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29 जुलाई 2026

गुरु की वाणी नहीं, जीवन भी देता है दिशा; जप-तप से आत्मा होती है निर्मल

गुरु की वाणी नहीं, जीवन भी देता है दिशा; जप-तप से आत्मा होती है निर्मल
गुरु पूर्णिमा पर रामपुरा जैन संघ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, संतों ने बताया गुरु और चातुर्मास का महत्व
✍️ के.डी. अब्बासी
दैनिक डिजिटल भास्कर पत्रिका न्यूज़
कोटा, 29 जुलाई। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ, रामपुरा में चल रहे वर्ष 2026 के चातुर्मास के दौरान बुधवार को गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। आचार्य प्रवर 1008 श्री हीराचन्द्र जी म.सा., भावी आचार्य श्री महेंद्र मुनि जी म.सा., संत रत्न आज्ञानुवर्ती पूज्य श्री नंदीषेण मुनि जी म.सा., पूज्य श्री योगेश मुनि जी म.सा. एवं पूज्य श्री जितेन्द्र मुनि जी म.सा. के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
पूज्य श्री जितेन्द्र मुनि जी म.सा. ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति पूर्ण श्रद्धा और समर्पण का पर्व है। गुरु के चरणों में रहने वाला शिष्य निश्चिंत रहता है, क्योंकि गुरु ही उसके जीवन की जिज्ञासाओं का समाधान कर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ, शासन, जिनवाणी और गुरु की निंदा आत्मा के पतन का कारण बनती है।
श्रद्धेय श्री योगेश मुनि जी म.सा. ने कहा कि जहां गुरु का सान्निध्य होता है, वहां अज्ञान और मोह रूपी अंधकार स्वतः समाप्त हो जाता है। गुरु केवल अपनी वाणी से नहीं, बल्कि अपने जीवन और आचरण से भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि "गुणों से भारी वही गुरु है, गुरु की जबान ही नहीं, जीवन भी बोलता है।" गुरु हमारे भीतर छिपी योग्यताओं को जागृत कर जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मसाधना, संयम और आत्मशुद्धि का सर्वोत्तम काल है। जप, तप, उपवास, एकासन, बेला, तेला और अठाई जैसी आराधनाओं से आत्मा कर्मों के बंधनों से हल्की होती है तथा कषायों का क्षय होता है।
संघ के अध्यक्ष पंकज मेहता ने बताया कि चातुर्मास के दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने एकासन, बेला, तेला एवं अन्य तपस्याएं ग्रहण की हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म लाभ लिया। उन्होंने बताया कि संतों के प्रवचन प्रतिदिन प्रातः 8:45 बजे से 9:45 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में अनिता गांधी ने प्रवचन वाचन किया तथा सभा का संचालन मंत्री अनिल दक ने किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रामपुरा स्थित श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और सभी ने संतों के सान्निध्य में धर्म लाभ प्राप्त किया।
 

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