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12 जनवरी 2026

राजस्थान भर के वकीलों को प्रतिनिधित्व देने वाली अनुशासित संस्था बार कौंसिल ऑफ़ राजस्थान के चुनाव

 

राजस्थान भर के वकीलों को प्रतिनिधित्व देने वाली अनुशासित संस्था बार कौंसिल ऑफ़ राजस्थान के चुनाव , आगामी 12 मार्च रमज़ानों के दिनों में, अलविदा के जुमे के दिन को होना तय है ,,, बार कौंसिल ऑफ़ राजस्थान के चुनाव में पिछले चुनावों में कोटा संभाग से , एक भी प्रत्याक्षी जीत कर नहीं गया , और कोटा संभाग की मूल विधिक समस्याये, जैसे हाईकोर्ट बेंच की स्थापना सहित अनेक मुद्दों पर हाड़ोती का कोई भी वकील व्यक्तिगत रूप से इंट्रेस्टेड होकर मुखर नहीं हुआ , वकीलों की समस्याएं , सामान्य तोर पर अभिभाषक परिषद कोटा के नियंत्रण में होती है , कार्य स्थगन , शोक सभा ,, कभी कभार वकीलों के खिलाफ थानों की कार्यवाही , अधिकारीयों के मिसबिहेव मामले में , अभिभाषक परिषद का निर्णय सभी को स्वीकार्य रहा , ,कोटा से लोकसभा अध्यक्ष ,, कोटा सांसद है , कोटा के वकीलों ने , तृतीय शनिवार को , इस मामले में आंदोलन के बढ़े रुख को लेकर, कोई खास पहल भी नहीं की , और कोटा के वकील साथियों के लिए संघर्ष की सोच रखने वाले, किसी वकील साथी ने मुखर होकर इस मामले में कोई लिखित या मौखिक सुझाव देकर आवाज़ भी नहीं उठाई , जबकि कई बार ऐसे गंभीर मुद्दे, जिसमे सच को सच , और गलत को गलत कहना , नैतिक ज़िम्मेदारी थी तब भी , वकील साथी अधिकतम मोन रहे ,तटस्थ रहे ,, ऐसे में वकील साथियों के संघर्ष के लिये, मर्दानी आवाज़ कहो , या फिर जंगजू सिपाही का नेतृत्व कहो , समझ ही नहीं आ पा रहा है , कोटा के वकीलों के लिए कोटा संभाग के सबसे बढे जिला मुख्यालय के न्यायालय में ,, लाखों करोड़ो रूपये की मशीनें , उपकरण आये ,, सभी उपकरण लगभग लगा दिए गए , सी सी टी वी कैमरे लगाने की घोषणाएं तो हुई , लेकिन मुताबिक़ घोषणा के सी सी टी वी कैमरे नहीं लगाए गए , यहां उपकरण है लेकिन चालू नहीं है , तारीख पेशी देखने के लिए कियोस्क हैं लेकिन उनका कोई उपयोग नहीं है , ,व्यवस्थाओं में बदलाव है , कोई भी नया मुक़दमा पेश करो , तो पहले कम्प्युटराइज़्ड परफोर्मे के साथ इंद्राज करवाओ , यह काम पहले खुद कर्मचारी ही कर रहे थे , लेकिन अब, एक काउंटर पृथक से बढ़ा दिया गया है , नक़ल व्यवस्था को ही लो , राजस्थान क्रिमनल , सिविल नियम बने हुए पांच साल से भी ज़्यादा वक़्त हो गया , इन नियमों के तहत नक़ल लगाने के बाद, नक़ल के मामले में एक डिस्प्ले डिस्क होगी , जो नक़ल के आवेदन उस पर की गई कार्यवाही को स्क्रीन पर नियमित दिखाएगी , वकील को मेसेज जाएंगे जैसे प्रावधान है , लेकिन इतने साल बीतने , कर्मचारियों की नियुक्तियां होने , ,कम्प्यूटर , उपकरण होने के बाद भी, अभी तक यह सब हाईटेक सुविधाएं कोटा में शुरू नहीं हो पाई हैं , और तो और , कोटा में ई कोर्ट व्यवस्था भी कभी चालू होती है , कभी बंद हो जाती है , खराब हो जाती है , और फैसले अपलोड , जमानतों के आदेश अपलोड , आदेशिकाएँ , आंतरिक आदेश , पूर्ण आदेश अपलोड मामले में भी अव्यवस्थित है , अपडेटेड नहीं है, सभी तरह की व्यवस्थाएं , बजट , और टारगेट दिनांक और साल गुज़रने के बाद भी , आज तक यह व्यवस्थित नहीं हो पाए है , अंतिम रूप से परफेक्ट अंतिम फैसला ,, सुचना , आदेशिका , कार्यवाही अपलोडिंग में लापरवाहियां कहो , लेट लतीफी कहो , बरती ही जा रही हैं , ,कोटा में चेक अनादरण के मामले थोक में हैं , लेकिन अदालतों की कमी होने से , यहां एक तारीख छह छह महीने की जाती है , जबकि तीन माह में तो पूरा केस निपटाने का नियम है , यहां मोटर यान दुर्घटना प्राधिकरण , जहां दुर्घटना में विकलांगों के मामलों की सुनवाई होती है , वोह दूसरी और तीसरी मंज़िल पर छोटी छोटी अव्यवस्थित सीढ़ियों के साथ बनी हुई है , किराये का परिसर है , लेकिन इन अदालतों को निचली मंज़िल पर संचालित करने के लिए किसी ने भी , आज तक आवाज़ नहीं उठाई है , महिला कोर्ट भी काफी दूर है , कॉमर्शियल कोर्ट , किराया अधिकरण ,, चेक अनादरण कोर्ट नंबर चार सभी