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21 फ़रवरी 2021

ऐ मोहब्बत तेरी यहाँ क़द्र नहीं ,,

 

ऐ मोहब्बत तेरी यहाँ क़द्र नहीं ,,
यहां बेवफाई , झूंठ बेदर्दी है ,,
यहां बहाने है , फरेबी है ,
ऐ मोहब्बत तेरी यहाँ क़द्र नहीं ,, अख्तर

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