आपका-अख्तर खान

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05 जुलाई 2021

मध्य्प्रदेश के उज्जैन की एक नूरी , जिसकी चमक , जिसकी रौशनी , जिसका नूर ,कांग्रेस को एक नेतृत्व , एक संघर्ष , एक क्रन्तिकारी आवाज़ दे रहा है ,, नूरी की यह ,आवाज़ नूरी की यह चमक , कांग्रेस के लिए उज्जैन मध्य्प्रदेश से दिल्ली , आसाम तक रोशन हो रही है

मध्य्प्रदेश के उज्जैन की एक नूरी , जिसकी चमक , जिसकी रौशनी , जिसका नूर ,कांग्रेस को एक नेतृत्व , एक संघर्ष , एक क्रन्तिकारी आवाज़ दे रहा है ,, नूरी की यह ,आवाज़  नूरी की यह चमक , कांग्रेस के लिए  उज्जैन मध्य्प्रदेश से  दिल्ली , आसाम तक रोशन हो रही है ,, नूरी खान उज्जैन ,सहित मध्य्प्रदेश के लोगो की हमदर्द है , उनके दिलों की धड़कन है , तो उनके दुःख दर्द की आवाज़ है , एक क्रांति है ,, एक इन्साफ की आवाज़ है , संघर्ष है , उनको उनका हक़ दिलाने वाली , इंक़लाब ज़िंदाबाद का एक नारा है ,, ,,,
मध्य्प्रदेश के नागदा ,  फिर ,उज्जैन  फिर आसाम से निकला ,, नूरी नाम का यह नूर , अब मध्य्प्रदेश , की राजनीती में , क्रांति बनकर चमक रहा है , नूरी ,की चमक , प्रताड़ित , ,  शोषित , उत्पीड़ित , लोगों के दुःख दर्द के अँधेरे में ,रौशनी की जगमगाहट है , तो , समाजसेविका के रूप में एक क्रन्तिकारी आवाज़ है ,, जबकि , कोरोना संक्रमण जैसे हाहाकार में ,नूरी नाम की यह बहन , सभी के लिए एक मदद है , हमदर्द है , सुकून है , ज़रूरतमन्दों की ज़रूत दूर करने का एक ज़रिया है ,तो भूखों के लिए रोटी है , रोज़ी है , कांग्रेस के लिए ,मज़बूती है ,, भाजपा की नकाममायबी के लिए सरदर्द है ,, जी हाँ दोस्तों में बात कर रहा हूँ ,मध्य्प्रदेश की युवा नेत्री , नूरी   खान की ,,, नूरी खान इन दिनों , आसाम की कामयाब चुनाव प्रचारक के रूप में अपनी पहचान बना चुकी  है , जबकि मध्य्प्रदेश सरकार की नाकामयाबियों , ज़ुल्म ,ज़्यादतियों के खिलाफ , नूरी खान , एक क्रांतिकारी आवाज़ है ,, एक संघर्ष है , , नूरी खान मध्य्प्रदेश नागदा ,, के एक सामान्य परिवार में पैदा हुई , इनके वालिद यूँ तो , मज़दूर नेता थे , लेकिन , नूरी की क्रन्तिकारी गतिविधियों सहित , पढ़ाई में ,उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया , अम्मी की दुआए साथ थी , नूरी स्कूली शिक्षा से ही प्रतिभावान छात्रा थी , शोषण , उत्पीड़न के खिलाफ निर्भीक आवाज़ थीं , कॉलेज में प्रवेश के बाद ही , नूरी खान , कांग्रेस के छात्र संगठन ,ऍन एस यू आई से जुडी , कई  धरने , प्रदर्शन ,  किये ,छात्रों के हक़ में संघर्ष किये , बेटियों के शिक्षा कार्यक्रमों की आवाज़ उठाई , और जब यह उज्जैन छात्र नेता के रूप में स्वीकृत नेतृत्व हुईं ,तो इन्हे कॉलेज छात्र संघ का चुनाव