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19 जून 2026

कोटा कोचिंग तबाह ओर बर्बाद हो रहा है, टैक्सों, मोटी फीस से लोग त्रस्त हैं लेकिन 15 सालों से आज तक कोटा सांसद ने कोचिंग को लाइफ़ सपोर्ट देने के लिए कोई योजना नहीं बनाई,

 

कोटा कोचिंग तबाह ओर बर्बाद हो रहा है, टैक्सों, मोटी फीस से लोग त्रस्त हैं लेकिन 15 सालों से आज तक कोटा सांसद ने कोचिंग को लाइफ़ सपोर्ट देने के लिए कोई योजना नहीं बनाई, ना ही लोकसभा में जी एस टी कम करने सहित , कोई सुझावात्मक आवाज़ उठाई, कोटा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर ललकार लगाई तो, भाजपा और समर्थित जर्नलिस्टों के पेट में मरोड़ उठ गई, मंत्री, सन्तरी की तो कोई बात नहीं , वोह लोग जिन्होंने अपने मज़हब के ख़िलाफ़ भाजपा की गतिविधियों के चलते कभी भाजपा को वोट नहीं दिया, जो अंगूठा टेक है, सिर्फ शो पीस के रूप में फोटू, लपडों से बचने के लिये भाजपा से जुड़े हैं वोह तक, रिसर्च स्कॉलर बनकर बयानबाज़ी करते हुए, सलाह देते हुए नज़र आये, हम भी जानते है किसानों के खाट आंदोलन की तरह चवननों की राहुल को कोचिंग की आवाज़ बनने की सलाह संगठन के लिये, कोंग्रेस का वोट बढाने के लिये ज़ीरो होगी, लेकिन राहुल तो राहुल है वोह संगठन को मजबूत करने पर, एक जुट करने पर कम बहुत कम फोकस करते है, ओर किसान, मज़दूर, बेरोज़गार, युवा, छात्रों , शिक्षा, चिकित्सा के मुद्दे राष्ट्रहित में उठाते हैं, कोटा लोकसभा क्षेत्र स्थित, हम जानते है कोटा में राहुल का इवेंट शो कोंग्रेस को संजीवनी देने के मामले में जीरो रहेगा, लेकिन कोचिंग, प्रवेश परीक्षा लूट, पेपर लीक मुद्दा तो देश के सामने आया, ओर भाजपा, कोटा भाजपा हताश होकर बोखला गई, कोटा कोचिंग सिटी ,, की सांसें उखड रही है , कोचिंग गुरु ,, कोटा से अलग हट कर अपना अधिक कमाई का विकल्प तलाश रहे हैं कुछ कोचिंग व्यापारियों ने तो कोटा कोचिंग का विकेन्द्रीकरण कर हर राज्य में ब्रांचेज खोलकर बच्चों को वही रोक दिया है , जबकि बिहार में तो खुलकर अघोषित विक्रय पार्टनरशिप हुई है , कोटा का व्यापार , कोटा का हॉस्टल व्यवसाय , सभी कुछ उखड़ने लगे हैं ,बचा खुचा माहौल कोटा में होने वाली आत्महत्याओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने , जांच विश्वसनीय नहीं होने से ,, कोटा के कोचिंग ऐडमिशन्स पर भी खतरनाक तरीके से फ़र्क़ पढ़ा है , नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री और कोटा सांसद ,, लोकसभा अध्यक्ष ओम जी बिरला के सांसद निर्वाचन के बाद से कोचिंग को ऑक्सीजन मिलने की जगह जी एस टी , किताबों ,, कागज़ों , पेन , पेन्सिल पर जी एस टी बढ़ने से अतिरिक्त बोझ पढ़ा है ,इधर कोचिंग महंगा होने ,,छात्रों के स्ट्रेस में होने से आत्महत्याएं , कोचिंग फेक्टर कोटा के खिलाफ होने से रोज़गार के अवसर भी प्रभावित हुए है , जबकि कोचिंग में जो सेलेक्ट है , उनके बल्ले बल्ले ,, जो रिजेक्ट है,उनके पास वैकल्पिक