बहुमुखी प्रतिभा की धनी, कोटा नगर पुलिस अधीक्षक , सियासत, ओर त्योहार, जुलूस, रैलियों की, क़ानून व्यव्यस्था के चले, सुधारात्मक जनहितकारी नवाचार नहीं कर पा रही हैं
कोटा,, कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ,, कोटा की क़ानून व्यवस्था , सियासी पेचीदगियों , दखल अंदाज़ियों, चुनौतियों को स्वीकार करते हुए अपना कार्यभार तो देख रही हैं , लेकिन कोटा में त्योहारों , जुलुस , जलसों ,, की बढ़ी चुनौतीपूर्ण ड्यूटियों के चलते वोह , जो उनकी प्रतिभा है , जो उनकी कार्यशैली है , क़ानून व्यवस्था बनाये रखने के जो उनके फार्मूले हैं , साक्षरता , जागरूकता अभियान है , उस तरफ वोह अभी तक एक क़दम भी नहीं बढ़ा पाई हैं , जबकि उनके पूर्व ज़िलों में नियुक्ति के वक़्त , तेजस्वी गौतम फार्मूले लोकप्रिय भी हुए , कारगर भी हुए , अपराध नियंत्रण , क़ानून व्यस्था सुचारु सुदृढ़ बनाये रखने के साथ पीड़ितों को इन्साफ दिलाने में कामयाब भी रहे हैं , , तेजस्वी गौतम कोटा के ,पहले अजमेर प्रोबेशनर रहते हुए नशा मुक्ति अभियान के लिए नुक्कड़ नाटकों के ज़रिये लोगों को जागरूक कर नशे के उन्हें साक्षर करने में कामयाब रही , फिर वोह अलवर , ,चूरू , बीकानेर , जयपुर में भी बहतरीन सेवायें दे चुकी है , बीकानेर में तो उन्होंने वोटर जागरूकता कार्यक्रम चलाए , चूरू में कोरोना संक्रमण से बचाव कार्यक्रम चलाये , तेजस्वी गौतम ने अपनी हर पोस्टिंग के वक़्त , पुलिसिया अंदाज़ के अलावा इनके स्टूडेंट जीवन के वक़्त के अनुभवों , नाट्यकला , अभिनय ,, सूझबूझ के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए कुछ नया , बहुत कुछ नया , रिसर्च कार्यक्रम तय्यार कर बहतर व्यवस्थाएं दी ,है जो कोटा में पोस्टिंग के बाद , त्योहारों , जुलुस ,, जलसों की व्यवस्थाओं में उलझ जाने से अभी तक इनकी विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है , और कोटा की पुलिसिंग पर जो राजनितिक दबाव , थानाधिकारियों और पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारीयों का पुलिस अधीक्षक से खुद को बढ़ा सियासी वरदहस्त समझने से जो पुलिस प्रशासन अव्यवस्थित होता है उस पर भी कोई ख़ास अंकुश नहीं लग सका है , जन सुनवाई , परिवादों का निस्तारण , शिकायतों पर निष्पक्ष जांच कार्यवाही उनकी मॉनिटरिंग व्यवस्था पूर्ववत है कोई खास बदलाव मुमकिन नहीं हो पाया है , कोटा की पुलिसिंग , अतिक्रमणकारियों की मनमानी ,, यातायात अव्यवस्था , ,सड़कों पर जाम , इलेक्ट्रिक रिक्शा , ऑटो ,, निजी बस ऑपरेटर्स ,, नो एन्ट्री की मनमानी भी बदस्तूर जारी है ,, पुरानी सब्जीमंडी का फुटपाथ जो आम जनता के चलने के लिये बना है, कुछ पेड़ों की व्यवस्था के नाम पर अघोषित रूप से दुकानदारों को अतिक्रमण की छूट देकर उन्हें अवैध रूप से मालिक सा बना दिया गया है, कोई जांच का प्रश्न उठा ही नहीं, शान्ति