विश्व में विभिन्न धर्मों में अलग-अलग तिथि व समय को नया वर्ष मनाया जाता है। इसी तरह हिंदू धर्म में नए साल का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी गुड़ी पड़वा से माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था। इस दिन से चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ भी होता है।
इस तिथि से विक्रम संवत् का प्रारंभ भी होता है। ग्रंथों के अनुसार उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के राजा विक्रमादित्य ने इसी तिथि से कालगणना के लिए विक्रम संवत् का प्रारंभ किया था जो आज भी हिंदू कालगणना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक संवत् का एक विशेष नाम होता है तथा विभिन्न ग्रह इस संवत् के स्वामी, राजा व मंत्री होते हैं जिसका असर वर्ष भर जन सामान्य पर दिखाई देता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 22 मार्च 2012 को रात 7.10 बजे विक्रम संवत् 2069 का प्रारंभ कन्या लग्न में होगा। चूंकि प्रतिपदा तिथि का सूर्योदय 23 मार्च को होगा इसलिए नव वर्ष का प्रारंभ 23 मार्च से माना जाएगा। इस वर्ष विश्वावसु नाम का संवत्सर रहेगा, जिसका स्वामी राहु है। इस वर्ष का राजा और मंत्री शुक्र है साथ ही दुर्गेश का पद भी शुक्र के ही पास है।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
13 मार्च 2012
23 मार्च से प्रारंभ होगा संवत् 2069, स्वामी राहु व राजा होगा शुक्र
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bahut achchhi jankari .aabhar
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