सूरह अल-अलक़ हिंदी अनुवाद के साथ (Surah Al-Alaq in Hindi)
बिस्मिल्लाह हिर्रहमानिर्रहीम (अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयालु और कृपाशील है)
विकिपीडिया
विकिपीडिया
इक़रअ बिस्मि रब्बिकल-लज़ी खलक
(ऐ पैगंबर) अपने परवरदिगार के नाम से पढ़िए जिसने (सब कुछ) पैदा किया।
खलक़ल-इन्स-आना मिन 'अलक़
उसने इंसान को जमे हुए खून (लोथड़े) से पैदा किया।
इक़रअ व रब्बुकल-अकरम
पढ़िए, और आपका रब बहुत दयालु/उदार है।
अल्लज़ी अल्लमा बिल-क़लम
जिसने कलम के जरिए इल्म (ज्ञान) सिखाया।
अल्लमल इन्सा-न मा लम यअलम
उसने इंसान को वह सिखाया जो वह नहीं जानता था।
कल्ला इननल इन्सा-न लयत्गा
सुन रखो! बेशक इंसान सरकशी (अहंकार) करता है।
अन रआहुस्तगना
इस वजह से कि वह अपने आप को बेपरवाह (अमीर/समर्थ) देखता है।
इन्ना इला रब्बिकुर-रुजआ
बेशक तुम्हारे रब की तरफ ही लौटकर जाना है।
अ-रअय्तल-लज़ी यन्हां
भला तुमने उस शख्स को देखा?
अब्दन् इजा सल्ला
जो एक बंदे (नमाज़ी) को नमाज़ पढ़ने से रोकता है?
अ-रअयता इन का-ना अलल-हुदा
क्या तुमने देखा, अगर वह (नमाजी) सही रास्ते पर हो?
औ अमरा बित्तक़वा
या परहेजगारी (तक्वा) की तालीम देता हो?
अ-रअयता इन कज्ज़-ब व तवल्ला
क्या तुमने देखा, अगर उसने (रोकने वाले ने) झूठ माना और मुंह फेर लिया?
अलम यअलम बिअन्नल्ला-ह यरा
क्या उसने नहीं जाना कि अल्लाह देख रहा है?
कल्ला लइललम यन्तेह लनसफअम बिन नासियह
हरगिज़ नहीं! अगर वह बाज़ न आया, तो हम पेशानी (माथे) के बाल पकड़कर घसीटेंगे।
नासियतिन काज़िबतिन खातिअह
झूठी, खताकार (पापी) पेशानी।
फल्यदउ नादियह
तो वह अपनी मजलिस (मंडली) को बुला ले।
सनदउज्जबानियह
हम भी अज़ाब के फरिश्तों (ज़बानिया) को बुला लेंगे।
कल्ला ला तुतिअहु वस्जुद वकतरिब
हरगिज़ नहीं! (ऐ नबी) आप उसकी बात न मानना, और सजदा करें और (अल्लाह के) करीब हो जाएं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)