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05 जनवरी 2026

वर्ष 2026 कोटा देहात गढेपान सी एफ सी एल औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक रहने की संभावना है

वर्ष 2026 कोटा देहात गढेपान सी एफ सी एल औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक रहने की संभावना है , इस मामले में , सी एफ सी एल गढ़ेपान कोटा में प्लांट विस्तार 2026 की तैयारियां अंतिम चरणों में है , ज़मीन खरीद ली गई , ज़मीन का नामांतरण फैक्ट्री के नाम हो गया ,, औद्योगिक कन्वर्जन जिला मजिस्ट्रेट के यहां से होकर , खातेदारी में भी नाम अब फैक्ट्री का ही हो गया है , वोह बात अलग है के यहां गोडावण सेंचुरी , काले हिरण ,, रुग्घी नाले की मछलियां मरने की घटनाओं से इस गढ़ेपान प्लांट का कोई लेना देना नहीं है , क्योंकि अमोनिया रिसाव के नाम पर जब स्कूल में बच्चे बीमार हुए थे तो , इस प्लांट को क्लीन चिट डंके की चोट पर मिल चुकी है , वर्तमान में अमोनिया नाइट्रेट प्लांट विस्तार 2026 की सभी तैयारियां पूरी हो गई है , सभी जानते है के कृषि भूमि खरीद के बाद , औद्योगिक कन्वर्जन के पूर्व पर्यावरण , प्रदूषण ,, फायर ,, रेवेन्यू , जल प्रदूषण सहित कई विभागों की अनापत्ति लेना ज़रूरी होती है , ग्राम सभाएं होती है ,स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने के वायदे होते है , ;केंद्र और राज्य सरकार , जिला कलेक्ट्रेट , पंचायत , राजस्व ,, सहित कई विभागों से अनुमतियाँ लेने के बाद ही उद्योग का नया प्लांट स्थापित किया जा सकता है , सी एफ सी एल गढ़ेपान खाद कारखाने से थोड़ी सी ही दूरी पर सोरसन गोडावण अभ्यारण्य है , वहां अब गोडावण लुप्त हो गए है ,, कोई मतलब नहीं है ,फिर औद्योगिक विस्तार के लिए काले हिरण , गोडावण जो राज्य पक्षी है उनके ब्रीड सेंटर योजनाओं को ही जब धक्का लग चुका है , गोडावण की संख्या नगण्य हो गई है ,तो ऐसे में वन विभाग अगर ऍन ओ सी दे भी दे , तो क्या फ़र्क़ पढता है , जबकि हरे पेड़ , पर्यावरण संरक्षण ,,, के बदले हरे पेड़ फैक्ट्री भी तो लगाने का वायदा करती है , गढ़ेपान फैक्ट्री से, यूँ तो प्रदूषण विभाग की अगर माने तो, किसी भी तरह का जल , वायु , प्रदूषण होता ही नहीं , सभी नियंत्रित रहता है , सभी तरह की सावधानियां है , फिर अमोनिया गैस रिसाव , खाद के उर्वरकों से खेती की ज़मीन को नुकसान , पानी में ज़हरीले पन से मछलियां मरने की बातें , सब झूंठी और निर्मूल साबित हो जाती है , उद्योग विस्तार के साथ साथ , कोटा , बारां के लोगों को एक तरफ तो रोज़गार में बढ़ोतरी होगी , कृषि भूमि विस्तार होगी ,, खाद उत्पादन से स्थानीय किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पहले रियायती दर पर खाद मिले , यह समझौता भी हो सकता है , बारां और कोटा के जिला कलेक्टर मिलकर , संयुक्त प्रबंधन देख सकते है , गढ़ेपान में वैसे भी राजनितिक लोगों से जुड़े रिश्तेदारों ,, मिलने जुलने वालों को रोज़गार भी मिले है ,ठेके भी मिले है , तो कई वी आई पी लोगों के लिए गेस्ट हाउस की व्यवस्था , केंटीन की व्यवस्थाएं भी हो जाती है , गढ़ेपान के कम्युनिटी कार्यों में , क़ब्रिस्तान ,शमशान , स्कूलों में निर्माण कार्य , सड़कों का निर्माण , ,सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था ,,सेर सपाटे के लिए गार्डनिंग व्यवस्था सहित कई मनोरजंक व्यवस्थाएं होती ही रहेंगी , अब जब इतना विस्तार है , ऐसे रोज़गारोन्मुखी अवसर है , तो राज्य पक्षी गोडावण का नामों निशान नहीं है , काले हरण को भी नुकसान नहीं है , पानी ज़हरीला होगा ही नहीं , हवा और पानी के अलावा ज़मीन को नुकसान पहुंचाने वाला प्रदूषण है ही नहीं , उसे प्रबंधकीय तरीके से कंट्रोल में रखा गया है , तभी तो यह सारी ऍन ओ सी जारी हुई है , अब जिन किसानों की ज़मीने खरीदी गई है , उस ज़मीन को भी राजस्व क़ानून ,,, औद्योगिक क़ानून , प्रदूषण पर्यावरण नियंत्रण विधि नियम , वन अधिनियम सहित सभी आवश्यक प्रावधानों के तहत पानी की निकासी , , चरागाह पानी के नाले ,, खड्डे , जलभराव स्थानों के मामले में अब्दुल रहमान बनाम स्टेट ऑफ़ राजस्थान के मामले में राजस्थन हाईकोर्ट के जो दिशा निर्देश है , उनकी भी पालना सुनिश्चित कर जांच पढ़ताल कर ही ली होगी , तभी तो कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में कन्वर्ट कर दिया गया है , ग्राम पाँचड़ा की झोंपड़िया , पटवार हल्का ग्राम सीमलिया ,,, तहसील दीगोद जिला कोटा की खसरा नंबर 168 , 170 , 191 भूमि वर्गीकरण गैर मुमकिन औद्योगिक कुल खसरा तीन , 3 . 