शहर में दो परिवारों ने निभाई नेत्रदान की परंपरा
बीते दो दिनों
में शाइन इंडिया फाउंडेशन के जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर शहर में दो
नेत्रदानी परिवारों में शोक की घड़ी आने पर नेतराम का पुनीत कार्य संपन्न
कराया ।
गुरुवार शाम वल्लभबाड़ी निवासी, सुरेंद्र सिंह,हरमिंदर
सिंह,की माताजी उत्तम जीत कौर का आकस्मिक निधन हुआ। परिवार पहले से ही
नेत्रदान के कार्यों में अग्रणी रहा है, दुख की घड़ी में वर्ष 2014 में
उत्तम जीत के पोते अंगद का और पति अमरीक सिंह का वर्ष 2019 में भी नेत्रदान
संस्था के सहयोग से संपन्न हुआ था । परिवार ने नेत्रदान को परंपरा बनाते
हुए दिवंगत उत्तम जी का नेत्रदान भी संपन्न कराया ।
इसी क्रम में आज
शुक्रवार को स्टेशन क्षेत्र निवासी आलोक और नीलेश जैन के पिता विमल कुमार
जैन का आकस्मिक निधन हुआ,जिसके उपरांत, उनकी पत्नी विमला जैन की सहमति से
नेत्रदान का पुनीत कार्य ईबीएसआर कोटा चैप्टर के सहयोग से संपन्न हुआ।
ज्ञात हो कि अभी, कुछ माह पूर्व ही विमल जी के दोहते वैभव जैन का नेत्रदान
भी संस्था के सहयोग से संपन्न हुआ था ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
10 जुलाई 2026
शहर में दो परिवारों ने निभाई नेत्रदान की परंपरा
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