और (ऐ रसूल) काश तुम देखते (तो सख़्त ताज्जुब करते) जब ये कुफ्फार (मैदाने
हशर में) घबराए-घबराए फिरते होंगे तो भी छुटकारा न होगा (51)
और आस ही पास से (बाआसानी) गिरफ्तार कर लिए जाएँगे और (उस वक़्त बेबसी
में) कहेंगे कि अब हम रसूलों पर ईमान लाए और इतनी दूर दराज़ जगह से (ईमान
पर) उनका दसतरस (पहुँचना) कहाँ मुमकिन है (52)
हालांकि ये लोग उससे पहले ही जब उनका दसतरस था इन्कार कर चुके और (दुनिया
में तमाम उम्र) बे देखे भाले (अटकल के) तके बड़ी-बड़ी दूर से चलाते रहे
(53)
और अब तो उनके और उनकी तमन्नाओं के दरमियान (उसी तरह) पर्दा डाल दिया गया
है जिस तरह उनसे पहले उनके हमरंग लोगों के साथ (यही बरताव) किया जा चुका
इसमें शक नहीं कि वह लोग बड़े बेचैन करने वाले शक में पड़े हुए थे (54)
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
25 जनवरी 2026
और (ऐ रसूल) काश तुम देखते (तो सख़्त ताज्जुब करते) जब ये कुफ्फार (मैदाने हशर में) घबराए-घबराए फिरते होंगे तो भी छुटकारा न होगा
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