भग में मनमानी गिरफ्तारियां तो अब आम ही हो गई हैं , ,पुलिस बीट इन्फॉर्मेशन सिस्टम बिगड़ा हुआ है , सी एल जी , शान्ति समितियों में निष्क्रियय सदस्य है ,, होमगार्ड्स भी पुलिस जवानों के सहयोग में बहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं , कोटा में नशीली वस्तुओं का कारोबार चल रहा है , तो सट्टा बाज़ार इलेक्ट्रॉनिक , , पर्ची , मौखिक अपनी जगह है , शराब लाइसेंसी कारोबारियों का उलंग्घन है ,, दुकानों का समय फिक्स समय के बाद भी बंद होना फिक्स नहीं है , जबकि,पुलिस अधीक्षक तेजस्वी गौतम के लिए यह सब नॉर्मल करना और व्यवस्थित करना चुटकियों का काम है , लेकिन राजनितिक प्रतिस्पर्धा , हस्तक्षेप और विरोधाभास पोस्टिंग के अलावा , त्योहारों , जुलुस , धरने , रैलियां , प्रदर्शन , जलसे फिर मेले , दशहरे , कार्यक्रमों को लेकर क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारियों के चलते , कुछ अतिरिक्त नहीं हो पा रहा है , ,सभी जानते हैं , के तेजस्वी गौतम प्रतिभावान , सफल पुलिस अधीक्षक है , वोह जहाँ भी रहीं उन्होंने अपने जलवे जनहित में दिखाए हैं , अजमेर में उन्होंने बच्चों से नशे की लत , छुड़वाने व्हाइटनर सूंघ कर नशे की आदत खत्म करने का अभियान कामयाबी से चलाया ,, चूरू में कोरोना पीड़ा के वक़्त लोकडाउन में जब आम जनता घर में क़ैद से मुक्ति चाहने के लिए चहल क़दमी करने के लिए बाहर निकलने के प्रयासों में रहती थी ,तब उन्हें घर में ही रोकने के लिए , तेजस्वी गौतम ने , सोशल मीडिया लाइव कार्यक्रमों का सहारा लिया ,आम जनता घर बैठे ही सोशल मीडिया के ज़रिये गीत , भजन ,डांस , योगा ,,सहित अन्य एन्टरटेंटमेंट कार्यक्रम देखते रहे इसके लिए कलाकारों , गायक कलाकारों सहित अन्य लोगों को बुलाकर सोशल मीडिया को आकर्षक बनाया और लोग घरों में ही , मनोरंजन कार्यक्रमों का फायदा उठाकर घरों में ही रहे ,,,महिला सशक्तिकरण , महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में तेजस्वी गौतम सख्त रही ,हैं उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए कई ट्रेनिंग कार्यक्रम ,, क़ानून व्वयस्था को सख्त करते हुए ,, गश्त कार्य्रकम , थानों में महिलाओं की सुनवाई में प्राथमिकता , निष्पक्षता की व्यवस्था पर ज़ोर दिया ,,बेईमानी ,धोखाधड़ी के मामलों के नाम पर , ज़मीन , जायदाद , किरायेदार मकान मालिक से खाली करने प्रापर्टी डीलिंग मामलों में सिविल मामलों को फौजदारी बनाकर लूट खसोट करने के खिलाफ तेजस्वी गौतम का पुलिस प्रबंधन सख्त रहा ,, इनके अधीनस्थ थानाधिकारियों में भी इनके प्रबंधन , प्रशासन , सख्ती का खौफ रहा ,, तेजस्वी गौतम बेहतरीन एकटर , डाइरेक्टर , नाटक लेखिका भी हैं , उन्होंने अपने कॉलेज अनुभवों के आधार पर ,आम जनता को सुरक्षा के प्रति दायित्वों , नशा मुक्ति , महिलाओं के सशक्तिकरण सहित विधिक साक्षरता