दोस्तों कोंग्रेस संगठन में तेजतर्रार शख्सियत जिसके बगेर राजस्थान
कोंग्रेस … राजस्थान सरकार … और राजस्थान विकास की अधूरी कहानी है इस
शख्सियत का नाम शान्तिकुमार धारीवाल है जो कोटा उत्तर विधानसभा सीट से
चुनाव जीत कर विपक्ष की आँख की किरकिरी और आमजनता के लियें हरदिल अज़ीज़ बन
गए है ……… सियासत शांति धारीवाल के खून में थी सियासत इन्हें विरासत में
मिली … शान्तिकुमार धारीवाल के वालिद स्वर्गीय रिखब चंद धारीवाल कोटा के
एक मात्र ऐसे नेता रहे है जिन्होंने कोटा विकसित करने के साथ साथ
कोटा में उद्द्योग खुलवाकर कोटा को ओद्धयोगिक नगरी का दर्जा दिलवाया है।
…रिखब चाँद धारीवाल राजस्थान सरकार में उद्ध्योग मंत्री थे …. शान्ति
कुमार धारीवाल के वालिद रिखब चद धारीवाल माने हुए वकील भी थे और इसीलियें
शांति कुमार धारीवाल ने भी वकालत को अपना व्यवसाय बनाने के लियें वकालत
शुरू की लेकिन इसी बीच वोह जनता के बीच लोकप्रिय होने से राजस्थान के सबसे
बढ़े जिले कोटा जिसमे आज का बारां जिला भी शामिल था जिला प्रमुख चुने गए और
किसानो … ग़्रामीणो मजदूरों की समस्या समाधान में जुट गए। .शांति
धारीवाल के जिला प्रमुख कार्यकाल में गाँवों को सडको से जोड़ा गया गाँवों
में शिक्षा की अलख जगाने के लियें स्कूल खोले गए सेकड़ों नहीं हजारों
बेरोजगारों को नोकरी दी गयी …शान्ति धारीवाल ने जनसंघ का गढ़ बने कोटा में
कोंग्रेस का परचम लहराने के लियें स्वर्गीय राजीव गाँधी को मुख्य अतिथि
बनाकर कोटा में एक कार्यकर्ता सम्मेलन करवाया जिसमे राजस्थान कोग्न्रेस के
वरिष्ठ नेता पंडित नवल किशोर भी थे …. शान्ति धारीवाल की साफ़ गोई
निर्भीकता … जुझारूपन और कोटा से जनसंघ का गढ़ तोड़ कर कोंग्रेस का परचम
लहराने का जूनून स्वर्गीय राजीव गाँधी ने देखा नापा तोला और पसंद किया …
राजीव गांधी ने शान्तिकुमार धारीवाल को बढ़ी ज़िम्मेदारी देते हुए कोटा से
दिग्गज भाजपाई को हारने के लियें कोटा बूंदी से लोकसभा का टिकिट दे दिया …
शांति कुमार धारीवाल की लोकप्रियता और चुनाव मेनेजमेंट ही था जो इन्होने
कोटा में जनसंघ के गढ़ को ध्वस्त कर कोग्न्रेस का झंडा फहराया। …. शांति
कुमार धारीवाल लोकसभा में भी मूकदर्शक सदस्य नहीं रहे यह कोटा और राजस्थान
के लियें केंद्र सरकार में लड़ते रहे और हरिदेव जोशी के मुख्यमंत्री काल में
राजस्थान के लियें केंद्र से कई योजनाओं के सपने को साकार करवाया। ……
शान्तिकुमार धारीवाल ने फिर कोटा जिला संगठन की बागडोर सम्भाली और संगठन
को मजबूत स्थिति दी भाजपा में ललित किशोर चतुर्वेदी को अविजित समझ लिया
गया था शांति कुमार धारीवाल को टिकिट दिया गया इसके पहले यह हिंडोली से
विधायक चुनकर जा चुके थे … कोटा में ललित किशोर चतुर्वेदी के खिलाफ कोई
मुकाबला करने को तय्यार नहीं था ऐसे में इन्होने कोटा से ललितकिशोर
चतुर्वेदी को तीस हज़ार वोटों से भी अधिक वोटों से हरा कर कोंग्रेस हाईकमान
