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29 दिसंबर 2018

कोटा कोचिंग नगरी है ,यहां अल्पसंख्यक विभाग की सरकारी बेशुमार कथित योजनाए है ,अरबों रूपये की वक़्फ़ सम्पत्ति ,

कोटा कोचिंग नगरी है ,यहां अल्पसंख्यक विभाग की सरकारी बेशुमार कथित योजनाए है ,अरबों रूपये की वक़्फ़ सम्पत्ति ,,करोड़ों करोड़ रूपये के भामाशाह दानदाता है ,,यहां कोचिंग गुरु है ,छात्र छात्राओं को शैक्षणिक अध्ययन की व्यवस्थाएं है ,एक दर्जन से अधिक कॉर्पोरेट स्कूल है ,नहीं है तो बस ,अल्पसंख्यकों की विशिष्ठ कोचिंग व्यवस्था ,नहीं तो अल्पसंख्यकों की कॅरियर गाइडलाइन ,और उनकी चॉइस के हिसाब से ऐसे छात्र छात्राये जो प्रतिभावान है ,उन्हें कोचिंग देकर ,,डॉक्टर ,इंजीनियर ,,प्रशासनिक ,पुलिस ,न्यायिक सेवाओं के चयन की मार्गदर्शिका कोचिंग नहीं है ,दोस्तों में गुस्ताख़ ,हूँ ,गुस्ताखी करता हूँ ,गुस्ताख़ लिखता हूँ ,और में लाख विरोध के बावजूद भी यह गुस्ताखी मरते दम तक करता रहूँगा ,,में अभी विवादित मेरे हिन्दु भाइयों के पूजनीय हनुमान भाजपा के लोग जिनकी जाती ,धर्म तलाशने में लगे है ,,उनकी वफ़ादारी ,,उनकी हिम्मत ताक़त ,महिला माता के प्रति उनका सम्मान ,,इस पर किसी ने चर्चा नहीं की ,,लेकिन में हनुमान जी की ताक़त ,उनकी ताक़त के खिलाफ एक श्राप यानी बद्दुआ ,जिसमे हनुमान जी की ताक़त छीन ली गयी थी ,फिर इस बाहुबली को मुक्ति सशर्त दी गयी ,के जब हनुमान जी को उनकी ताक़त याद दिलाई जायेगी तब वोह उनकी ताक़त के अनुरूप फिर से बलशाली हो जाएंगे ,,,बस सुर ऐ इक़रा के अलम्बरदारो ,,पूरी दुनिया में तौहीद का जाम पिलाने वालो ,,पूरी दुनिया में अपनी दयानतदारी ,,,वफ़ादारी ,,मोहब्बत ,,हिम्मत ,ताक़त का परचम फैलाने वालों ,,,में फिर आप सभी को आपकी ताक़त दिलाने की गुस्ताखी कर रहा हूँ ,,फ़िरक़ों में मत बंटो ,,अपने बच्चों को मुत्तहिद होकर ,कोचिंग व्यवस्था बनाकर ,ज़ीरो से हीरो बनाने की योजना बनाओ ,क्या कमी है हमारे पास ,कॉर्पोरेट स्तर के एक दर्जन से ज़्यादा स्कूल है ,कॉलेजेज है ,,डॉक्टर है ,इंजीनियर है ,प्रशासनिक अधिकारी है ,,मददगार सरकारी योजनाए है ,संवैधानिक हुक़ूक़ है ,और अब तो अपने मन मुआफ़िक चहेते लोगो की सरकार भी है ,,पचास से अधिक बेशुमार मददगार भामाशाह है ,,खेर में फिर शैक्षणिक कोचिंग प्रबंधन पर आता हूँ ,,उनकी आमद खर्च पर आता हूँ ,आज से आठ साल पहले वक़्फ़ कार्यालय की एक बैठक में शैक्षणिक बजट का प्रस्ताव मेने रखा था ,माशाअल्लाह उसी वक़्त