पतंजलि के बाबा रामदेव ,, ने देश की चिकित्सकीय आपात स्थिति ,में , एलोपेथी के खिलाफ छेड़ कर , वर्तमान कोरोना संकट में , बाधा डालने का गंभीर अपराध किया है ,, बाबा रामदेव का यह अपराध , अक्षम्य अपराध है , साथ ही महामारी अधिनियम के विधिक प्रावधानों के साथ ,कई फौजदारी क़ानूनों के तहत , कठोर दंडनीय अपराध है ,, बाबा रामदेव , सम्मानित है , उनका अपना दवाये बेचने का व्यवसाय है ,, वोह अपना काम करे , और देश को अपना काम करने देते तो ठीक था ,या फिर बाबा रामदेव , कोरोना की आयुर्वेद ऐसी दवा खोजते , जो प्रयोग के तोर पर सो फीसदी हर मरीज़ के लिए रामबाण साबित होती तो ठीक था ,, लेकिन बाबा रामदेव ने देश के एक सिस्टम को झकझोरा है , देश के प्रधानमंत्री , चिकित्सा मंत्री , सहित केंद्र और राज्यों के सभी व्यवस्थापकों को एलोपेथी से इलाज कराने की व्यवस्थाओं में ,उन्हें भी अप्रत्यक्ष रूप से , मुर्ख कहा है , खुद आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहिब ने , वेक्सीन लगवाई है ,,गृहमंत्री अमित शाह , खुद ,अपना इलाज एलोपेथी पद्धति से करवा कर स्वस्थ हुए है ,, इसका मतलब बाबा रामदेव के कथनानुसार क्या उन्होंने गलत किया है , ,बाबा रामदेव ने , एलोपेथी को मुर्ख कहने वाला बयान उस वक़्त जारी किया है , जब देश में वेक्सीन का अभियान चल रहा है , जब देश की वेक्सीन को विश्व स्वाथ्य संगठन में परीक्षित करवाकर , उसका प्रमाणपत्र लेने के प्रयास चल रहे है ,,, , देश की एलोपेथी को निश्चित तोर पर , अवव्यस्थाओं की वजह से , कुछ लोगों की ज़िंदगियाँ बचाने में , नाकामयाबी मिली है , लेकिन हज़ार , नहीं लाखों लाख लोगों को , एलोपेथी के डॉक्टर्स ने , अपनी जानें जोखिम में डालकर , लोगों को मोत के मुंह से बाहर निकाला है ,, बाबा रामदेव को शायद यह पता नहीं ,, देश के लगभग सभी अस्पतालों में , अब आयुर्वेद के चिकित्स्कों को भी लगाया गया है , वोह भी व्यवस्थाएं देख रहे है , हर ज़िले , हर शहर , कस्बे में , बाबा के पतंजलि स्टोर , केंद्रों के अलावा आयुर्वेद के सरकारी , गैर सरकारी दवाखाने है , इलाज ऐच्छिक है ,,, और फिर अगर एलोपेथी में कमी है , एलोपेथी का इलाज मूर्खता है ,, तो फिर बाबा रामदेव ने ,, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह , उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी , सहित सभी ज़िम्मेदारों से बात कर , आयुर्वेद का कोई चमत्कारिक तरीक़ा , साबित करके क्यों नहीं दिखाया ,, वोह तो रोज़ विज्ञापन के ज़रिये टी वी पर आते है , किसी भी मरीज़ पर , एक्सपेरिमेंट करके , वोह बताते , उसकी जांच के लिए खुली इजाज़त देते , लेकिन वोह ऐसा इसलिए नहीं कर सके , क्योंकि वोह , ऐसा एक गंदा खेल राजस्थान में भी खेल चुके थे , कोरोना के नाम पर शतप्रतिशत ठीक होने की दवा , कोरोना की पहली लहर में , जयपुर के एक एलोपेथी के निजी चिकित्सालय को अपने साथ शामिल कर , पत्रकारों के ज़रिये , यह हव्वा बना चुके थे , लेकिन राजस्थान के चिकित्सा विभाग , ने सभी जांचों के