शीतला अष्टमी पर हुआ निधन,पुत्रों ने संपन्न कराया नेत्रदान
2. साली की शादी बीच में छोड़,रात 2:30 बजे कोटा से आयी टीम ने लिया नेत्रदान
देर
रात एक बजे,तिलक चौक,बूंदी निवासी स्व० मदनलाल जैन एडवोकेट की धर्मपत्नी
खानी बाई जैन का आकस्मिक निधन हुआ। धर्म कर्म में आस्था रखने वाली खानी बाई
नेत्रदान की प्रबल समर्थक थी पोते डॉ मोहित जैन को भी उन्होंने अपने
नेत्रदान करवाने की सहमति दे रखी थी ।
देर रात 1:00 बजे जब यह दुखद
घटना घटी, तो उन्होंने तुरंत ही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति
मित्र इदरीस बोहरा को सूचना कर दादी मां के नेत्रदान करवाने के लिए कहा ।
इदरीस
की सूचना पर कोटा से,ईबीएसआर-बीबी चैप्टर के कोऑर्डिनेटर, डॉ कुलवंत गौड़
नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ स्वयं चलाकर 40 किलोमीटर दूर बूंदी पहुंचे और
देर रात 2:00 बजे परिवार के सभी सदस्यों के बीच नेत्रदान का कार्य संपन्न
किया । सूचना के दौरान डॉ गौड़, अपनी साली गौरक्षा दाधीच की शादी समारोह
में मौजूद थे,वहीं से सीधा नेत्रदान लेने बूंदी पहुंचे ।
नेत्रदान
के इस पुनीत कार्य में,खानी बाई के बेटे जैनेन्द्र,ओमप्रकाश, कमल
कुमार,राजकुमार का पूरा सहयोग रहा । नेत्रदान के बारे में अधिक जानकारी
देते हुए डॉ गौड़ में बताया कि, गर्मियों के दिनों में अब जरूरी सावधानी यह
रखना है कि, आँखों को पूरी तरह बंद कर,उनपर रखने वाले गीले रुमाल को हर
आधे घंटे में बदलते रहे ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
11 मार्च 2026
शीतला अष्टमी पर हुआ निधन,पुत्रों ने संपन्न कराया नेत्रदान
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