मौखिक आठ लाख रूपये का तात्कालिक वायदा हुआ था ,,लेकिन बस वोह बात होकर ही रह गयी ,में कहता गया ,में याद दिलाता गया ,लेकिन हमारी कॉम ,ग्यारहवीं ,,जुलूस ,जलसे ,सियासी स्वागत ,सत्कार ,,नेताओं पर ,,,विज्ञापन बाज़ी ,बधाइयां ,मुबारकबाद के बैनर जैसी फ़िज़ूलखर्ची में लगे रहे है ,,एक सर्वे के मुताबिक़ कोटा में ,हर साल ऐसे कार्यक्रमों में अलग अलग भामाशाहों के ज़रिये तीन करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च हो जाते है ,,,यह बहुत कम आंकलन है ,वैसे ऐसे खर्च तो पांच करोड़ के लगभग है ,,क्या हम इस खर्च में से भामाशाहों से एक करोड़ रूपये साल अलग निकालकर ,खुद का कोचिंग इदारा नहीं खोल सकते ,,कोटा में जो भी शिक्षाविद आता है ,,कोटा कोचिंग सिटी होने के कारण ,अल्पसंख्यकों की बेस्ट कोचिंग खोलने का सुझाव देकर जाता है ,शाहीन कोचिंग के संचालक कोटा में ,,कोचिंग खोलने का सुझाव देकर नहीं गए ,वोह वायदा लेकर गए थे ,लेकिन उस वायदे को भी हमने अभी तक निभाने की शुरुआत नहीं ,,की ,,कोटा में छात्र छात्रों की प्रतिभाओं की कमी नहीं ,है ज़रूरत है ,हमे एक कोचिंग संस्थान बनाने की ,,आठवीं क्लास से ही ,छात्र छात्रों को छलनी की तरह से उनकी प्रतिभा छानकर उनमे से ,,ऐसे बच्चों को चयनित कर ,कॉम की कोचिंग की तरफ से हॉस्टल सुविधा सहित कोचिंग ,,स्कूली पढ़ाई ,उसके करियर के हिसाब से करवाने का प्रबंधन कोई बढ़ी बात नहीं है ,सो ऐसे बच्चों में से अगर हम बीस डॉक्टर ,,बीस इंजीनियर ,,दस जज ,बाक़ी आई पी एस ,आई ऐ एस ,सहित दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद प्रशासनिक नौकरियों में हमारे बच्चे सेलेक्ट होते है तो है कोटा के कोचिंग गुरु होने की सार्थकता ,हमारे भामाशाह होने की सार्थकता ,,क्या यह सम्भव काम हम नहीं कर सकते ,दिल्ली ,,बिहार ,जम्मू ,कश्मीर ,सहित कई जगह के लोग इस काम को कर रहे है ,लेकिन हमारे पास कोचिंग सीटी है ,कॉर्पोरेट सेक्टर के स्कूल है ,,,प्रतिभावना छात्र छात्राये है ,,वक़्फ़ की बेशुमार ज़मीन है ,,शहर क़ाज़ी अनवार अहमद साहिब जैसे सरपरस्त है ,मौलाना फ़ज़्ले हक़ जैसे मंत्री दर्जा रहे सरकार के मज़बूत हिम्मतवार है ,,अमीन पठान जैसी ख्वाजा गरीब नवाज़ के दरबार के इंचार्ज खिदमतगार है ,,सर्वोदय के गफ्फार मिर्ज़ा ,प्रगति के डॉक्टर ज़फर ,,मोहम्मद मियाँ ठेकेदार ,लियाक़त अंसारी सहारा ,,न्याज़ अली निक्कू भाई ,,,हशरू पठान ,,इनायत पठान उस्मान भाई खीमच वाले जमील भाई ,,युसूफ भाई ,,मोहम्मद