शोक की घड़ी में परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान
2. नेत्रदान कर,नाम सार्थक कर गए समाजसेवी सूरजमल बंसल
शहर के प्रमुख समाजसेवी,प्रबुद्ध व्यवसायी बूंदी सिलिका,कोटा निवासी सूरजमल बंसल का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया।
सहज,सरल
और विनम्र स्वभाव के सेवाभावी सूरजमल न सिर्फ अपने परिवार के लिए चहेते
थे, बल्कि शहर,समाज और पत्थर व्यापार मंडल के लिए भी वह हमेशा सभी के चहेते
रहे । धर्म कर्म में आस्था रखने वाले सूरजमल सेवा कार्यों में हमेशा
अग्रणी रहते थे।
अचानक हुई इस घटना से शहर में शोक की लहर आ
गयी,क्योंकि परिवार काफी समय से सामाजिक कार्यों में सदा अग्रणी रहा है,अतः
पुत्र कृष्णकांत ने स्व प्रेरणा से,माँ मानवती से सहमति लेकर नेत्रदान के
लिए सहमति दे दी।
सहमति के उपरांत डॉ कुलवंत गौड़ ने,बूंदी सिलिका स्थित निवास पर पहुंचकर सूरजमल के नेत्रदान प्रक्रिया सम्पन्न की ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
20 फ़रवरी 2026
शोक की घड़ी में परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान
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