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31 मार्च 2026

अंतिम सफर को जाते हुए भी सुशीला देवी दे गई दो नेत्रहीनो को नई रोशनी



अंतिम सफर को जाते हुए भी सुशीला देवी दे गई दो नेत्रहीनो को नई रोशनी

मथुरा में धार्मिक यात्रा में मृत्यु,घर लाते समय,देर रात,बीच रास्ते में एंबुलेंस में संपन्न हुआ नेत्रदान


नेत्रदान प्रक्रिया के लिए पार्थिव शरीर को कहीं ले जाना नहीं होता है, घर पर, चिकित्सालय पर, मुक्तिधाम में या एंबुलेंस में भी इस प्रक्रिया को संपादित किया जा सकता है, इसी तरह का विलक्षण उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला जब सुशीला शर्मा का नेत्रदान एंबुलेंस में प्राप्त किया गया।

शाइन इंडिया फाउंडेशन एवं भारत विकास परिषद के नेत्रदान संयोजक कमलेश गुप्ता दलाल ने बताया कि ट्रांसपोर्ट व्यवसायी धनराज शर्मा का परिवार देव दर्शन के लिए मथुरा गया हुआ था, वहीं पर उनकी पत्नी सुशीला देवी को हृदयाघात हुआ और उनका निधन हो गया, आकस्मिक मृत्यु के बाद परिवारजन पार्थिव शरीर को मथुरा से एम्बुलेंस के द्वारा भवानीमंडी लेकर आ रहे थे, ऐसे में पार्षद राहुल बोहरा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार डॉ राजकुमार शर्मा की प्रेरणा से सुशीला देवी के पुत्रों राजू, नवीन, कमल एवं कुंदन शर्मा के द्वारा नेत्रदान की सहमति प्रकट की गई।

जब तक सहमति प्राप्त हुई,परिवारजन पार्थिव शरीर को लेकर कोटा से गुजर रहे थे,ऐसे में कमलेश गुप्ता की सूचना पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ ने रात को 4 बजे ही ज्योति रथ से 30 किलोमीटर दूर गोपालपुरा,कोटा के ऐट लेन पर पहुंचे,और एंबुलेंस में ही नेत्रदान प्रक्रिया संपादित करके कॉर्निया प्राप्त किया।

राहुल बोहरा एवं डॉ राजकुमार शर्मा ने बताया कि नेत्रदान के प्रति सहमति होने के बाद भी परिवार के मन में संशय था कि,रात्रि को 4 बजे नेत्रदान कैसे होगा और कहां पर होगा? ऐसे में जब उन्हें जानकारी दी गई कि नेत्रदान प्रक्रिया एंबुलेंस में भी संपादित की जा सकती है, एवं देर रात्रि में भी शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम नेत्रदान लेने के लिए आने को तैयार है,तो उन्होंने तुरंत नेत्रदान के लिए स्वीकृति प्रकट कर दी ।

धनराज शर्मा के साथ-साथ सभी परिवार सदस्यों ने एंबुलेंस में संपन्न नेत्रदान प्रक्रिया को अच्छी तरह से देखा और यह जानकर संतोष हुआ कि नेत्रदान में केवल आंखों के ऊपर की झिल्ली (कोर्निया) को ही लिया जाता है, इसमें चेहरे पर कोई विकृति नहीं आती है।

नेत्र उत्सरक डॉ कुलवंत गौड़ के अनुसार कि, सुशीला देवी का कॉर्निया अच्छा पाया गया है, इसे आई बैंक जयपुर भिजवा दिया गया है,जहां यह दो नेत्रहीनों को नई रोशनी दे सकेगा। वही ज्योति मित्र कमलेश गुप्ता दलाल के अनुसार,यह नगर से 156 वां नेत्रदान प्राप्त हुआ है।

प्रेषक.
शाइन इंडिया फाउंडेशन

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