पिछले कई दिनों से ,,ट्रिपल तलाक़ ,,निजता के अधिकार सहित सुप्रीम कोर्ट के
फेसलो को लेकर देश में फेसलो की पालना कम सियासत अधिक हो रही है ,,,देश में
सुप्रीम कोर्ट के सरकार को निर्देशात्मक तरीके के हर साल दो दर्जन से भी
अधिक फैसले होते है ,जिनकी पालना में आम लोगो और पीड़ितों को इन्साफ के लिए
सुप्रीम कोर्ट ने आवश्यक निर्देश जारी कर रखे है ,,रोटी ,,कपड़ा ,,मकान
,,मुफ्त इलाज ,,सफाई ,,,सुरक्षा ,,गवाहों की सुरक्षा ,,जंगलो को बचाने के
निर्देश ,,यात्रियों को सुविधाये दिलाने के निर्देश ,,मुफ्त
शिक्षा ,,उच्च स्तरीय शिक्षा ,,,महिलाओ को त्वरित न्याय ,,चेक अनादरण
मामलो में तीन माह में फैसले के निर्देश ,,आपराधिक मामलों में गवाहों को
खर्चा ,,सुविधा और सुरक्षा दिलाने के निर्देश ,,मुक़दमो पर केस ऑफिसर की
नियुक्ति निर्देश ,,राजनीती को आपराधिकरण से बचाने के लिए निर्वाचन
मार्गदर्शन ,,सफेदपोश उद्योपतियों ,,नेताओ के खिलाफ कार्यवाही शिकंजे के
हज़ारो हज़ार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश है ,,इनकी पालना खुद सरकार नहीं करवा
पा रही है ,गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकारों के मामले में अब तक आदेश की शत
प्रतिशत पालना नहीं ,,थानों में ऑन लाइन एफ आई आर सी सी टी वी केमरो को
लगाने के निर्देशों की पालना नहीं हुई है ,,बात साफ़ है सरकार फेसलो को लागू
करने के मामले में गंभीर नहीं है ,सुर्पीम कोर्ट का राम मंदिर मामले में
अवमानना कर खुले आम आपराधिक बयान देना साफ़ ज़ाहिर करता है के कई ऐसे लोग है
जिनके मन में सुप्रीमकोर्ट के आदेश का कोई सम्मान नहीं है ,,ऐसे में निजता
,,ट्रिपल तलाक़ सहित कई मामलो की क्रियान्विति कब कैसे होगी ,,पता नहीं
,,संथारा मामले में आदेश की पालना नहीं ,,दक्षिणी भारत में सांडो की लड़ाई
रोकने की पालना नहीं ,,बालविवाह ,,नाता प्रथा ,,दहेज़ प्रथा ,दहेज़ हत्याएं
रोकने के मामले में कोई पालना नहीं ,,,परित्यक्ता महिलाओं के कल्याण के लिए
निर्देशों की पालना नहीं ,,ऐसे में सुर्प्रीमकोर्ट के आदेश ,,सरकारों को
रद्दी की टोकरी से निकाल कर उनकी पालना में लोगो को सुविधाएं देना चाहिए
,,,,हाल ही में गुरमीत राम रहीम के भक्तो के हरियाणा में एकत्रित होने पर
हाईकोर्ट खूब चीखी ,,चिल्लाई ,,नाराज़ हुई ,,जाटों के आरक्षण के ,दौरान
,गुर्जरो के आरक्षण के दौरान ,,सरकार को हिंसा ,,तोड़फोड़ करने वालो के खिलाफ
सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए सरकार ने कोई पालना नहीं की ,,हरियाणा का
उदाहरण तो सामने है ,,,हाईकोर्ट अब तीस लोगो की मोत ,,आगजनी ,,लूटपाट के
लिए क्या सरकार और उनके ज़िम्मेदार मंत्री अधिकारियो के खिलाफ कार्यवाही के
निर्देश देगी ,,या फिर यूँ ही ,,,,अख्तर खान अकेला कोटा
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