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28 मार्च 2011

हाडोती में पीलिया का प्रकोप शुरू

राजस्थान के हाडोती में पीने के गंदे पानी की सप्लाई के चलते हाडोती सम्भाग में पीलिया के रोगी बढ़े हें और यहाँ इनके पर्याप्त इलाज की कोई व्यवस्था नहीं हे . 
कोटा जो चम्बल तट पर बसा हे यहाँ चम्बल का पानी अम्रत कहा जाता हे लेकिन इन दिनों यही पानी जलदाय विभाग  की लापरवाही के कारण गरीब जनता के लियें जहर बन जाता हे हालत यह हें के नलों से गदला पानी आ रहा हे क्लोरिन कितना डाला जा रहा हे इसकी जानकारी नहीं हे सप्लाई अस्तव्यस्त हे और जो स्थिति कुओं ,हेंड पम्पों और वैकल्पिक स्त्रोतों की हे वोह सब जानते हें सभी घरों में एक्वा  गार्ड सम्भव नहीं हे इसीलियें बिना प्योरिफाई किये हुए जल वितरण से जनता की जान पर बन आई हे , सरकार ने इस मामले से निपटने के लियें अभी तक कोई रणनीति नहीं बनाई हे जबकि चिकित्सकों ,जलदाय विभाग , अधिकारीयों की कई बार इस मामले में बैठकें आयोजित हो चुकी हे आज कोटा की हर बस्ती से पीलिया के मरीज़ चिक्तिसालय में जा रहे हें दूर दराज़ बूंदी झालावाड बारां से भी पीलिया बिगड़ने पर मरीज़ कोटा अ रहे हें पीलिया हाडोती में एक खतरनाक बीमारी हे और यहाँ हर साला इस बीमारी से बेहिसाब मोतें होती हे कारण साफ़ हे एक तो गरीबी , महंगा इलाज और दुसरे चिकित्सकीय लापरवाही इसके अलावा एक महत्वपूर्ण कारण यह भी हे के यहाँ अधिकतम लोग पीलिया को मतर्वाने देसी इलाज से ठीक करवाने और झाड फूंक करवाने का भी अन्धविश्वास रखते हे और इसी कारण कई लोग डॉक्टरों की दवाएं तक नहीं लेते हें बाद में खुद पानी बनने पर उनकी मोत हो जाती हे . 
कोटा में इस मामले में जलदाय विभाग और चिक्तिसा विभाग को प्रशासन से मिलकर एक कार्य योजना तय्यार करना होगी जलदाय विभाग यानि सरकारी पानी की शुद्धता पर विदेशियों का जो विश्वास हे उसका एक उदाहरण पेश कर रहा हूँ हमारे एक सिविल के जानकार वकील जिनका लडका विदेश में गया और वहां कनाडा मेमे से विवाह रचा लिया वोह जब वापस इंडिया कोटा आया तो एक बच्चा भी साथ था यहाँ उसका जन्म दिन का कार्यक्रम था कोटा गढ़ पेलेस में स्थित एक होटल में समारोह था वहां प्योरिफाई पानी के महंगे टेंकर थे लेकिन जब वेदेशी कनाडियन में के बच्चे को प्यास लगी तो वोह इस महंगे पानी के चोचले को छोड़ कर वेहर इस दी गवर्मेंट टेप यानी उन्हें सरकारी नल की तलाश थी और वोह इसलियें के उनकी केनेडियन समझ के हिसाब से सरकार के नल का पानी ही प्योरोफाई होता हे और दुसरा पानी खराब होता हे लेकिन यहाँ मामला उल्टा हे सरकार के पानी पर भरोसा बेवकूफी हे .............. अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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