दुख की घड़ी में, संपन्न हुआ नेत्रदान
ग्राम धूणी,जिला टोंक निवासी
नंदकिशोर शर्मा की बहन मीनाक्षी शर्मा का विवाह 6 वर्ष पूर्व नया
भदाना,कोटा निवासी सतीश शर्मा से हुई थी । मीनाक्षी का स्वास्थ्य कुछ समय
से ठीक नहीं चल रहा था, रविवार को अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उनका आकस्मिक
निधन हो गया ।
संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र
नंदकिशोर, बहन वंदना और बहनोई सुशील कुमार शर्मा भारत विकास परिषद के सेवा
भारती प्रकल्प से जुड़े हुए हैं । समाचार पत्रों में लगातार नेत्रदान की
खबरों को पढ़ते रहने से परिवार के सभी सदस्य काफी जागरूक थे, इसीलिए भाई
नंदकिशोर ने सहमति देकर अपनी बहन मीनाक्षी का नेत्रदान कोटा में संपन्न
करवाया ।
नंदकिशोर ने कहा कि, बहन के असामयिक मृत्यु की घटना से
शायद हम कभी उबर ना पाएंगे,पर हमें यह खुशी है कि,अंत समय में उसके
नेत्रदान से दो दृष्टिहीनों को रोशनी मिलेगी
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
09 मार्च 2026
दुख की घड़ी में, संपन्न हुआ नेत्रदान
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)