देहदान संकल्पित पिता का बेटी दामाद ने संपन्न कराया नेत्रदान देहदान
2. 120 किलोमीटर की भाग दौड़,पर देहदान संकल्पित का संपन्न हुआ देहदान
हाडोती
संभाग में, शाइन इंडिया फाउंडेशन के नेत्रदान जागरुकता के बाद अब देहदान
का कार्य भी, क्षेत्रवासियों में जागरूकता ला रहा है । शोक की घड़ी ने
परिवार की ओर से देहदान के लिए संपर्क करने के बाद टीम के सदस्य सक्रिय
होकर पुण्य कार्य को संपन्न करने में मदद करते हैं ।
कल,मंगलवार को
मंडी रोड,देवपुरा,बूंदी निवासी राजेंद्र प्रसाद शर्मा का आकस्मिक निधन
हुआ, जिसके उपरांत बेटी मनीषा और दामाद सतीश ने संस्था के ज्योति मित्र
इदरीस बोहरा, को पिता के नेत्रदान और देहदान का संकल्प पूरा करवाने का
अनुरोध किया ।
ज्ञात हो कि,5 दिन पहले राजेंद्र प्रसाद ने अपनी
स्वेच्छा से बेटी दामाद को अपना देहदान करने की इच्छा बताई थी, जिसके
उपरांत उनका देहदान संकल्प संस्था शाइन इंडिया के माध्यम से भरवाया गया था ।
सहज,सरल व सादा जीवन जीने वाले राजेंद्र प्रसाद, धार्मिक प्रवृत्ति के
मिलनसार व्यक्ति थे ।
जब संस्था को नेत्रदान देहदान की सहमति मिली,
उस समय ईबीएसआर बीबीजे चैप्टर के तकनीशियन डॉ कुलवंत गौड़, कोटा से 80
किलोमीटर दूर बारां में,व्यक्तिगत कार्य से गए हुए थे,सूचना मिलते ही,वह
कार्यक्रम को बीच में छोड़, बारां से 120 किलोमीटर दूर सीधा बूंदी पहुंचे,
और परिजनों के बीच नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया ।
नेत्रदान
के उपरांत राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय,बूंदी के भावी चिकित्सकों के
अध्ययन के लिए,राजेंद्र प्रसाद शर्मा की देहदान की गयी । ज्ञात हो
कि,संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से यह चौथा देहदान बूंदी मेडिकल
कॉलेज को किया गया है, इससे पहले स्व० पिंकी छाबड़ा,स्व० सुरेश विजयवर्गीय,
स्व० प्रेम सिंह परिहार की देह भी मेडिकल कॉलेज को दी गई है ।
देहदान
प्रक्रिया के दौरान, मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ विजय नायक,
अन्य सहयोगी चिकित्सक, संस्था शाइन इंडिया के संस्थापक डॉ कुलवंत गौड़ और
बूंदी के ज्योति मित्र इदरीस बोहरा मौजूद थे ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
08 अप्रैल 2026
देहदान संकल्पित पिता का बेटी दामाद ने संपन्न कराया नेत्रदान देहदान
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