कास्ट के उम्मीदवार किस वार्ड में उतारना है और वोट काटने के लिए क्रॉस वोटिंग के उद्देश्य से किस कास्ट के व्यक्तियों को निर्दलीय के रूप में लड़वाना है ,,यह तक रणनीति बना ली गई है,,,इधर कांग्रेस ने निकाय चुनाव को लेकर कोई रणनीति नहीं बनाई है, गुटबाज़ी आम लोगों को साफ़ नज़र आ रही है , संगठन स्तर पर , प्रदेश स्तरीय कार्य्रकम अभी बनाये ही नहीं गए है ,, जबकि कोटा में कांग्रेस की गुटबाज़ी भड़काने ,, गुटबाज़ी को उकसाने ,, आपस में वाद विवाद पैदा करने के लिए कुछ कांग्रेस के फूल छाप बयान वीरों , सोशल मिडिया एक्टिविस्टों ,,,कुछ ज़रखरीद कथित पत्रकारों को इस मामले में हर कार्यक्रम , हर बैठक , हर धरना , हर प्रदर्शन में गुटबाज़ी के एकंगल को तलाशने इस की खबर बनाकर प्रचारित करने का ठेका लगभग दे दिया गया है , जो टिकिट चयन ,, टिकिट वितरण के बाद कांग्रेस गुटबाज़ी में भड़क कर व्यक्तिवाद को तरजीह देते हुए ,,बागी कोंग्रेसियों को निर्दलीय प्रत्याक्षी बना सकें , ताकि कांग्रेस वोट , भाजपा से शासन की नाराज़गी का वोट बिखर जाए और भाजपा उनके अपने वोटों को समेट कर निकाय चुनाव में खुद की हारी हुई बाज़ी जीत सके , कोटा निकाय चुनाव में निर्वाचित पार्षदों द्वारा व्हिप जारी होने के बावजूद भी निगम में उपमहापौर चुनाव में निर्दलीय की जगह भाजपा प्रत्याक्षी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी वोट देने की परम्परा रही है , फिर निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकिट से जीतकर महापौर सहित कई निर्वाचित पार्षद कांग्रेस को ठेंगा बताकर भाजपा में शामिल हुए है , सभी जानते है , जबकि ग्रामीण क्षेत्र में , जिला परिषद के चुनाव में दो बार बहुमत होने के बावजूद भी कांग्रेस के निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों ने ,,भाजपा प्रत्याक्षी के पक्ष में खरीद फरोख्त रणनीति के तहत वोट डालकर कांग्रेस के प्रत्याक्षी को डंके की चोट पर हराया है , यह भी एक इतिहास है , ऐसे में ऍन वक़्त पर कांग्रेस की जिला कार्यकारिणी जो प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने जारी की है , वोह भी थोड़ा बहुत आग में घी का काम कर रही है , खेर अभी वर्तमान में कांग्रेस की मज़बूत स्थिति है , लेकिन कोटा में गुटबाज़ी में बटी कंग्रेस का मुक़ाबला कुशल रणनीतिकार ,, कई कोंग्रेसियों के मित्र ,,लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतर्त्व से होगा ऐसे में अगर कोटा बूंदी क्षेत्र में कांग्रेस ने कोई सेफ कवचधारी व्यवस्था रणनीति नहीं बनाई तो भाजपा हारी हुई बाज़ी जीत में बदलने के प्रयासों में सफल हो सकती है,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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