पीस मिशन ऑफ़ राजस्थान ने , धर्म की कटटरता के नाम पर , दूसरे धर्मों का अपमान करने वाले , लोगों के खिलाफ ,, अभद्र भाषा निषेध अधिनियम 2021 बनाकर पारित करवाने , ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही करने के मामले , में कोटा अतिरिक्त जिला कलेक्टर के ज़रिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान सरकार को , ज्ञापन देकर , तुरतं क़ानून बनाने और ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है ,, राजस्थान मदरसा बोर्ड के पूर्व चेयरमेन , मौलाना फ़ज़्ले हक़ ,, पीस मिशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष निक्कू न्याज़ भाई ,, प्रदेश प्रवक्ता , मंज़ूर तंवर ,, सलाहकार एडवोकेट अख्तर खान अकेला , मौलाना अलाउद्दीन अशरफी साहबम नायब इमाम सय्यद तफ़ज़्ज़ुल हुसैन , सहित कई लोग ज्ञापन देने वाले शिष्ट मंडल में शामिल थे , मौलाना फ़ज़्ले हक़ के नेतृत्व में , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है , के वर्तमान में , राजस्थान सहित पुरे देश भर में , अभद्र भाषा , धर्म के नाम पर , दूसरे धर्मों को अपमानित करने , धार्मिक आस्था से जुड़े , पैगंबरों , धर्मगुरुओं , , देवी ,देवता , अवतारों के खिलाफ , नफरत भरी बयानबाज़ी करके , धार्मिक उन्मांद भड़काने की साज़िशें रच रहे है , ऐसे लोगों की नफरत भरी भाषणबाज़ी को , सोशल मीडिया पर , प्रचारित प्रसारित कर ,, हर जगह का माहौल बिगाड़ने की सोची समझी साज़िश चल रही है , ज्ञापन में कहा गया है , के भारतीय संस्कृति , संविधान , इस्लाम सहित भारत में सभी प्रचलित धर्म , एक दूसरे का सम्मान करते है ,एक दूसरे को धार्मिक आज़ादी से ,, स्वतंत्र आचरण का अधिकार देते है , लेकिन गुमराह लोगों में ,धार्मिक कटटरता के नाम पर ,नफरत भरे बयान फैलाकर , कुछ लोग , राजनीती में शार्ट कट अपनाते है , क्योंकि ऐसे लोगों के खिलाफ अव्वल तो , संबंधित सरकारें , क़ानूनी कार्यवाही नहीं करतीं , और अगर कार्यवाही होती भी है , तो उन्हें ज़मानत मिल जाती है ,, गवाह , साक्ष्य के अभाव सहित , कई तकनीकी आधारों पर ऐसे लोग कई बार दोषमुक्त भी हो जाते है , जबकि कई मामलों में , सरकारें खुद , अपने चहेतों के ऐसे मामले , वापस लेकर उन्हें क्लीन चिट दे देती है , ज्ञापन में कहा गया है , के ऐसे लोग समाज के लिए ,, देश के लिए , अमन पसंद लोगों के लिए ,,, देश की तरक़्क़ी ,, सुख शांति के लिए खतरनाक है ,, ऐसे लोगों को तत्काल , फ़ास्ट ट्रेक में सुनवाई का क़ानून ,,अभद्र भाषा निषेध अधिनियम ,, बनाकर ,, उन्हें तत्काल दंडित करने के लिए क़ानून बने , जबकि ऐसे लोगों पर चार्जशीट पेश होने के बाद , किसी भी तरह का छोटा बढ़ा चुनाव लड़ने की पाबंदी हो , किसी भी प्रकार के धार्मिक ट्रस्ट , धार्मिक संस्थाओं , समाजसेवी संस्थाओं सहित , किसी भी जगह इनकी सदस्य्ता रद्द की जाए ,, ऐसे लोगों की सभी सरकारी सब्सिडी , सुविधाएं ज़ब्त की जाएँ , जबकि इस तरह के अपराध में लिप्त लोगों को , किसी भी तरह का कोई भी लाइसेंस , व्यापारिक लाइसेंस देने पर भी पाबंदी का क़ानून हो , ज्ञापन में साफ़ किया गया है के , ऐसे लोग , धार्मिक उन्माद भड़काने के नाम पर , गुमराह लोगों की भीड़ के , हीरो बनने की कोशिश करते है , फिर चुनाव वगेरा में लिप्त होकर , देश की , राज्यों की व्यवथाओं को प्रभावित करते है , ज्ञापन में कहा गया है , के राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत संवेदनशील है ,, और क़ानून व्यवस्था को लेकर कभी कोई समझौता नहीं हुआ है , नफरत के खिलाफ अहिंसा की जंग में ,हमेशा राजस्थान रोल मॉडल रहा है , ऐसे में , राजस्थान सरकार जल्द से जल्द , हेट स्पीच प्रोटेक्शन एक्ट , अभद्र भाषा निषेध अधिनियम 2021 इसी साल में बनाकर , पारित करवाए और , देश के सुख चेन , तरक़्क़ी को धार्मिक उन्माद में भड़काने की कोशिश में लगे , ऐसे लोगों को दंडित किया जाए ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
12 अगस्त 2021
पीस मिशन ऑफ़ राजस्थान ने , धर्म की कटटरता के नाम पर , दूसरे धर्मों का अपमान करने वाले , लोगों के खिलाफ ,, अभद्र भाषा निषेध अधिनियम 2021 बनाकर पारित करवाने
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