"दृष्टिकोण वह कला है जिससे हम वह देख पाते हैं जो दूसरों के लिए अदृश्य है।" — जोनाथन स्विफ्ट जयपुर में आयोजित 84वें AIOS सम्मेलन (12-15 मार्च 2026) में डॉ. सुरेश के पाण्डेय (सुवि आई हॉस्पिटल, कोटा) और डॉ. निपुण बागरेचा ने अपने सर्जिकल कौशल और ज्ञान का अद्भुत प्रमाण दिया। पद्मश्री प्रो. (डॉ.) जीवन सिंह टिटियाल की गरिमामयी उपस्थिति में उनकी 7 नई पुस्तकों का विमोचन हुआ। जटिल फेको सर्जरी और रेटिना विज्ञान में अपने अनुभव साझा कर, उन्होंने साबित किया कि एक चिकित्सक न केवल दृष्टि लौटाता है, बल्कि अपने साहित्य और मार्गदर्शन से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी संवारता है

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