आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

18 फ़रवरी 2026

कोटा लाडपुरा प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को निलंबित करने वाला भाजपा सरकार का द्वेषता पूर्ण आदेश हाईकोर्ट में टांय टांय फिस्स,

 

कोटा लाडपुरा प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को निलंबित करने वाला भाजपा सरकार का द्वेषता पूर्ण आदेश हाईकोर्ट में टांय टांय फिस्स,
लाडपुरा कोटा के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को निलंबित करने का जो आदेश भाजपा सरकार ने जारी किये थे , उस आदेश को राजस्थान उच्च न्यायालय ने आगामी आदेश तक स्थगति कर दिया है , इसके पूर्व भी नईमुद्दीन गुड्डू को भाजपा सरकार ने द्वेषता पूर्ण निलंबित किया था , उस आदेश को भी माननीय राजस्थान उच्च न्यायलय ने स्थगित कर दिया था , उक्त स्थगन आदेश के बाद कोटा के शीर्ष अधिकारीयों ने भाजपा सरकार के इशारे पर इन्हे प्रधान पद पर कार्यभार ग्रहण करने से रोक दिया था , स्वर्गीय भरत सिंह पूर्व मंत्री को लाडपुरा पंचायत समिति में बंद तक कर दिया था , लेकिन न्यायालय की अवमानना कार्यवाही के बाद ,, उच्च अधिकारीयों के निर्देश पर नईमुद्दीन गुड्डू को फिर से प्रधान पद का कार्यभार संभलाया गया , उक्त आदेश के बाद ,भाजपा सरकार ने फिर से द्वेषता पूर्ण कार्यवाही करते हुए , एक अन्य आदेश जारी कर नईमुद्दीन गुड्डू को निलंबित कर दिया ,राजस्थान उच्च न्यायलय ने उक्त आदेश को भी विस्तृत सुनवाई के बाद आगामी आदेशों तक स्थगित करते हुए निष्प्रभावी किया है नईमुद्दीन की यह भाजपा की द्वेषता पूर्ण कार्यवाही के खिलाफ बहुत बढ़ी न्यायिक जीत है , ,ताज्जुब है यह सब नाइंसाफी , यह अन्याय लोकसभा अध्यक्ष के कोटा संसदीय क्षेत्र में भाजपा सरकार द्वारा लगातार किया जाता रहां है , खेर नईमुद्दीन गुड्डू फिर जीत गए है ,निलंबन आदेश पर रोक के बाद वोह फिर से लाडपुरा पंचायत समिति के पूर्ववत प्रधान है , लेकिन अधिकारी जो भाजपा सरकार के इशारे पर चलते है , वोह अदालत के आदेश के बाद भी नखरे दिखाते है , और टालमटोल करते है इसीलिए इस मामले में नईमुद्दीन गुड्डू ने वरिष्ठ नेताओं के साथ सरकार के ज़िम्मेदार अधिकारीयों के समक्ष उक्त राजस्थान उच्च न्यायलय का आदेश अग्रिम कार्यवाही के लिए दिया है , ,लोकसभा अध्यक्ष ,, पंचायत मंत्री के ग्रह ज़िले में जहाँ कांग्रेस के दहाड़ने वाले प्रहलाद गुजंल जैसे नेता है , अमीन पठान जैसे जांबाज़ है , राखी गौतम , भानु प्रताप जैसे जिला अध्यक्ष हैं , ,पूर्व मंत्री शांति कुमार धारीवाल जैसे विधायक है , ,और भी कई पदाधिकारी है , ऐसे में अब पंचायत के संबंधित अधिकारी , जिला कलेक्टर नईमुद्दीन गुड्डू के पक्ष में हुए इन आदेश के बावजूद अगर कोई रोड़ा अटकाते है , तो यह सब क्या करते हैं , देखने की बात है ,
दिनांक 27/8/ 2025 को पंचायत राज विभाग द्वारा दिए गए निलंबन आदेश पर दिनांक 17/2/25 को माननीय उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया गया,उच्च न्यायालय में नईमुद्दीन गुड्डू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शर्मा एवं सहायक अधिवक्ता कामिनी पारीक के द्वारा पैरवी की गई, अधिवक्ता द्वारा दलील पेश कि प्रधान लाडपुरा नईमुद्दीन गुड्डू का निलंबन राजनीतिक द्वेषतावश किया गया है क्योंकि नईमुद्दीन गुड्डू को पूर्व मेभी 27/02/25को निलंबन किया था जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 20/03/25 को निलंबन आदेश पर रोक लगा दी थी ,परन्तु पंचायत राज विभाग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अवमानना की गई और उसके पश्चात अवमाना याचिका प्रस्तुत की गई जिसमें आदेश होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की पालना करवाते हुए दिनांक 21/08/25 को नईमुद्दीन गुड्डू को लाडपुरा पंचायत समिति का प्रधान का कार्यभार ग्रहण करवाया गया। परंतु पंचायत राज मंत्री द्वारा राजनीतिक द्वेषतावश पुनः 6 दिन बाद ही प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को दिनांक 27/08/25को निलंबित कर दिया गया जबकि जिस प्रकरण में प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को दोबारा निलंबित किया गया वह प्रकरण प्रथम निलंबन के पहले का था सन 2022 का परंतु जानबूझकर प्रधान को राजनीतिक द्वेषतावश दूसरी बार निलंबित करने की मंशा से पेंडिंग रखा गया क्योंकि विभाग के द्वारा प्रथम बार किए गए निलंबन में भी प्रधान के विरुद्ध कोई आरोप सिद्ध नहीं हो पाए थे जिसका विभाग और मंत्री को यह आभास था कि प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू को यदि उच्च न्यायालय से राहत मिल जाती है तो उन्हें दूसरा प्रकरण तैयार रखना है ताकि दूसरी बार वापस निलंबन किया जा सके और पंचायत राज विभाग द्वारा यही किया गया प्रधान को प्रथम निलंबन पर माननीय उच्च न्यायालय से राहत मिली और किए गए निलंबन पर रोक लगा दी परंतु राजनीतिक द्वेषतावश के कारण प्रथम निलंबन के पहले की चल रही झूठी शिकायत पर दूसरी बार मात्र 6 दिन बाद फिर से दोबारा निलंबित कर दिया गया मगर वह कहते हैं ना सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं हो सकता दोबारा फिर दिनांक 17- 2-2026 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लाडपुरा पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू के दूसरी बार के निलंबन दिनांक 27 8 2025 के आदेश पर फिर से रोक लगा दी अंततः सत्य की विजय हुई जो राजनीतिक द्वेषतावश की गई कार्यवाही पर एक करारा तमाचा साबित हुई सत्यमेव जयते

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...