तो इधर उधर बिखरी पढ़ी हैं , लकिन इस सोच को व्यवस्थित करने , वकीलों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए , मेरे अलावा या मेरी प्रेरणा से बार एसोसिसिएशन कोटा के अलावा , चिट्ठी लिखने का इतिहास किसी एक भी जो खुद को संघर्षषील , जंगजू सिपाही कहता हो , उसने कहा हो , या पत्र लिखा हो तो बताये ,, ,इन दो सालों में देश के सर्वोच्च पद पर बैठे कोटा सांसद लोकसभा अध्यक्ष आदरणीय ओम जी बिरला कोटा न्यायालय परिसर में आये है , लेकिन कोई बताये के किसी एक ने भी कोटा में हाईकोर्ट की बेंच स्थापना के मामले में उन्हें रोककर कोई सवाल किया भी है या नहीं , बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट सुनवाई की व्यवस्था अफवाह के बाद यह काम बार एसोसिएशन ने ज़रूर किया , लेकिन कोटा के , कोटा संभाग के वकीलों के हक़ संघर्ष के बारे में वैचारिक व्यवस्था के तहत , राजस्व न्यायलय की डबल बेंच , सर्विस ट्रिब्यूनल की बेंच ,, हायकोर्ट बेंच , सहित वकीलों की कल्याणकारी व्यवस्थाएं , युवाओं के स्टाइफंड की शुरुआत के लिए किसी एक भी कोटा के वकील ने कोई पत्र लिखा हो , कोई आवाज़ उठाई हो , तो, सार्वजनिक होना ही चाहिए , खेर कोटा के लोग नहीं बोले , तो राजस्थान के किसी भी ज़िले के वकील साथियों ने भी इस तरफ आवाज़ नहीं उठाई , लेकिन अब तो चुनाव सर पर हैं , अब तो कोटा जिला सेशन न्यायालय में नक़ल व्यवस्था सुधार , ई कोर्ट व्यवस्था अप्डेटेशन सुधार , खाली पदों की भर्ती , सहित कई मुद्दों पर तो बोलना ही चाहिए , क्या सही है क्या गलत है, इस पर अपनी टिप्पणी देना ही चाहिए , कोटा के वकील मतदाता , बूंदी , बारां , झालावाड़ और क़स्बाई बार एसोसिएशन के सभी सदस्य अगर एक जुट हो जाएँ , तो कोटा संभाग से तीन लोग तो कम से कम जीत कर जा ही सकते हैं , और अब जब महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण भी हो गया है , तो अगर महिलाओं के लिए अलग वोटिंग का बैलेट पेपर बनता है , तो इस अलग वोटिंग व्यवस्था में कोटा संभाग से एक महिला का भी अतिरिक्त प्रतिनिधित्व हो सकता है , लेकिन इस तरफ मेरे एक अकेले के सोचने , लिखने या बात करने से कोई काम नहीं होगा , सभी की अपनी अपनी ढपली , अपना अपना राग है , फिर भी अगर कोटा ,, बूंदी , बारां , झालावाड़ , और आँचलिक बार एसोसिएशन के सभी अध्यक्ष इस चुनाव के पहले जल्द , बहुत जल्द , आपस में मिल बैठकर कोई रणनीति बनाये , विचार विमर्श करें , तो यक़ीनन हाड़ोती से बार कौंसिल ऑफ़ राजस्थान में हमारे वकील साथियों को , ,तीन ,, या फिर महिलाओं के अतिरिक्त प्रतिनिधित्व सहित चार सदस्यों तक का हो सकता है , लेकिन इसके लिए कोई तो पहल करे , प्रेरित करें ,, ,,,, और जो समस्याएं स्थानीय बार एसोसिएशन्स की हैं , वकील साथियों की है , उनके प्रोफेशनल प्रशिक्षण , ज्ञानवर्धन , सहित तकनीकी व्यवस्थाएं है , उन पर भी चर्चा होकर , हाड़ोती में हाईकोर्ट बेंच , राजस्व बोर्ड की डबल बेंच , सर्विस ट्रिब्यूनल की सर्किट बेंच के पक्ष में भी आगे आये ,, हमारा झुकाव उसी तरफ होना चाहिए , ऐसा नहीं के जब हम कोटा हाईकोर्ट बेंच, राजस्व बोर्ड डबल बेंच , सर्विस ट्रिब्यूनल सर्किट बेंच का आंदोलन करें , तो हमारे वोट से ही जीतकर गए बाहरी उम्मीदवार मुंह पर पट्टी बाँध कर बैठ जाएँ या फिर कोटा के खिलाफ , कोटा के ही वोटों से जीतकर जाने के बाद भी मुखालिफ आवाज़ बन जाएँ , यह वक़्त बहुत नाज़ुक है , वक़्त कम है , अभी भी कोटा संभाग को फिर से बार कौंसिल ऑफ़ राजस्थान में मुखर नेतृत्व वाला बनाने के लिए बहुत टाइम बाक़ी है , सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एक जुट होकर , कोशिश करना चाहिए , बाहर के लोग आते हैं , वोह मेहमान है उन्हें बुलाओ ,, सबसे मिलाओं ,, खिलाओ , पिलाओ , अतिथि सत्कार करो , उन्हें हाड़ोती के प्रत्याक्षियों के बाद की प्रिफरेंस भी दो , लेकिन हाड़ोती संभाग बार कौंसिल नेतृत्व के लिए प्लीज़ एक जुट हो जाओ , ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

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