वगेरा मामलों में , पुलिस टीम के साथ लघु नाटिकाओं के ज़रिये लोगों को जागरूक किया ,और खुद ने भी इन लघु नाटिकाओं में एक्टिंग भी की ,, लघु नाटिकाओं की स्क्रिप्ट भी खुद ने ही लिखी , तो इन लघु नाटिकाओं का निर्देशन भी इन्होने ही सफलतापूर्वक किया , ,तेजस्वी गौतम का अलवर सहित कई ज़िलों में आम जनता से भावनात्मक जुड़ाव भी रहा , यही वजह रही के इनके स्थानांतरण पर जनता इनके लिए और यह जनता के लिए भावुक हो गईं , इनकी पुलिसिंग सफल कार्यक्रमों के चलते , इन्हे पुलिस डिस्क से सम्मानित भी किया गया , जबकि बीकानेर में बेस्ट इलेक्शन मैनेजमेंट के लिए इन्हे चुनाव आयोग ने भी सम्मानित किया , ,ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी , तेज़ तर्रार , निष्पक्ष पुलिस अधिकारी महिला पुलिस सिंघम के रूप में पहचान बना चुकी हैं ,, 16 जून 1989 को तेजस्वी गौतम ने फर्मास्युकिटिकल कंसल्टेंट दिनेश गौतम के यहां जब जन्म लिया तो इनकी दादी ने लड़की के जन्म होने पर इन्हे उपेक्षित रखा , इनके पिता श्री दिनेश गौतम ने थर्ड क्लास में ही इन्हे आई पी एस बनने का संकल्प दिया और पहली बार में ही , तेजस्वी गौतम 2013 में आई पी एस में सेलेक्ट हो गई बस दादी जो खफा थीं वोह बेटे बेटी का फ़र्क़ छोड़कर अपनी पोती की इस कामयाबी पर फूली नहीं समाईं ,,तेजस्विनी राजस्थान में अकेली ऐसी आई पी एस पुलिस अधिकारी हैं , जो लो ग्रेजुएट भी हैं , ,यह तेलगाना ट्रेनी रहीं फिर जयपुर के बस्सी में ऐ एस पी , ऐ सी बी जयपुर ,, जोधपुर में ऐ एस पी ,, बांसवाड़ा में एस पी , चूरू ,, अलवर , बीकानेर में एस पी के पद पर ज़िम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाती रही हैं , तेजस्वी नाट्यकला, लिखने पढ़ने , कुछ नया करने की शौक़ीन हैं , इन्होने दिल्ली में पढ़ाई की ,, पुलिसिंग व्यवस्था पर डिप्लोमा लिया ,, यह बी ऐ ऑनर्स हैं ,पोलिटिकल साइंस में गोल्ड मेडलिस्ट हैं , बोर्ड में तेजस्विनी ने ह्यूमिनिटी , साइक्लोजी विषय से पास की , तेजस्विनी सिविल सर्विसेस के प्रतियोगी के लिए एक प्रेरक भी हैं , वोह कहती हैं , के लगातार पढ़ाई के मुक़ाबले , कमिटमेंट , कंसिस्टेंसी , महनत की ज़रूरत होती है ,इसके लिए वित्तीय मजबूरियां कहीं आड़े नहीं आती हैं , युवाओं के लिए उनका संदेश है के पहले सपना देखे फिर महनत करें , कमिटमेंट करें , कोशिश करें , और कामयाब हो जाएँ पुलिस सेवा में रहते तेजस्वी गौतम ने मास्टर डिप्लोमा इन पुलिस मैनेजमेंट , पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के भी कोर्स किये हैं वोह पुलिसिंग के साथ थियेटर को जोड़कर लोगों को , क़ानून व्यवस्था नियंत्रण और जागरूकता पुलिस मदद को लेकर नए नवाचार कर रही हैं , जो कामयाब भी हैं , ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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