भी लड़ाया गया , नूरी उन दिनों साइकल से चुनाव प्रचार में माहिर थीं , जबकि कांग्रेस के हर चुनाव में ,, नूरी खान , वोटर्स के माइक्रो मैनेजमेंट के साथ , सक्रिय रहती थीं ,इनकी पकड़ , हर बूथ पर , रहती थी , नूरी खान की अम्मी जान , इन्हे दुआओं के साथ , साथ , घर पर ही , कांग्रेस के झंडे   सिलकर देती थीं ,, और कांग्रेस ज़िंदाबाद के , नारों के साथ , नूरी खान , अपने युवा दल बल के साथ ,  खुद  की अम्मी के हाथों बने झंडों के साथ ,, कांग्रेस के पक्ष में चुनावी समर में कूद पढ़ती थी , नूरी खान , उस वक़्त भी ,, बोल्ड थीं ,मज़बूत थीं , प्रशासन के हर अड़ियल रुख के खिलाफ , संघर्ष थीं , एक मुखर आवाज़ थीं , नूरी खान को युवाओं का , आम लोगों का समर्थन था , जबकि  वोह एक कुशल वक्ता होने के कारण , कांग्रेस की सक्रिय आवाज़ बन गयी ,, ,नूरी खान , छात्र कांग्रेस के बाद , यूथ कांग्रेस से जुडी , इनकी कुशल वाक अभिव्यक्ति , भाषण शैली , वक्तवयों की गूंज के चलते यह लोक्रपिय हो गयीं ,, नूरी खान हैदराबाद में , कांग्रेस डेलीगेट सम्मेलन में जब , वक्ता के रूप में शामिल हुईं ,, और वहां प्रतियोगिता में जब इन्हे अव्वल स्थान दिया गया , तो तालियों की गड़गड़ाहट के बीच नूरी खान को , कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने ,, उत्सवर्द्धित कर , सम्मानित किया ,, इनकी भाषण शैली , इनकी कार्यशैली , इनका इलेक्शन माइक्रो मैनेजमेंट , , हर वर्ग , के लिए इनका संघर्ष , अपनापन , इनकी लोकप्रियता के चलते , हैदराबाद के सभा स्थल पर , हर जगह इनकी भाषण शैली के चर्चा रहे , सोनिया जी सहित कई वरिष्ठ , कोंग्रेसी नेताओं ने इनकी पीठ थप थपाई ,, आशीर्वाद दिया ,, दुआएं दीं , कई युवा नेताओं ने , इनके फोन नबंर भी लिए ,, नूरी खान जब उज्जैन पहुंची , तो अचानक , उनके इस जलवे से प्रभावित , आसाम राज्य के युवा नेता , प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष , रेक़ुबुद्दीन , का निकाह प्रस्ताव जब उन्हें मिला , तो वालिद , वालदा , रिश्तदारों की सहमति से , उनका निकाह रेक़ुबुद्दीन से हुआ , रेक़ुबुद्दीन आसाम में तीन बार के विधायक है , वोह आसाम में मंत्री भी रह चुके है , इसीलिए नूरी खान फर्राटे से , हिंदी ,, इंग्लिश , उर्दू , के साथ साथ , आसामी भी खूब बोलती है ,, नूरी खान रेक़ुबुद्दीन के हर चुनाव में सारथि बनकर , साथ रहती है , और माइक्रो  इलेक्शन मैनेजमेंट के चलते ,  रेक़ुबुद्दीन , विकट परिस्थितियों में भी आसाम से विधायक चुने जाते है , नूरी खान एक पुत्र , एक पुत्री की अम्मी जान भी है ,जो अभी पढ़ रहे है ,, आसाम में कई साल रहकर , नूरी खान , फिर से , उज्जैन , मध्य्प्रदेश की सियासी पृष्ठभूमि में लोगों की सेवा के जज़्बे , कांग्रेस ज़िंदाबाद के नारे के साथ  ,मौजूद है , नूरी खान कांग्रेस की प्रवक्ता है ,युवा नेतृत्व है , अखिल भारतीय कोंग्रेस  कमेटी की एक मात्र  अल्पसंख्यक महिला सदस्य है ,  नूरी खान मध्य्प्रदेश कांग्रेस सरकार में , अल्पसंख्यक आयोग की मंत्री दर्जा ,, सदस्य भी रही है , ,वोह कई समितियों , समाजसेवी संघटनों में रहकर , कांग्रेस  विचारधारा के साथ लोगों की खिदमतगार रही है , खूबसूरत , मासूम , स्मार्ट सी दिखने वाली नूरी खान , जब बोलती है , तो इनके हर अल्फ़ाज़ में आत्मविश्वास , दृढ़ संकल्प , अनुभव जुड़ा होता है ,, नूरी खान , उज्जैन और आसपास के शहरों में , आइरन लेडी , क्रन्तिकारी लेडी , महारानी लक्ष्मी बाई , के नाम से , लोगों की जुबां पर चर्चा में रहती है , क्योंकि यह वहां की महिलाओं ,युवाओं , आम जनता की निष्पक्ष , निर्भीक आवाज़ है , नूरी खान ,,का  संघर्ष जेल यात्रा से पुराना नाता है , छात्र राजनीति के चलते , जब कांग्रेस के ही शासन काल में , मज़दूरों का संघर्ष था , मील में हड़ताल थी , तो कल्पना नाम की एक महिला नेता ने इन्हे पुकारा , नूरी खान , उस वक़्त ग्रेजुएशन कर रही थीं ,, वोह अपने दल बल सहित , साइकल से मज़दूरों के संघर्ष में जा पहुंची , खूब भाषण दिए , धरने प्रदर्शन किये ,, लेकिन प्रशासन , तो प्रशासन था , लाठियां चली , गोलियां चली , ,, इनके भी चोटें लगीं , कई लोग घायल हुए , प्लास्टिक की गोलियां कई लोगों के लगीं , और प्रदर्शन के तीतर भीतर होने के बाद , पुलिस ने , कई लोगों को जेल में डाल दिया , अधिकतम लोगों को , शांति भंग का मामला बनाकर , जेल से छोड़ दिया गया , लेकिन नूरी खान सहित कुछ लोग फौजदारी धाराओं के अपराधी होने से , छोड़े नहीं गए , नूरी खान की यह जेल की दूसरी यात्रा थी , इसके पूर्व शान्ति भंग में गिरफ्तार होकर , थाने में ही नज़रबंद रहकर , छूट चुकी थीं , जेल में , इन्हे चटनी रोटी , खूब पसंद आयी , लेकिन जेल तो जेल थी ,, एक तरफ इनका संकल्प , संघर्ष , दूसरी तरफ जेल की परेशानिया , इनके वालिद , वालिदा का खौफ ,लेकिन इनके वालिद ने ,,इनसे मिलकर ,इनकी  पीठ थपथपाई , तो फिर इन्हे हिम्मत मिल गयी ,,कल्पना जी के नेतृत्व में , नूरी खान सहित कुछ लोगों के खिलाफ फ़र्ज़ी मुक़दमे हटाने का आंदोलन हुआ और फिर क़रीब डेढ़ सप्ताह बाद , नूरी खान ,, जेल के ताले खुल गए ,खुल गए के नारों के साथ , जेल से रिहा हो गयीं , नूरी खान , पिछले दिनों   कांग्रेस में रहते हुए जब ज्योति राजे सिंधिया ने , इन्हे मंच पर से उतरने का कहकर , अभद्र व्यवहार  किया तो ,, इन्होने ज्योति राजे सिंधिया के आचरण को लेकर , सीधे राहुल गाँधी को लिखित शिकायत की और यह सुर्ख़ियों में रहीं , अभी कुछ पूर्व विधायक , जो इनकी लोकप्रियता , इनके संघर्ष के चलते इनके नेतृत्व से , ईर्ष्या स्वभाव के चलते ,, टीका टिप्प्पणी करते है ,, तो नूरी खान उन्हें भी आड़े हाथों लेने से नहीं चुकती है ,,  नूरी खान ने , डिबेट के दौरान ,, भाजपा प्रचारक ,, हिन्दू मुस्लिम विवाद की बात कर , माहौल बिगाड़ने वाले , ऐंकर्स चाहे वोह सरदीप देसाई हो ,चाहे कोई भी दिग्गज गोदी मीडिया समर्थक ऐंकर प्रचारक ,हो  उनको आड़े हाथों लेते हुए ,आयना दिखाने में भी कोई कसर नहीं  छोड़ी ,,,,,सभी ऐंकर्स ,  इनके विनम्र तर्कों के आगे चुप होकर रह गये  ,और , गिरेहबान में झाँकने के नारे के बाद , अगल बगल , एक चोर की तरह झांकते नज़र आये ,,, लेकिन जो पत्रकार सच के साथी ,है  निर्भीक ,है देश के, राष्ट्रवाद मुद्दों सहित ,,  महंगाई ,, बेरोज़गारी , बढ़ती हुई कीमतों और ,कुप्रबन्धों के खिलाफ आवाज़ उठा रहे , है वोह उनके लिए आदरणीय भी है ,, सम्मानीय भी ,है ,,  नूरी खान एक ऐसी महिला नेतृत्व है ,, जो मध्य्प्रदेश ,, आसाम , दिल्ली , जैसे राज्यों में अपना इलेक्शन मैनेजमेंट रखती है , और सफल भी होती है ,,, नूरी खान , उन ख़ुशक़िस्मत महिला नेतृत्व में से है , जिनके लिए , आज से दस वर्ष पूर्व , वरिष्ठ पत्रकार , रवीश कुमार , ब्लॉग लिख कर इनकी हौसला अफ़ज़ाइ कर चुके है ,, नूरी खान आसाम से , मध्यप्रदेश फ्लाइट में थीं , नज़दीक ही रवीश कुमार बैठे थे , अनजान लोगों के बीच बातचीत हुई , रवीश कुमार का पत्रकारिता का परिचय , नूरी खान का , कोंग्रेसी युवा नेतृत्व का परिचय , बस रविश कुमार ,, की पारखी आँखों ने , इनके समर्पण , क्रन्तिकारी अंदाज़ , प्रवक्ता की प्रतिभा को पहचाना , और बातों ही बातों में जो जानकारी उन्हें मिली , ,बाद में उन्होंने , नूरी खान पर , एक आर्टिकल लिखा ,, जो ब्लॉग सहित , सोशल मिडिया ,, प्रिंट मीडिया में लोकप्रिय रहा ,, नूरी खान आज उज्जैन की ही नहीं , पूरे मध्य्प्रदेश में कांग्रेस की मुखर आवाज़ है , वोह नारी शक्ति है , युवा नेतृत्व है , सर्वाधिक सक्रिय समाजेविका है ,, अभी अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य के कार्यकाल में उन्होंने कई उत्पीड़ितों , महिलाओं को , इंसाफ दिलवाया है , जबकि लोकडाउन में कोरोना से त्रस्त लोगों को , भूख से तड़पने पर , खाना खिलाया , तो प्लाज़्मा , खून , ऑक्सीजन , दवाओं की ज़रूरत पढ़ने पर सभी की खुलकर मदद की ,, नूरी खान ने दिखावा नहीं किया ,, वोह जब आसाम के चुनाव में , उनके पति रेक़ुबुद्दीन की चुनावी सभा में जीत के जश्न के बाद , उज्जैन के लिए ,  हवाई जहाज़  में थीं , जब उन्हें ,  उनके एक शुभचिंतक ,  की  कोरोना पीड़ित होने   की सुचना मिली , उन्हें प्लाज़्मा की ज़रूरत थी , नूरी खान  एयरपोर्ट से सीधे हॉस्पिटल गयीं , फिर प्लाज़्मा