अवसर नहीं होने से वोह डिप्रेशन में हैं , कुछ आत्महत्या कर रहे हैं तो कुछ नशे के आदतन होकर अपराधिक गतिविधियों में लिप्त भी हो रहे हैं , कोचिंग के छात्र नीट , जै ई ई की मोटी फीस केंद्र सरकार को देते है , जबकि अन्य परीक्षाओं में भी केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं ,. प्रवेश परीक्षाओं को , छात्रों से लूट खसोट और अवैध चौथवसूली के ज़रिये लूट का हिस्सा बना रखा है ,, ऐसे में जिन्हे इन मुद्दों पर कोटा की आवाज़ लोकसभा में कोचिंग स्टूडेंट आवाज़ बनकर ,, लोकसभा में आवाज़ उठाना थी ,, कोटा कोचिंग में , फीस , जी एस टी ,स्टूडेंट की किताबों ,, पेन ,, पेन्सिल सहित अन्य मामलों में छूट मिले, ऐसी सुविधाएँ केंद्र सरकार से दिलवाने के लिए आवाज़ उठाना थी वोह कुछ भी तो नहीं हुआ, और फिर जब कोटा सांसद खुद ही लोकसभा अध्यक्ष बनकर शीर्ष पद पर बैठे हो तो फिर तो कोटा कोचिंग जो वेंटिलेटर पर आ गया है उसे तो वैकल्पिक रियायतें दिलवाकर ,, सुविधाएँ दिलवाकर ,,पैकेज देकर ऑक्सीजन देना था ,, ताकि कोटा के हॉस्टल व्यवसाई , अन्य व्यापारी स्थानीय ट्रांसपोर्टेशन ,,मेस वगेरा के रोज़गार से जुड़े लोग क़र्ज़ में डूबे होने से त्राहि त्राहि नहीं करते , लेकिन कोचिंग की ,कोटा की , कोटा के छात्र , छात्राओं , अभिभावकों की किसे फ़िक्र है ,बस सत्ता आ गई , कांग्रेस के भीतरघातियों ने चुनाव जितवा दिया और सब कुछ सामान्य हो गया ,, खेर लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी जब भी आवाज़ उठाते है , उन पर निजी हमले होते है , आवाज़ दबाने की कोशिश की जाती है ,, लोकसभा में बोलने नहीं दिया जाता ,, ज्वलंत मुद्दों पर बहस की इजाज़त नहीं मिलती ,,अवसर मिलने पर सदस्य्ता तक बिना किसी अपील आदेश की प्रतीक्षा के ख़ारिज कर दी जाती है तो फिर कोटा सहित देश भर के बेरोज़गार नौजवानों ,, कोचिंग छात्रों जिनसे मोटी फीस वसूली जा रही हैं ,. प्रवेश शुल्क ,, आवेदन शुल्क के नाम पर नौकरियों , एम बी बी एस , आई आई टी सहित अन्य प्रवेश परीक्षाओं आम छात्र , छात्राओं को मोटी रक़म लेकर लूटा जा रहा है ,, तब राहुल गांधी का कोटा सांसद द्वारा कोटा कोचिंग को ऑक्सीजन देने ,, पेपर लीक मामले में चुप्पी साधने ,, वगेरा वगेरा मामलों को लेकर कोचिंग सिटी कोटा लोकसभा अध्यक्ष के संसदीय क्षेत्र कोटा से ही यह आवाज़ उठाना थी , और राहुल गांधी उनके गैर कोंग्रेसी पेड वर्कर चवननो की गलत सलाह के बावूजद भी इस अभियान में कामयाब हुए , वोह बात अलग है के कोटा में राहुल गांधी के इस अभियान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से संगठन को नुकसान हुआ है , दिखावटी तोर पर स्थानीय ओर प्रादेशिक नेता लोग एक जुटता की एक्टिंग करते नज़र आये ,,अलग थलग भी रहकर,,हम हैं साथ साथ भी नज़र आये ,, लेकिन क्या यह स्थाई एकजुटता है , यह तो बिखरे हुए कोंग्रेसी नेता ही अपने दिल पर हाथ रखकर खुद की धड़कनों से पूछ कर हमें बताएँगे तभी पता लगेगा ,,,भाजपा