बाद उन दावों को ख़ारिज किया ,, बहुत देर बाद , , केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी , बाबा रामदेव की उस दवा को क्लीन चिट देने से इंकार कर दिया ,,, अभी हाल ही में , आई एम ऐ के दबाव में चिकित्सा मंत्री , डॉक्टर हर्षवर्धन जो खुद भी एलोपेथी चिकित्सक रहे है , उन्होंने , बाबा रामदेव ,को अपना बयान वापस लेने के लिए कहा था , बेहतर होता , बाबा रामदेव अपना बयान वापस लेकर ,, अपना आयुर्वेदिक फार्मूला जो मरीज़ उनसे , उनकी दवा से इलाज कराने का इच्छुक होता , उसका इलाज करते रहते , लेकिन , बाबा रामदेव ने , तो हदें पार कर दी , उन्होंने फिर , एलोपेथी को प्रश्नगत करते हुए , 25 सवाल पूंछ डाले , ऐसे माहौल में ,जब देश में , मेडिकल आपात स्थिति के हालात बद से बदतर है ,, लगातार हो रही , मौतों से ,, हर शख्स के दिल दिमाग में , खौफ का माहौल है , मनोवैज्ञानिक दृष्टि से , यूँ ही , हर मरीज़ , उसके परिजन और आम आदमी भी टुटा हुआ है ,, आशंकित है , डरा , सहमा हुआ है , ऐसे में , देश भर की एक अरबों अरब रूपये की चिकित्स्कीय व्यवस्था को , लाखों लाख डॉक्टर्स , सरकारी , गैर सरकारी अस्पताल ,, नर्सिंग स्टाफ एलोपेथी को प्रश्नगत करना , देश की जनता को नुकसान पहुंचाने जैसा है ,, और ऐसे माहौल में ,जब देश में , महामारी अधिनियम लागू है ,, जब इस अधिनियम के तहत , इस तरह की हरकतों पर , मुक़दमे दर्ज करने के प्रावधान है , आई पी सी में भी ऐसे मुक़दमों के प्रावधान है , कमलनाथ के खिलाफ ,, मध्य्प्रदेश सरकार ,, मुक़दमा दर्ज कर सकती है ,, लेकिन बाबा रामदेव का यह अक्षम्य अपराध ,जो उनके द्वारा , जानबूझकर , ऐक बार नहीं ,, ,बार बार , डंके की चोट पर किया है , अगर केंद्र सरकार इसे गंभीरता से नहीं लेती है , तो बाबा रामदेव के आगे के और बयानों से , वर्तमान हालातों में , हमारी कोविड वेक्सीन उत्पादन प्रणाली ,, वेक्सीन का विश्व स्वास्थ्य संगठन में , मान्यता की प्रक्रिया , सहित कई मामलों में हमें , नुकसान पहुंचेगा , और इसके ज़िम्मेदार सिर्फ बाबा रामदेव होंगे ,, इसलिए उनके खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत , मुक़दमा दर्ज कर , कार्यवाही सुनिश्चित करना , ज़रूरी है , वरना यह देश सिस्टम को माफ़ नहीं करेगा , बाबा रामदेव ने , प्रत्यक्ष रूप से ,देश के सभी , प्रतिष्ठित , प्रधानमंत्री , केंद्रीय मंत्री , मुख्यमंत्री , राजय मंत्रियों सहित सभी को एलोपेथी प्रोडक्ट , वैक्सिंग लगवाने , उसको प्रोत्साहन देने , दवाये लेने , ऑक्सीजन सहित दूसरी दवाये , इंजक्शन खुद इस्तेमाल करने और मरीज़ों को लगवाने को प्रश्नगत करते हुए , स्टुपिड ,, मुर्ख कहा है ,, जो अक्षम्य अपराध है ,, अख्तर
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
25 मई 2021
पतंजलि के बाबा रामदेव ,, ने देश की चिकित्सकीय आपात स्थिति ,में , एलोपेथी के खिलाफ छेड़ कर , वर्तमान कोरोना संकट में , बाधा डालने का गंभीर अपराध किया है
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