शफी खान साहिब ,मुनाफ पठान ,,,ज़फर भाई ठेकेदार ,अज़ीज़ अंसारी हसन अली ऐंड संस ,,मामू इस्हाक़ मंसूरी ,,डॉक्टर इकराम खान ,,साबिर भाटी ,खासकर सत्तार भाई भाटी ,मुनव्वर खान ,,अनवर भाई ,,सहित कई दर्जन हिम्मतवर ख़िदमतवार लोग है जबकि प्रबंधन मार्केटिंग के लिए अल्फलाह अल्फलाह ,,तहतरीक ऐ उर्दू राजस्थान ,सभी समाजों से जुड़े लोग ,वकील ,डॉक्टर ,इंजीनियर ,,सेवानिवृत आई ऐ एस ,आर ऐ एस ,पुलिस अधिकारी ,लेक्चरर ,प्रोफेसर है ,,कोटा में शान्तिधारीवाल जैसे मुसलमानों के हमदर्द मंत्री ,,है ,,अशोक गहलोत मुख्यमंत्री है ,तो फिर जनाब यह सब सोच कर ,इरादा कर ,उस इरादे को हम सभी सहूलियतें ,सभी ताकते ,हिम्मत हमारे पास होने के बावजूद भी हम नहीं कर पाए है ,नहीं कर पा रहे है ,तो यह कमी मेरी तो ही है ,लेकिन आप सभी लोगो की भी है ,क्या हम आज से शुरुआत करके ,इस कोचिंग प्रंबधन को अगले सत्र में प्रबंधन तरीके से संचालित करने की हिम्मत नहीं दिखा सकते ,,क्या हम आठवीं के बच्चों से बुनियादी शुरुआत कर ,, ऐसे चयनित बच्चों को पांच साल बाद ,देश के टॉपर नहीं बना सकते ,क्या हम कुछ सालों बाद ग्रेजुएशन करवाकर ऐसे बच्चों को आई पी एस ,आई ऐ एस ,,आर जे एस नहीं बना सकते ,सोचिये ,भाई सोचिये ,अगर मेरी बात सच है तो जनवरी के पहले सप्ताह में किसी भी दिन ,कहीं भी जहाँ आप चाहे ,एक दूसरे से मशवरा कर शिक्षाविदों ,,सेवानिवृत अधिकारीयों ,भामाशाहों ,,हम जैसे ,रफ़ीक बेलियम ,,मुज़फ्फर राहींन ,,,आबिद अब्बासी ,मोहम्मद हुसैन ,अनीस राहीन ,,इमरान कुरैशी ,अब्दुल करीम खान , आबिद कागज़ी ,साजिद जावेद ,, समीउल्ला अंसारी ,,आसिफ मिर्ज़ा , अज्जू भाई एजाज़ खान ,, नसरू भाई ,,वगेरा जैसे कई जांबाज़ साथी कार्यकर्ता है जिनको बुलाकर एक बैठक कोटा शहर क़ाज़ी की सरपरस्ती में कोई फैसला लेकर इत्तेहाद के साथ इसे अंजाम नहीं दे सकते ,,इन्शाहअल्लाह इरादा कीजिये ,अल्लाह ने आपको ,हमे वोह सब नियामते दी ,है ,,बस प्रबंधन तरीके से शुरुआत की ज़रुरत ,है ,तो भाइयों मुझे आपके मोटिवेशन ,,का इन्तिज़ार है कब ,,किस जगह हमे बैठना है इस सुझाव का इन्तिज़ार है ,अल्लाह करे ,,मेरी इस कॉम को ,इस कॉम के हमदर्दों को ,ताक़तवर भाइयों को ,भामाशाह ,,सियासी मौलवी ,मौलाना ,गैर सियासी भामाशाह लोगो को ,,उनकी ताक़त याद आ जाए और इस नेक काम की शुरुआत जल्द आज जल्द हो जाए ,,आमीन ,सुम्मा आमीन ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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