ऐसा नहीं की सिर्फ मेरी नहीं सुनता..
वो जी हुज़ूर है, किसी की नहीं सुनता..
मजबूरियां तो खाक ही समझेगा वोह क़ोम की .
फ़ोन काट देता है बात पूरी नहीं सुनता..
वोह जी हुज़ूर है, इसलियें मेरी क़ोम का नेता है, वोह शायर भी है, लफ़्फ़ाज़ी में माहिर भी है, लीडरों की तलवागिरी चाट पूरी करता है, बस बीमार है वोह कोम के मसले मसाइल की कोई भी बात हरगिज़ नहीं करता है, अख़्तर

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