आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

18 अगस्त 2021

ख़ुदा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है

 सूरए अज़ ज़िलज़ाल मक्का या मदीने में उतरा और इसकी आठ (8) आयतें हैं
ख़ुदा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी (1)
और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी (2)
और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है (3)
उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी (4)
क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा (5)
उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे (6)
तो जिस शख़्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा (7)
और जिस शख़्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा (8)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...