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07 मई 2013

घोटालों से सोनिया-मनमोहन में दरार? अब चुप्‍पी तोड़ेंगे पीएम



नई दिल्‍ली। कोयला घोटाला  और रेलवे घूस कांड को लेकर हो रही किरकिरी के चलते कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी प्रधानमंत्री से नाराज बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्‍होंने मनमोहन सिंह से कहा है कि वो बयान जारी कर सफाई दें। ऐसी भी खबर है कि पीएम ने सोनिया को थोड़ा और इंतजार करने को कहा है। मनमोहन ने कहा है कि आठ मई के बाद ही वह चुप्‍पी तोड़ेंगे।
सरकार के खिलाफ विपक्ष ने भी हल्‍ला बोल दिया है। मंगलवार को संसद से लेकर सड़क तक बवाल हुआ। यूपी और छत्‍तीसगढ़ सहित कई जगहों पर ट्रेनें भी रोकी गईं। दिल्‍ली में संसद में भाजपाइयों ने घोटाले में फंसे मंत्रियों के इस्‍तीफे की मांग कर कार्यवाही ठप रखी, तो सड़कों पर भी कार्यकर्ता रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्विनी कुमार के इस्‍तीफे की मांग पर अड़े रहे।
इस बीच, बंसल के दूसरे भांजे अजय गर्ग से सीबीआई ने पूछताछ की है। गर्ग का नाम सीबीआई की एफआईआर में भी है। 90 लाख की रिश्‍वत के लेनदेन के वक्‍त विजय सिंगला और संदीप गोयल के साथ अजय गर्ग भी मौजूद था। सीबीआई का कहना है कि इस पूरे केस में अजय प्रमुख कड़ी है। पूछताछ के बाद गर्ग ने दिल्‍ली की एक अदालत में सरेंडर कर दिया।
वहीं, अब खुलासा हुआ है कि पूरी 'डील' 12 करोड़ की थी। इसके तहत दो करोड़ रुपये तत्‍काल देने थे और पांच-पांच करोड़ बाद में दो किश्‍तों में चुकाने की बात हुई थी। दो करोड़ की शुरुआती रकम में से ही 90 लाख रुपये दिए जा रहे थे, जिस दौरान रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला की रंगे हाथ गिरफ्तारी हो गई।
सूत्र बताते हैं कि आरोपियों ने सीबीआई को बताया है कि पांच करोड़ रुपये मेंबर (इलेक्ट्रिकल) बनने के बाद और बाकी पांच करोड़ रेलवे बोर्ड का चेयरमैन की कुर्सी मिलने पर देना तय हुआ था। बताया तो यह भी जा रहा है कि घूस की रकम भी 'आउटसोर्स' की गई थी। यह रकम उन्‍हीं लोगों से ली गई थी, जिन्‍हें पद 'खरीदने' के बाद महेश कुमार फायदा पहुंचाने वाले थे। महेश कुमार को 1 मई को रेलवे बोर्ड में मेंबर स्टाफ बनाया गया था। वह मेंबर (इलेक्ट्रिकल) बनना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए संदीप गोयल से संपर्क साधा। साथ ही, यह भी कहा कि जब तक मेंबर (इलेक्ट्रिकल) बनवाना संभव नहीं है, तब तक के लिए वेस्टर्न रेलवे और सिग्नल्स व टेलिकम्युनिकेशन के जीएम का अतिरिक्त प्रभार दिला दिया जाए। गोयल पंचकुला में पिरामिड इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से कंपनी चलाते हैं। यह कंपनी रेलवे को इलेक्ट्रिकल उपकरण सप्‍लाई करती है। गोयल ने महेश कुमार का काम कराने के लिए 2 करोड़ रुपये मांगे।
महेश कुमार ने बेंगलुरु के कारोबारी नारायण राव मंजूनाथ से संपर्क साधा। उनसे कहा कि वह दो करोड़ रुपये का इंतजाम कर दें। मंजूनाथ की मेसर्स जीजी इलेक्‍ट्रॉनिक्स नाम की कंपनी है। यह कंपनी रेल सुरक्षा से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाती है। महेश कुमार ने राव को दिलासा दी कि मेंबर इलेक्ट्रिकल बनने पर मदद करेंगे। मंजूनाथ ने 90 लाख की व्यवस्था कर दी और बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए 3-4 दिनों का वक्‍त मांगा।
 
घोटाले में बंसल भी बुरी तरह फंस सकते हैं। सीबीआई उनसे पूछताछ भी कर सकती है। बंसल के परिवार और उनके भांजे के बीच कारोबारी ताल्लुकात तो दस्‍तावेजों से साफ पता चलते हैं। बंसल के दोनों बेटे विजय सिंगला की कंपनियों में डायरेक्टर थे। सिंगला ने अपनी कंपनियों के जो पते दिए हैं, वह बंसल के बंगले का है। उनका यह बंगला चंडीगढ़ के सेक्टर-28 में है। 
इंडियन एक्सप्रेस ने सीबीआई के सूत्रों के हवाले से तो यह तक दावा किया है कि विजय सिंगला ने जो 90 लाख रुपये की रिश्वत ली थी, वह पवन बंसल को दिए जाने थे। सीबीआई महेश कुमार सहित कुछ आरोपियों के फोन रिकॉर्ड के आधार पर यह भी दावा कर रही है कि सिंगला की रेल मंत्रालय में बंसल के बेहद करीबी ऑफिसरों/सहायकों से नियमित बात होती थी।

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