को चोंका दिया … शान्ति धारीवाल को पहली बार अशोक गहलोत ने राजस्थान के
विकास के लियें मंत्रिमंडल की टीम में शामिल किया और बस फिर तो राजस्थान
के विकास की शुरुआत को चार चन्द लग गए राजस्थान के हर शहर में विकास ही
विकास नज़र आने लगा गरीब बेरोजगारों को पुनर्वास कर मुख्यमंत्री योजना के
तहत कियोस्क देकर मालिक बनाया गया … कच्ची बस्तियों में सुविधाएँ दी गयी
और कच्ची बस्तियों को नियमित कर सरकारी पट्टों में पहली बार पत्नी का हक भी
शामिल किया गया … यह दोर राजस्थान को आधुनिक राजस्थान बनाने की शुरुआत थी
खासकर कोटा , जोधपुर, जयपुर सहित सभी बढे शहरों की तस्वीर बदल गयी पर्यटन
को बढ़ावा मिला नया नगर पालिका कानून बनाया गया राजस्थान में बाइपास ,
ओवेरब्रिज और आधुनिकीकरण सोंद्र्य्करण का दोर शुरू हुआ फिर भाजपा शासन में
शांति धारीवाल ने कोटा और प्रदेश संगठन को मजबूत बनाया नई सरकार बनाने
का वक्त आया राजस्थान में कोग्न्रेस अल्पमत में थी लेकिन धारीवाल की ही
कोशिश थी के जोड़तोड़ की राजनीति के चलते राजस्थान में अशोक गहलोत के
नेत्रत्व में कोंग्रेस की सरकार बनी ।शन्ति कुमार धारीवाल ने ऍन आर आई
को विश्वास दिया एक सकारात्मक वातावरण दिया और न्यूयार्क हो चाहे अमेरिका
सभी विदेशी ऍन आर आई का राजस्थान में सम्मेलन बुलवाकर उनका रुपया राजस्थान
के उद्ध्योग और व्यवसाय में लगवाकर राजस्थान को कई साल आगे कर दिया
चारो तरफ विकास चारो तरफ सोंद्र्य्करण चारो तरफ जनसुविधाए और मनोरंजन के
साधन खोल दिए गए …जय्पुर में मेट्रो ट्रेन ,कमिश्नर प्रणाली ,जोधपुर की
विशिष्ठ योजनाये और कोटा की कायाकल्प गरीबों के लियें मकान कच्ची बस्तियों
के लियें पट्टे और सुविधाएं राजस्थान को बीमारू राज्य से विकसित और खुबसूरत
राज्य घोषित करवाने के लियें काफी था। राज्स्थन के मुख्यमंत्री अशोक
गहलोत ने शांति कुमार धारीवाल पर जो भरोसा दिखा कर ज़िम्मेदारी सोंपी थी उसे
शंतिधारिवाल ने बखूबी निबाह कर खुद को एक वफादार सिपाही वफादार
कर्तव्यनिष्ठा दिखा कर बखूबी दिखा दिया आज राजस्थान सरकार की हर योजना
शांति कुमार धारीवाल द्वारा चलाई गयी है … राजस्थान सरकार और संगठन पर
विधानसभा या विधानसभा के बाहर जब जब भी संकट आया है शंतिधारिवाल ने एक संकट
मोचक की भूमिका निभाकर अशोक गहलोत की लाज रखी है और इसीलियें मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत ने दुसरे नम्बर का ताकतवर मंत्री बनाकर राजस्थान की मुख्य
बागडोर उनके हाथ में सम्भला दी है और राजस्थान में चारो तरफ विकास ही विकास
है इनकी निति रीती विकास कार्यों की प्रशंसा विपक्ष भी करने को मजबूर
रहता है और दबे अल्फाजों में विपक्ष इनके समक्ष खुद बा खुद अपनी हार मानता
नजर आता है राजस्थान की शक्ल राजस्थान का विकास राजस्थान का
सोंदार्य्करण तो इन्होने बेहिसाब करवाया ही है लेकिन कोटा को भी आधुनिक
