आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

02 जनवरी 2026

वरिष्ठतम पत्रकार भाई धीरेंद्र जी राहुल की फेसबुक वॉल से कोटा मिनी सचिवालय को लेकर , ओर नई अदालती शगूफा, पर्यावरण नुकसान को लेकर खरी खरी, उन्हीं की ज़िंदाबाद लेखनी में, पिछले सात साल से लगातार सुनते आ रहे हैं कि

 

वरिष्ठतम पत्रकार भाई धीरेंद्र जी राहुल की फेसबुक वॉल से कोटा मिनी सचिवालय को लेकर , ओर नई अदालती शगूफा, पर्यावरण नुकसान को लेकर खरी खरी, उन्हीं की ज़िंदाबाद लेखनी में, पिछले सात साल से लगातार सुनते आ रहे हैं कि
कोटा की 72 अदालतों का नया परिसर सियामी ऑडिटोरियम यानी दरबार पैट्रोल पम्प के पीछे बनेगा.
लेकिन कब काम शुरू होगा, उसका मुहूर्त का दिन कभी आता नहीं.
राजस्थान पत्रिका में छपी खबर ने आज फिर उम्मीद जगाई है. खबर में मिनी सचिवालय का भी जिक्र है, जिसके बारे में पहले खबरें आती थी कि वर्तमान जेल भवन को तोड़कर वहां मिनी सचिवालय बनेगा. लेकिन आज जो खबर छपी है, उसे पढ़कर आप संतोष की सांस ले सकते हैं कि वर्तमान कलेक्ट्रेट और उसके सामने अदालत परिसर में ही मिनी सचिवालय की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.
जेल भवन की जगह मिनी सचिवालय बनता तो
किलर रोड फिर से जिन्दा हो जाता. इस जेल रोड पर वाहनों से कुचलकर हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है.
मैंने इस पोस्ट के साथ अदालत परिसर के बाहर खड़े हजारों वाहनों के फोटो लगाए हैं, जिसमें सैकड़ों कारें और हजारों दुपहिया वाहनों का जमावड़ा आप देख सकते हैं. जेल परिसर में पार्किंग तो बनाई जा सकती थी लेकिन ये वाहन जेल परिसर से निकलकर आते तो जेल रोड पर ही. जहां दिनभर या तो चक्काजाम लगा रहता या फिर हादसे होते रहते. इसके अलावा भारी संख्या में पेड़ कटते सो अलग.
बर्तमान अदालत परिसर एक हेरिटेज बिल्डिंग है जो महाराव उम्मेदसिंह द्वितीय के काल में बनी है. कोटा का सर्किट हाउस और अदालत की हेरिटेज बिल्डिंग का निर्माण एक साथ ही हुआ था. संभवत सन् 1910 के आसपास ये बनकर तैयार हुई थी. नया मिनी सचिवालय बनाने के लिए इस हेरिटेज बिल्डिंग को भी तोड़ना पड़ेगा, जिसकी इजाजत मिलना मुश्किल है.लेकिन सरकार सर्वशक्तिमान होती है. वह नियमों को भी बदल सकती है. देखते हैं क्या होता है?
मिनी सचिवालय का मतलब है कि सारे सरकारी दफ्तर एक ही छत के नीचे लाना ताकि आम.जनता को भटकना नहीं पड़े.उस हिसाब से तो संभागीय आयुक्त और आईजी पुलिस के कार्यालय भी मिनी सचिवालय में ही आने चाहिए. बीस लाख की आबादी होने पर भविष्य में पुलिस कमिश्नरेट का.दफ्तर खुलता है तो उसका दफ्तर कहां होगा ? इस पर भी मिनी सचिवालय की योजना बनाते समय ही सोचना होगा. कम से कम जो भी योजना बने आगामी 50 साल की आवश्यकताओं के हिसाब से बनें.
सियामी ऑडिटोरियम के पीछे नवीन अदालतों के लिए
कोटा विकास प्राधिकरण ने 23 बीघा जमीन दी है. जिस पर 198 करोड़ की लागत से पांच मंजिला भवन बनाया जाएगा. वाहनों के लिए दो मंजिला पार्किंग बनाई जाएगी.वकीलों के लिए 240 चैम्बर बनाए जाएंगे, हर चैम्बर में पांच वकील बैठ सकेंगे.
वकील मित्र अख्तर खान अकेला के अनुसार कोटा बार में 2900 वकील पंजीकृत है, जिसमें से 1800 से 2200 एक्टिव हैं. जो चैम्बर बनाए जा रहे हैं, उसमें 1000 वकील ही बैठ पाएंगे.अख्तर का कहना था कि कोटा में छोटी बड़ी 125 अदालतें हैं, जिसमें राजस्व और फौजदारी. सभी शामिल है. अगर ज्यूडिशियरी से जुड़ी अदालतों को अलग करें तो उनकी संख्या भी 72 के आसपास हैं. भविष्य में नई अदालतें खुलेंगी. उसी हिसाब से प्लानिंग होनी चाहिए. अख्तर का कहना था कि अदालत और कलेक्ट्रेट में प्रतिदिन 6000 लोग रोज आते हैं, इसलिए आपातकालीन चिकित्सा के लिए डिस्पेंसरी की भी व्यवस्था होनी चाहिए.
अख्तर का कहना था कि मिनी सचिवालय के लिए सबसे आदर्श जगह तो पुराना हवाई अड्डा ही था जिसे बड़ी आसानी से छोड़ दिया गया , अभी जो जगह चुनी है , वह आदर्श जगह नहीं है, फिर जगह भी कम है.
मैंने इस पोस्ट के साथ कुछ रील और फोटो दिए हैं. उसमें किस जगह नया अदालत परिसर बनेगा, मुझे नहीं मालूम. वहां मिलें लोगों ने जो संभावित जगह बताई, उसकी रील मैंने उतारी है. पेड़ यहां भी खूब हैं, कह नहीं सकते कितने कटेंगे ?
इसी क्षेत्र में सियामी ऑडिटोरियम, राजकीय कला महाविद्यालय और चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग का भवन बन चुका है. अभी मेन रोड पर आने का रास्ता बहुत संकरा है, जिसे भी चौड़ा करना होगा.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...