के शासन में राहुल गांधी के पोस्टर हटाए गए ,, बेरियर लगाने का प्रयास किया गया ,, भाजपा के नेताओं का जमावड़ा कोटा में किया गया , हंगामा करने के लिए भाजपा विचारधारा के छात्रों को उकसाया गया ,,यहां तक के देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप के साथ पुलिस की धक्का मुक्की करवाई गई , योजना थी के कार्यर्कता भड़के , विवाद हो और राहुल गाँधी का कार्यक्रम बिगड़ जाए , लेकिन सभी ने सब्र से अक़्ल से एक जुटता से काम लिया और राहुल कोटा मामलों में लोकसभा में पक्षपात के चलते, जिन स्टूडेंट्स से लूट के मुद्दों पर वोह चर्चा करवा पाने में असफल होते उन मुद्दों पर वोह कोटा में बहस करके चले गए , के अनुत्तरित सवाल सरकार खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पाले में छोड़ गए, ,सरकार द्वारा प्रवेश परीक्षाओं के नाम पर करोड़ों की फ़ीस वसूली , पेपर लीक होने के बाद ज़िम्मेदार मंत्री जी के पक्ष में पूरी सरकार का खड़ा होना , उनसे नैतिकता के नाम पर इस्तीफे तक की ना कहना , डिप्रेशन में छात्रों में निराशाजनक माहौल होना हर मुद्दे को राहुल उजागर करके गए हैं ,, राहुल के चवन्ने अगर संगठन के चहेते होते तो ,,राहुल की यह कोटा यात्रा कांग्रेस के कार्यर्कताओं , पदाधिकारियों के लिए भी मज़बूती का सदेश देती लेकिन संगठन मज़बूत करने की तो चवननो की सोच ही नहीं है ,, इसलिए कोई एक्शन प्लान भी नहीं है , केवल भाषणों से संगठन मज़बूत नहीं होता , करके दिखाना पढ़ता है ,, सख्त होना पढ़ता है , कार्यकर्ताओं से संवाद कर उनकी मन की बात सुन्ना पढ़ती है , ,चवन्ने ऐसा होने नहीं देते ,, लेकिन फिर भी कोटा सांसद के क्षेत्र में कोचिंग छात्रों की उपेक्षा , उनसे प्रवेश शुल्क के नाम पर चौथवसूली कर करोड़ों करोड़ रूपये की सरकारी कमाई , पेपर लीकेज और इन सभी मुद्दों पर कोटा सांसद ओम जी बिरला की चुप्पी ,, कोचिंग को राहत पैकेज नहीं , कोचिंग जी एस टी की माफ़ी नहीं वगेरा वगेरा ऐसे मुद्दे है जो राहुल ने कोटा सांसद लोकसभा अध्यक्ष के पाले में डाल दिए है अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा अगर योजना बनाई जाए तो कोटा कोचिंग को फिर से ऑक्सीजन मिल सकती है ,, कोटा फिर भी आबाद हो सकता है , यह बात भाजपा के विधायकों ,,मंत्रियों ,, कार्यर्कताओं को भाजपा की गुलामी से ऊपर उठकर कोटा का नागरिक बनकर सोचना होगा और कोटा कोचिंग के लिए विशेष पैकेज बने , जी एस टी राहत मिले ,, आत्महत्याओं की जांचें सार्वजनिक हों , सूक्ष्म जांचे हों , छात्रों के डॉक्टर ,, इंजीनियरिंग परीक्षाओं में असफल होने पर उनके पास वैकल्पिक व्यवस्था योजनाएं हो , छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं में मुफ्त या सो रूपये मात्र में ही प्रवेश परीक्षा देने का शुल्क रखा जाए ताकि छात्र , अभिभावक लुटने से बचें ,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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