शोक की घड़ी में परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान
2. शोक में भी कायम रखी नेत्रदान की पारिवारिक परंपरा
आज
सुबह संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन की रामगंजमंडी शाखा के ज्योति मित्र
संजीव विजावत ने सूचना दी कि, तलवंडी निवासी उनके करीबी रिश्तेदार के विवाह
समारोह में अचानक कैलाश चंद पिछोलिया की धर्मपत्नी कला पिछोलिया की तबीयत
बिगड़ने से,आकस्मिक निधन हुआ है ।
कला की,मृत्यु की पुष्टि होते
ही,ज्योति मित्र श्रीमति चंदन व भारतेंद्र जैन ने कैलाश चंद से कला के
नेत्रदान करवाने का आग्रह किया । परिवार में घोर दुख होने के बाद भी, कैलाश
ने तुरंत बेटे जयंत और अंकित से, कला के नेत्रदान की सहमति ली ।
सहमति
प्राप्त होते ही संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से,नेत्रदान का
पुनीत कार्य तलवंडी निवास स्थान पर संपन्न हुआ । संस्था की ज्योति मित्र व
जीतो महिला विंग की चेयर पर्सन मंजू लुंकड़ ने बताया कि कुछ समय पहले कला
के भाई स्व० धर्मचंद जैन का नेत्रदान भी संस्था के माध्यम से संपन्न हुआ था
।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
06 फ़रवरी 2026
शोक की घड़ी में परिजनों ने संपन्न कराया नेत्रदान
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