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24 सितंबर 2025

अपील मान्य महोदय ,

 

अपील
मान्य महोदय ,
कोटा के दशहरा-मेला की पहचान समूचे भारत वर्ष में एक गरिमामय राष्ट्रीय मेले के रूप में है .इस पहचान के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है वह है एक शताब्दी से चली आ रही इसकी गंगा-जमुनी और आपसी भाई चारे की परम्परा . पशु –मेले से प्रारम्भ हुए इस मेले को राष्ट्रीय पहचान तब मिली जब यहाँ के अखिल भारतीय कवि सम्मलेन और मुशायरे में देश के सर्वोच्च स्तर और लोकप्रियता प्राप्त कवियों और शायरों को सुनने के लिए दूर दूर से लाखों की संख्या में श्रोता आने लगे . बाद के वर्षों में जनता की मांग पर स्थानीय कवि-सम्मलेन और मुशायरा , राजस्थानी कवि सम्मलेन , राष्ट्रीय कव्वाली और ग़ज़ल संध्या जैसे कार्यक्रमों ने दशहरा मेला को एक भव्य साहित्यिक –सांस्कृतिक आयोजन बना दिया .
यह अत्यधिक चिंता की बात है कि पिछले कुछ वर्षों से दशहरा मेला की पहचान बन गए इन साहित्यिक –सांस्कृतिक आयोजनों को कार्यक्रमों की सूची में से बाहर किया जा रहा है .स्थानीय कविसम्मेलन और मुशायरा , राष्ट्रीय कव्वाली , ग़ज़ल संध्या के बाद इस वर्ष राष्ट्रीय मुशायरे के आयोजन को भी सूची से निकाल कर बाहर कर दिया गया है . सबसे अधिक अफ़सोस की बात यह है कि इन कार्यक्रमों के लिए निर्धारित बजट का हिस्सा , जो पहले से ही कम था , उन कार्यक्रमों को आवंटित किया जा रहा है , जिनका उद्देष्ट युवा पीढ़ी को मनोरंजन के नाम पर दिशाहीन करना है .
हमारा मानना है कि कोटा के बहुमत नागरिक और कला –साहित्य प्रेमी ,राष्ट्रीय दशहरा मेला समिति द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा सहित राष्ट्रीय कव्वाली ,ग़ज़ल संध्या और स्थानीय कवि सम्मलेन व मुशायरा कार्यक्रमों को मनमाने ढंग से हटाये जाने से अत्यधिक दुखी और नाराज़ हैं .अतः हमने तय किया है कि
दिनांक 25 सितम्बर गुरूवार को दोपहर 12.30 बजे नगर निगम पहुँच कर , निगम के चेयरमैन महोदय को ज्ञापन देकर इन सभी कार्यक्रमों को नई सूची बना कर शामिल किया जाये . इस ज्ञापन की प्रति कोटा के जिला कलेक्टर महोदय को भी दी जायेगी .
आप कोटा नगर की गंगा-जमुनी तहजीब , आपसी प्रेम , भाई चारे और यहाँ की गौरवमय साहित्यिक –सांस्कृतिक परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हैं .अतः आपसे निवेदन है कि आप ठीक 12.30 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचें . हम उम्मीद करते हैं कि नगर निगम के पदाधिकारी इन कार्यक्रमों को शामिल करने की जनता की आवाज़ का सम्मान करेंगे .
हम यह भी कहना चाहेंगे कि ‘विकल्प ‘जन सांस्कृतिक मंच ने एक साहित्यिक संस्था के रूप में अपना फ़र्ज़ समझते हुए इस मामले में अपनी पहल की है. हम चाहेंगे कि कोटा नगर की सभी साहित्यिक , सांस्कृतिक , कला और रंगकर्म के साथ साथ कोटा के इतिहास और परंपरा से जुड़ी सभी सामाजिक संस्थाएं और नागरिक मिलजुल कर एक व्यापक मंच पर साथ मिल कर बैठें और दशहरा मेलाऔर हाड़ोती-उत्सव की गौरवशाली परम्परा को बचाए रखने के लिए तन –मन और नैतिक बल से सहयोग करें .
निवेदक
सभी पदाधिकारी एवं सदस्य गण
‘विकल्प ‘ जन सांस्कृतिक मंच , कोटा
संपर्क : 94141 76 444, 9461188530, 9461610588 , 9460851271, 9462731463, 9414181117

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