8900 हेक्टेयर भूमि मेसर्स चंबल फर्टिलाइज़र्स ऐंड केमिकल्स लिमिटेड ज़रिये विशाल माथुर सहायक उपाध्यक्ष सी एफ सी एल टाउनशिप औद्योगिक प्रयोजनार्थ हो गई है जिसमे 21 नवम्बर 2025 , 3 सितम्बर 2025 , 26 नवम्बर 2025 सहित अलग अलग तारीखों के अनुसार ,लाइन बिछाने के कारण भूमि उपयोग का अधिकार गेल इणिडया लिमिटेड का रहेगा नॉट डला हुआ है ,,,खेर औद्योगिक कन्वर्जन हुआ है , तो सम्पूर्ण सावधानी , विधि नियमों से ही हुआ होगा , पटवारी और खासकर, जी हां खासकर क़ानून गौ , ने भी संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किये ही होंगे चाहो तो पत्रावली देख लो, और उन्ही की संयुक्त निरीक्षक रिपोर्ट के बाद , अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार के हायकोर्ट दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित रिपोर्ट के बाद ही तहसीलदार , कलेक्टर महोदय ने क्रॉस चेकिंग करवाकर , सभी ऍन ओ सी लेने के विधि नियमों की जांच कर यह कन्वर्जन किया ही होगा , , तभी तो कोटा के सांसद , गढ़ेपान क्षेत्र के विधायक ,, भाजपा के सभी बढे नेता , स्थानीय पंच , सरपंच , ज़िला परिषद सदस्य , इलाक़े के पत्रकार साथी , अधिकारी लोग ,, वन विभाग , प्रदूषण विभाग खासकर विपक्ष में बैठे कांग्रेस के विधायक उम्मीदवार , कांग्रेस के स्थानीय नेता , कांग्रेस के देहात अध्यक्ष और कांग्रेस के सांसद का चुनाव लड़े, बाल की खाल निकालने वाले तेज़ तर्रार उम्मीदवार , इस मामले में अभी तक कोई भी नुस्क नहीं निकाल सके है , ना ही ,वन्य जीव प्रेमियों , पर्यावरण प्रेमियों , वन संरक्षण क्षेत्र में काम कर रहे आंदोलनकारियों , सोशल एक्टिविस्टों , पत्रकारों , बुद्धिजीवियों ने इस मामले में कोई आवाज़ ही नहीं उठाई है , कन्वर्जन पत्रावली की जांच को सही स्वीकार किया है , ,सभी प्रक्रियाओं को विधिक व्यवस्थाओं से माना है , तो फिर अब वर्ष 2026 कोटा ग्रामीण औद्योगिक विकास की दिशा में एक क़दम और बढ़ाने जा रहा है , यह ख़ुशी की बात है के इससे जुड़े सभी लोगों खासकर प्रतिपक्ष में बैठी कांग्रेस उसके देहात जिला अध्यक्ष और सांसद प्रत्याक्षी को भी इस मामले में कोई आपत्ति होना साबित ही नहीं है , उनका भी सभी काम भाजपा के शासन में , भाजपा के नेताओं की मौजूदगी में विधि सम्मत होना ,, जनता और खेती सहित वन्य जीवों , पेड़ पौधों , कृषि भूमि को नुकसान नहीं होना ही माना है , इसीलिए वोह भी चुप है , तो बधाई हो बधाई हो , कोटा में सी एफ सी एल गढ़ेपान अमोनिया प्लांट , खाद कारखाने का विस्तार जल्द शुरू होगा ,, औद्योगिक क्रान्ति होगी , और खासकर कोटा के जिला प्रशासन का शुक्रिया , कांग्रेस और भाजपा के नेताओं का शुक्रिया , पर्यावरण , प्रदूषण वन विभाग , खनन विभाग , पटवारी , क़ानून गो , का भी शुक्रिया जिन्होंने भू उपयोग परिवर्तन में अब्दुल रहमान हाईकोर्ट दिशा निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाई , इससे भी ज़्यादा शुक्रिया गढ़ेपान प्रबंधकों और मालिकों का है , जिन्होंने अमोनिया जैसे खतरनाक श्रेणी के उधोग को , सम्पूर्ण सावधानी ,, सम्पूर्ण सरक्षात्मक व्यवस्थाओं के साथ कोटा में ही कोटा के गढ़ेपान में ही इस उद्योग के विस्तार के लिए कार्य विस्तार किया है , खासकर कोटा सांसद का भी शुक्रिया जिनके कार्यकाल में यह औद्योगिक विस्तार सम्पूर्ण सुरक्षात्मक उपायौं , विधि नियमों की पालना से सम्भव है , यही वजह है , के पक्ष भी खुश है , और कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी खुश है ,, और कोटा ज़िले में पर्यावरण , वन्य जीव संरक्षण , प्रदूषण से शहर को बचाने वाई एक्टिविस्ट, सबसे तेज़ बढ़ते अखबारों के पत्रकार भी इस मामले में संतुष्ट है , क्योंकि फेक्ट्री के मालिक खुद अखबार मालिकों से जुड़े रहते हैं, सभी को बधाई , मुबारकबाद ,,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339

 

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