तेज ठंड और घने कोहरे में,360 किलोमीटर के सफर से दो को मिलेगी रौशनी।
2. देर रात कोटा से 180 किलोमीटर दूर गयी,टीम ने लिया डग शहर का दूसरा नेत्रदान
नेत्रदान
के लिए, पूरे हाडोती संभाग और 200 किलोमीटर के दायरे तक कार्य करने वाली
संस्था,शाइन इंडिया फाउंडेशन के भवानी मंडी शाखा के ज्योति मित्र कमलेश
दलाल को, उनके मित्र भेरूलाल चौधरी (ब्लॉक उपाध्यक्ष सेवादल कांग्रेस) ने
सूचना दी कि,नाई मोहल्ला,डग निवासी उनके मामा केसरीमल जैन (अनाज व्यापारी)
का आकस्मिक निधन हुआ है ।
चौधरी ने परिवार के सदस्यों को नेत्रदान
के महत्व और उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी,जिसके बाद बेटे अमित
ने,अपने सभी करीबों रिश्तेदारों की समझाइश कर पिता जी के नेत्रदान की सहमति
दे दी ।
सहमति प्राप्त होते हैं,डग से 180 किलोमीटर कोटा शहर से,
संस्था के डॉ गौड़,नेत्र संकलन वाहिनी ज्योति रथ लेकर डग के लिये रवाना हुए
। देर रात घर परिवार के सदस्यों के बीच नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न
किया गया,इस दौरान सभी महिलाओं ने नेत्रदान की प्रक्रिया तो देखी ही सही
बल्कि मौके पर नेत्रदान से जुड़ी जो भ्रांतियां थी, उसका भी डॉ गौड़ ने
सटीक जवाब दिया।
नेत्रदान की प्रक्रिया के बाद डॉ गौड़ ने बताया
कि, केसरीमल जी का नेत्रदान, डग का दूसरा नेत्रदान है इससे पूर्व वर्ष 2021
में डग निवासी स्व० रेखा जैन का नेत्रदान भी संस्था के माध्यम से
मुक्तिधाम में संपन्न हुआ था । अंत में डॉ गौड़ ने परिवार के सभी सदस्यों
को संस्था की ओर से प्रशस्ति पत्र और नेत्रदानी गौरव पट्टीका भेंट की ।
चौरडिया
के पुत्र अमित ने बताया कि,नेत्रदान ने उनके पिता की ज्योति को अमर किया
है, उनके पिता जीवनपर्यंत,धर्म कर्म में आस्था रखने वाले और समाज सेवा से
जुड़े रहे हैं, ऐसे में अंतिम समय में भी नेत्र दान से उनके परिवार को
आत्मीय संतोष की अनुभूति हुई है।
देर रात दो बजे कोटा पहुंचने के
बाद,डॉ गौड़ ने बताया कि, रास्ते भर में,तेज ठंड और घना कोहरा था पर उसमें
भी, नेत्रदान के लिए कहीं से भी संपर्क करने के पर हमारी टीम चौबीस घंटे
तत्पर रहती है।
नेत्रदान प्रक्रिया में सुशील जैन, पंकज नाहर,
पिंटू जैन, पंकज कटारिया, लोकेश जैन, मेघराज जैन, पवन जैन सहित जैन सोशल
ग्रुप के सदस्यों ने सहयोग किया।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
09 जनवरी 2026
तेज ठंड और घने कोहरे में,360 किलोमीटर के सफर से दो को मिलेगी रौशनी।
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