अन्तःचतुर्दर्शी वैसे तो ,,एक व्रत है ,,गणेश स्थापना का विसर्जन है
,,लेकिन समाज को अटूट एकता ,,आत्मस्वाभिमान ,,,आत्मरक्षा ,,और करतब कलाकारी
का विशेष संदेश भी है ,,,धार्मिक परम्परा ,,गणेश जी की स्थापना ,,पूजा
,पाठ ,,श्लोक ,,भजन ,,धार्मिक गीत ,,होते ही है ,,लेकिन इस दौरान एक कुशल
प्रबंधन ,,व्यवस्था प्रबंधन ,,एकता प्रबंधन देखने को मिलता है ,,,अलग अलग
गली ,,अलग अलग मोहल्लों से निकले छोटे छोटे जुलुस ,,,निकलते है और फिर एक
जगह एकत्रित होकर यह छोटे छोटे जुलुस ,,महासमुंद्र की तरह ,,लाखो
लोगो की उपस्थिति के गवाह बन जाते है ,,अखाड़ों के करतब ,,अखाड़ों के उस्ताद
का अदब ,,उनका अनुशासन ,,समयबद्ध करतब कार्य्रकम ,,जांबाज़ी प्रदर्शन
,,आत्मस्वाभिमान ,,आत्मरक्षा के लिए बेहिसाब दांव पेंचो का प्रदर्शन ,,लोगो
के लिए मुख्य आकर्षक होते ,है ,,, कुछ लोग हो सकते है जो ऐसे कार्यक्रमों
को ,,बेहूदा नारो में बदलने की कोशिश करते ,है ,कुछ लोग होते है जो ऐसे
महासंगम ,,,पवित्र त्यौहार को ,,सियासी दांवपेंच में फंसाने की कोशिशो में
अपनी खुद की पार्टी की तरफ घुमाना चाहते है ,,कुछ लोग होते है जो गैर ज़रूरी
,गैर मज़हबी नारेबाजी करते है ,,कुछ लोग होते है जिन्हे गणपत्ति बप्पा के
इस त्यौहार की विशालता का ज्ञान नहीं होता ,,कुछ लोग होते है ,,जिन्हे अनंत
महोत्स्व ,,अन्नत वृत्त ,,और इस दिन की मज़हबी इतिहास का ज्ञान नहीं होता
,,इसलिए वोह भटक कर दूसरे देवीदेवताओं का बखान भी करते है ,,लेकिन यह सब
मामूली ,,तुच्छ बातें है ,,हक़ीक़त यह है ,,के ऐसे जुलुस ,,ऐसे प्रदर्शनो से
एक तो हमारी अखाडा कला ,,जीवंत हो रही है ,अखाड़े के गुरुओं का सम्मान बढ़ा
है ,,हमारे लड़के ,,लड़कियां नए नए ,,आत्मरक्षा के करतब सीख रहे है
,,,मोहल्ले की सुरक्षा के लिए यह अखाड़े एक पहचान है ,,,लाखो का जुलुस
,,,जुलुस की व्यवस्था निजी तोर पर एक समिति द्वारा किया जाना ,,अनुशासन का
अपना संगम है ,,,हज़ारो झलकियां ,,सेकड़ो झांकियां ,,एक नयी सीख ,,एक नयी सोच
देकर जाता है ,,उत्स्व ,,जैसा माहौल ,,एक महाकुम्भ जैसा वातावरण ,,,सच
मज़हबी सोच से अलग हठ कर भी देखे तो अटूट एकता ,,एक अलग अलग गली मोहल्लों से
निकले छोटे छोटे गिनती के लोगो को महाकुम्भ बना देने का संदेश ,,अटूट एकता
का संदेश भी है ,,,कुशल प्रबंधन का नमूना भी है ,,हमारे जिला प्रशासन के
धैर्य संयम ,,उनकी कुशलता भी इस जुलुस के निकलने से साबित होती है ,,,शहर
की सड़को को गड्डा मुक्त करना ,,शहर की बिजली व्यवस्था ,,क़ानून व्यवस्था
,,,अलग अलग पुलिस बीट की सूचनाओं एकत्रीकरण ,,चुस्त दुरुस्त प्रशासन का भी
यह रिहर्सल हो जाता है ,,,,,अनंत चतुर्दर्शी के जुलुस का धैर्य संयम ,,कुशल
प्रबंधन से निकाले जाने ,,इसके लिए शामिल लोग ,,प्रबंधक ,अखाड़े के उस्ताद
,,जुलुस समिति ,,जिला कलेक्टर ,,पुलिस अधीक्षक ,,उनकी टीम खासकर ख़ुफ़िया
विभाग बधाई का पात्र है ,,जो जुलुस सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ ,,सभी को बधाई ,,,मुबारकबाद ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान ,
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