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18 मार्च 2026

*जलदाय व केडीए अधिकारियों की ली बैठक* *चम्बल में अथाह पानी, कोटा में नहीं हो किल्लत - संदीप शर्मा*

*जलदाय व केडीए अधिकारियों की ली बैठक*
*चम्बल में अथाह पानी, कोटा में नहीं हो किल्लत - संदीप शर्मा*
विधायक संदीप शर्मा ने कहा है कि कोटा शहर को चम्बल का अथाह पानी वरदान के रूप में प्राप्त हुआ है, ऐसे में प्रत्येक कोटावासी को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होना चाहिए। बुधवार को सर्किट हाउस में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेते हुए उन्होंने कहा कि शहर में तीन फिल्टर प्लांट हैं, कुछ उत्पादन क्षमता 570 एमएलडी है जो 30 लाख लोगों के लिए पर्याप्त हैं, ऐसे में कोटा शहर की 17 लाख की आबादी को पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए। इसलिए जलदाय अधिकारी ग्रीष्म ऋतु की आहट के साथ पर्याप्त जलापूर्ति हेतु अपनी तैयारियां पूर्ण कर लें, अन्यथा पानी की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अमृत योजना के द्वितीय चरण की टेण्डर प्रक्रिया लम्बित होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में हमारा ध्येय है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र की प्रत्येक कॉलोनी में पर्याप्त मात्रा में दबाव के साथ जलापूर्ति हो लेकिन टेण्डर प्रक्रिया के कारण लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बैठक से ही जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता देवराज सोलंकी से दूरभाष पर वार्ता की और उन्होंने कोटा के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही कोटा में अमृत योजना में हो रहे विलम्ब को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ीकरण करने के लिए कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में 3.5 करोड़ के ग्रीष्मकालीन आकस्मिक कार्य स्वीकृत हैं, ऐसे में जिन क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में पानी की दिक्कत रहती है, उनमें जलापूर्ति के लिए अभी से कार्य करवाए जाएं। इसी प्रकार तत्काल आवश्यकता वाले पाईप लाईन आदि कार्य मुझे बताएं ताकि अन्य किसी एजेंसी से काम करवाए जाएं। दादाबाड़ी, महावीर नगर विस्तार योजना, बालाकुण्ड जैसे सघन आबादी क्षेत्रों में पानी की कमी की शिकायतों का तत्काल समाधान करवाया जाए, वहीं बरड़ा बस्ती, क्रेशर बस्ती एवं तालाब गांव जैसे क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए।
एक-एक किराएदार के मकानों को व्यावसायिक दर से बिल देने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि लोग शहर में पढ़ने के लिए आए बच्चों को एक कमरा किराए पर दे देते हैं तो उनका मकान कोई कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स नहीं बन जाता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मकानों को घरेलु श्रेणी का ही बिल दिया जाए।
उन्होंने कहा कि जलदाय विभाग के अधिकारी कई बार किसी नए आबादी क्षेत्र में पानी देने के लिए पुराने क्षेत्र की जलापूर्ति लाईन से ही टेपिंग कर देते हैं, जिससे दोनों ही क्षेत्रों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। इसलिए नया तंत्र बनाया जाए, हमारे पास धन की कमी नहीं है, अमृत योजना के साथ ही 15वें वित्त आयोग में भी काम करवाए जा सकते हैं।
इसी प्रकार शहर के कई स्थानों पर नई पुरानी मिलाकर 4-4 पाईप लाईनें डली हुई हैं, इससे रिसाव, गंदे पानी व कम दबाव की समस्या आती है, इसलिए नई लाईन में जलापूर्ति शुरू होते ही पुरानी पाईप लाईनों को तुरंत बन्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अकेलगढ़ से निकल रही 1000 एमएम की पाईप लाईन में 40 प्रतिशत लीकेज था, इसे पूरी तरह से नहीं बदला गया है, इसलिए इसके बचे हुए हिस्से को भी तत्काल बदल दिया जाए ताकि बहुमूल्य पेयजल व्यर्थ बहने से बचे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता दीपक कुमार झा, अधिशाषी अभियंता श्याम माहेश्वरी, ललित शर्मा, जीवनधर राठौर, अभिषेक मिश्रा, सहायक अभियंता विमल नागर, डी पी चौधरी, अशोक बमनावत, दीक्षांत मित्तल, अनिल मित्तल, अभिषेक जैन, पवन सिंह, घनश्याम कलवार, रिजवान मुल्तानी सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।
 

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