परिजनों के सहयोग से संपन्न हुए दो नेत्रदान
हाडोती संभाग में शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से मंगलवार को दो नेत्रदान संपन्न हुए । संस्था के ज्योति मित्र अमित जैन ने सूचना दी की उनकी भाभी प्रीति की माताजी निर्मला रंगावत का आकस्मिक निधन हुआ है,और उनके पति प्रफुल्ल,पुत्र अतुल ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है, जिसके उपरांत वल्लभभाई स्थित निवास स्थान पर निर्मला के नेत्रदान संपन्न हुए।
इसी नेत्रदान के ठीक उपरांत संस्था के ज्योति मित्र, एवं भारतीय विकास परिषद के सक्रिय सदस्य ललित कुमार टेलर ने कापरेन से सूचना दी की,उनके मित्र ताराचंद गर्ग की माताजी रामप्यारी बाई के आकस्मिक निधन के उपरांत उनकी समझाइश पर परिजनों ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है ।
सूचना आते ही कोटा से डॉ कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ से कापरेन रवाना हुए और परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया,इसके उपरांत मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के समय क्षेत्रवासियों के बीच में नेत्रदान और उससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे पर डॉ गौड़ ने विस्तार से जानकारीए दी।
उपस्थित जन समूह ने आश्वासन दिया है कि,जब भी कभी क्षेत्र में ऐसी कोई शोक की घटना होती है तो,प्रयास करेंगे कि,परिजन उनके नेत्रदान करवाने के लिए राजी हो ।
हाडोती संभाग में शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से मंगलवार को दो नेत्रदान संपन्न हुए । संस्था के ज्योति मित्र अमित जैन ने सूचना दी की उनकी भाभी प्रीति की माताजी निर्मला रंगावत का आकस्मिक निधन हुआ है,और उनके पति प्रफुल्ल,पुत्र अतुल ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है, जिसके उपरांत वल्लभभाई स्थित निवास स्थान पर निर्मला के नेत्रदान संपन्न हुए।
इसी नेत्रदान के ठीक उपरांत संस्था के ज्योति मित्र, एवं भारतीय विकास परिषद के सक्रिय सदस्य ललित कुमार टेलर ने कापरेन से सूचना दी की,उनके मित्र ताराचंद गर्ग की माताजी रामप्यारी बाई के आकस्मिक निधन के उपरांत उनकी समझाइश पर परिजनों ने नेत्रदान के लिए सहमति दी है ।
सूचना आते ही कोटा से डॉ कुलवंत गौड़ ज्योति-रथ से कापरेन रवाना हुए और परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न किया,इसके उपरांत मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के समय क्षेत्रवासियों के बीच में नेत्रदान और उससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे पर डॉ गौड़ ने विस्तार से जानकारीए दी।
उपस्थित जन समूह ने आश्वासन दिया है कि,जब भी कभी क्षेत्र में ऐसी कोई शोक की घटना होती है तो,प्रयास करेंगे कि,परिजन उनके नेत्रदान करवाने के लिए राजी हो ।

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