आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

04 मार्च 2026

ईरान की यह तस्वीर मन को भीतर तक झकझोर देती है।

 

ईरान की यह तस्वीर मन को भीतर तक झकझोर देती है।
सफेद कफनों में लिपटी छोटी-छोटी बच्चियाँ, सिरहाने रखी उनकी मुस्कुराती तस्वीरें और बिलखते हुए माता-पिता — यह दृश्य केवल का नहीं, पूरी मानवता की असफलता का आईना है।
जो उम्र किताबों, खेल और सुनहरे सपनों की थी, वह नफरत, सत्ता की हिंसा और युद्ध की राजनीति की भेंट चढ़ गई। स्कूल जाने वाली मासूम बच्चियाँ किसी भी संघर्ष का हिस्सा नहीं थीं, फिर भी सबसे बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ी।
दुनिया में कहीं भी बच्चों पर हमला केवल एक देश का आंतरिक मामला नहीं होता — यह पूरी मानवता के खिलाफ अपराध है।
बच्चों का जीवन किसी भी राजनीतिक, धार्मिक या सैन्य संघर्ष से कहीं अधिक बड़ा और पवित्र होता है।
हम शायद केवल संवेदना जता सकते हैं, उनके परिवारों के दुःख में सहभागी होने की बात कह सकते हैं। पर सच यही है — मासूम बच्चों की लाशों पर खड़ी कोई भी व्यवस्था कभी न्यायपूर्ण नहीं हो सकती।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और दुनिया को इतनी संवेदना दे कि भविष्य में किसी भी बच्चे का बचपन युद्ध की आग में न जले

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...