डोनेट किया ,उनके हाल जाने ,,  रमज़ानों के वक़्त  मुंह  में रोज़ा ,   इनके शुभचिन्तिकों की  कोरोना बिमारी के वक़्त ,  वोह उनकी  मदद के लिए अस्पताल में रहीं और ,  रोज़ा इफ्तार भी ,  अस्पताल में ही किया , इतना ही नहीं ,, रोज़े के वक़्त भी ,  रोज़े के बाद , इन्होने रक्तदान किया ,,सैकड़ों लोगों की मदद के लिए , इनकी अपनी रसोई , रोज़  चलाई जाती थी , खाने का वितरण होता था , जबकि , ज़रूरी दवाओं सहित , ऑक्सीजन संकट काल में , प्रबंधन के तहतं नूरी खान ने , कई तड़पते मरीज़ों को , दवा , इंजक्शन , ऑक्सीजन उपलब्ध करवाकर , उन्हें मरने से बचाकर नई ज़िंदगी दी है , ,नूरी खान ने अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के चलते , प्रशासन  को खूब आड़े हाथों लिया , नेताओं का घेराव किया , अफसरों को , मरीज़ों की मदद के लिए मजबूर किया , मंत्रियों तक का घेराव किया , कोरोना गाइड लाइन होने के बावजूद अकेले ने , विरोध प्रदर्शन कर संघर्ष किये , नतीजन , भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते , ,इन्हे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया , लेकिन इनकी यह जेल यात्रा भी , इनके समर्थकों के लिए , एक शुभयात्रा रही , नूरी का नूर , इस जेल यात्रा के बाद पूरे हिंदुस्तान में , क्रांति की आवाज़ बनकर उभरा है , मध्य्प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने , उनके हर सेवाकार्य , हर संघर्ष की प्रशंसा की ,,कांग्रेस के राष्ट्रिय  हाईकमान ने  नूरी खान की पीठ थपथाई , तो दोस्तों नूरी खान ,, मध्य्प्रदेश , उज्जैन के प्रताड़ित , शोषित लोगों के लिए ,एक आवाज़ है ,   उनके अँधेरे दूर करने की एक रौशनी है , कांग्रेस की भाजपा की  नाकामयाबियों  के खिलाफ एक मुखर आवाज़ है , युवा नेतृत्व है , अबला नारियों का एक संबल है , ,क्रान्ति है , कांग्रेस  ज़िंदाबाद का एक कामयाब संघर्ष है ,,  कांग्रेस की जीत का एक भविष्य है , समाजसेवा क्षेत्र का निष्पक्ष उदाहरण है , ऐसी नूरी का नूर , उनकी रौशनी , उनकी चमक ,, लोगों के बीच , एक कुशल नेतृत्व बनकर चमकता रहे इसी के साथ , बहन नूरी खान को ,  उनके सेवाभावी नेतृत्व के लिए बधाई , मुबारकबाद ,, वोह यूँ ही , नेतृत्व बनकर चमकती रहे , लोगों की परेशानियों के अँधेरे को अपनी  रौशनी से दूर करती रहें , कांग्रेस ज़िंदाबाद के नेतृत्व के साथ , मध्य्प्रदेश में , कांग्रेस की जीत के लिए , नूरी खान भविष्य के चुनाव में उनकी लोकप्रियता , हर बूथ पर उनके अपने माइक्रो  मैनेजमेंट से फिर से कांग्रेस की सरकार की वापसी करे , यही उम्मीद यही दुआए है ,,  अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 

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