नगरी के रूप में एक नई पहचान दी है कोटा को विकसित किया पुराने गाँव कोटा
में जोड़ कर कोटा की सीमा बढाई …. कोटा को डूब से बचाने के लियें डायवर्जन
चेनल बनाया पार्क ,ट्रेन , बाइपास ,अंडरपास , ऑडिटोरियम,सोद्य्र्करण ,सात
अजूबे , बोटिंग व्यवस्था , ओवर ब्रिज ,सम्पर्क सड़के ,सहित कई सुविधाए इस
कोटा को देकर शान्तिकुमार धारीवाल ने आधुनिक कोटा का नाम दिया और आज कोटा
पर्यटन नक्शे पर अव्वल होने लगा है शांति कुमार धारीवाल ने कोटा के सभी
समाजों को सस्ते दामो पर भूखंड उपलब्ध करवाए मुस्लिम समाज के लियें खासतोर
पर वक्फ सम्पत्तियों पर विकास कार्य करवाए शादीघर सामुदायिक भवन बनवाकर
मुस्लिम भाइयों को विकास कार्यों के रूप में करोड़ों रूपये का काम करवाकर
तोहफा दिया ।शन्तिकुमर धारीवाल अपनी इन सभी व्यस्तताओं के बाद राजस्थान की
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के बाद भी कोटा से जुड़े रहे प्रत्येक सप्ताह कोटा
आना कार्यकर्ताओं से मिलना उनकी समस्याएं सुन्ना और उनका निराकरण करना आम
बात रही . . शांति कुमार धारीवाल राजस्थान के अकेले ऐसे नेता है जो
कार्यकताओं और अपने क्षेत्र के मतदाताओं से सीधे जुड़े हुए है उन्हें किसी
बिचोलिये की जरूरत नहीं वोह अपने विधानसभा क्षेत्र के अधिकतम लोगों को नाम
शक्ल से जानते है और उनके मोबाइल नम्बर उनके पास है । शांति कुमार
धारीवाल के पास कोई अगर सीधा फोन करता है उस वक्त अगर धारीवाल व्यस्त होते
है तो फिर शाम को पलट कर धारीवाल उस नम्बर पर फोन कर उसके काम के बारे में
पूछ थे है तो जनाब राजस्थान में तो क्या पुरे हिंदुस्तान में ऐसा जन
प्रतिनिधि शायद नहीं मिलेगा जो सीधा जनता से संवाद रखता हो सीधा जनता से
जुडा रहता हो लेकिन कमिया सबमे होती है कार्यकर्ताओं की चुगलखोरी को
कई बार यह सच मानकर अपने ही कार्यकर्ता से नाराज़ होकर अपनी ताकत को कमजोर
करते नज़र आते है और इनके कई कार्यकर्ता तो ऐसे है जिन्हें यह जिंदा लाश की
तरह सिर्फ ढो रहे है शांति धारीवाल जिन कार्यकर्ताओं के लियें जान की बाज़ी
लगाकर जमीन आसमान एक कर उसे हेसियत दिलाते है उसे जर्रे से आफताब बनाते है
उनमे से कई कार्यकर्ता इनके बेवफा भी निकले है और जो लोग इनेक साथ है उनके
से कई कार्यकर्ता इनका शोषण कर रहे है खुद का निजी काम करवाते है और पीछे
से जनता को इनके खिलाफ बरगलाते है . जनता में इनके बारे में क्या सोच बन
रही है जनता को क्या अच्छा क्या बुरा लग हे यह कार्यकर्ता इनके पास सही और
सच्चा फीडबेक नहीं देते है इसीलियें शंतिधारिवाल का अपना नेटवर्क है जिसके
भरोसे यह अपनी सभी सियासी कार्यवाहिया करते है ……. अख्तर खान अकेला कोटा
राजस्थान
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akhtar khan akela
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akhtar khan akela
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