गर फिरदौस बर रूये ज़मी अस्त, हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त" का मतलब है, "धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यही हैं ,, कोटा के वरिष्ठ वकील महेंद्र जी जेन ,, इस सच्चाई को समझाते हुए कहते हैं , कश्मीर की बर्फीली हसीन वादियों में , ,सुकून है , मोहब्बत है ,खुबसुरती कूट कूट कर भरी है , लोगों के दिलों की मोहब्बत और कश्मीर को खूबसूरत आबो हवा ने यक़ीनन कश्मीर को जन्नत बना दिया है , हाल ही में , अपने परिवार के साथ कश्मीर पर्यटन टूर पर गए ,, कोटा के विख्यात वरिष्ठ वकील महेंद्र जी जेन ने कश्मीर की वादियों का खूब आनंद लिया , लेकिन उन्होंने कश्मीर के पूर्व और वर्तमान हालातों की अफवाहों भरे माहौल के चलते , कश्मीर का हर नज़रिये से जायज़ा भी लिया , महेंद्र जेन कहते है , कश्मीर का हर शख्स अपने दिलों में हिंदुस्तान और हिन्दुस्तानियों के लिए मोहब्बत रखता है , उसे सुकून चाहिए , रोज़गार चाहिए ,, मोहब्बत और सुरक्षा चाहिए ,, महेंद्र जेन बताते हैं , के कश्मीर में आज भी पर्यटन ही बढ़ा रोज़गार है , इसलिए आज वोह लौटते वक़्त हर सैलानी से हर पर्यटक से वायदा लेते है , के जाने वाले पर्यटक लोट कर फिर आएंगे ,, महेंद्र जेन के साथ उनकी पुत्री एडवोकेट निधि जेन ,, एडवोकेट पूजा चौधरी ,एडवोकेट मयंक चौधरी और गौरव सिंघवी भी थे , जिन्होंने भी , विश्व स्तरीय अनेक यात्राओं के बाद कश्मीर की खूबसूरती , वहां के सुकून भरे माहौल को खूब सराहा ,, विश्व के विभिन्न खूबसूरत कहे जाने वाले देशों में घूमने वाले , एडवोकेट महेंद्र जेन ने अपने पुरे परिवार के साथ कश्मीर की वादियों , खुबसुरतियों , लहलहाते बाग़ात ,, झीलें , झरने , शिकारे , शिकारे में बनी पांच सितारा होटलों का आनंद तो लिया , लेकिन वहां के नागरिकों के साथ, वोह इस पर्यटन यात्रा के दौरान सीधे पारिवारिक तरह से जुड़ गए , एक पारिवारिक माहोल में महेंद्र जेन और उनके परिवार ने कश्मीर के व्यापारियों , दुकानदारों , पर्यटक गाइड , ट्रांसपोर्टर्स का खूब साक्षात्कार लिया , छोटे बच्चे , बूढ़े , महिलायें युवाओं से अलग अलग हर विषय पर बात की , महेंद्र जेन बताते हैं , के कश्मीर खुशहाल है , लेकिन अभी भी डरा हुआ है , सहमा हुआ है , कश्मीर का हर शख्स , कश्मीर में शान्ति चाहता है , सुकून चाहता है , तरक़्क़ी चाहता है , रोज़गार के अवसर चाहता है , इसीलिए कश्मीर के लोगों से जब महेंद्र जेन उनके परिजन ,, पारिवारिक माहौल में साक्षात्कार के मूड में आये ,, तो हर शख्स उनसे अनुनय , विनय करने लगा के आप वकील परिवार से है , आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी , ग्रह मंत्री अमित शाह जी को यहां के ओरिजनल हालात जो आपने देखे है , यहां के रोज़गार के अवसर ,, शैक्षणिक माहौल , सुरक्षा की व्यवस्थाएं एक दुसरे के लिए एक दूसरे की मदद का जज़्बा ,, यहां के पर्यटन से रोज़गार के अवसर ,, देश भर ही नहीं विश्व स्तरीय आकर्षण के बारे में बताना ज़रूरी है , लिखकर बताइयेगा ज़रूर, स्थानीय लोगों ने महेंद्र जेन से कहा के आप ने कश्मीर की खूबसूरती को सराहा है , यह तो सब करते है , लेकिन आप ने आपके वकील परिवार ने , हमारे दर्द को जाना है , हमारे अंदर के डर और ज़रूरत को महसूस किया है , श्रीं मर्ग ,,गुलमर्ग , पहलगांव की खूबसूरती देखी है , अखरोट , सेब ,, बादाम , ड्राई फ्रुट्स के बाज़ार देखें है , यहां की मोहब्बत ,, यहां के लोगों की महमाननवाज़ी देखी है , उनका कहना था , के हमारा कश्मीर जितना खूबसूरत , आकर्षक है , इसे भी कहीं ज़्यादा हम , हमारा दिल , हमारी महमानवाज़ी खूबसूरत है , लालचौक पर देखिये सुकून है , कश्मीर के लोगों ने एक सवाल के जवाब में महेंद्र जी जेन को बताया के देखिये यहां सब कुछ शांत है , लेकिन छोटी सी घटना को भी बढ़ा चढ़ा कर मीडिया बखान करता है , नतीजा देश भर में कश्मीर को लेकर भ्रांतियां फैलती हैं , अफवाहें फैलती हैं , और यहां का पर्यटन उद्योग प्रभावित होता है , यहां के लोगों के रोज़गार के लाले पढ़ जाते है , कश्मीर वासियों ने महेंद्र जेन को बताया के देखिये कश्मीर में बढ़े बढे नेता आते हैं , फिल्म स्टार आते है ,, समाज सेवक आते हैं , लकिन जिस तरह पारिवारिक माहौल में आपने हमारे दर्द को जाना है , समझा है , किसी ने भी प्रयास नहीं किया , वोह कहते हैं यह सब अगर चाहते तो कश्मीर की ज़रूरतें , कश्मीर की मांगे , कश्मीर के लोगों के सुकून के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए केंद्र सरकार से सुविधाएं दिलवाते , लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो पाया , कश्मीर वासियों ने हाथ जोड़कर , महेंद्र जेन उनके परिवार से विनती करते हुए कहा के आप हमें भूल मत जाना , हमारे कश्मीर को भूल मत जाना ,, यहां मोहब्बत है , यहां स्वर्ग है , यहां हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानियों के लिए प्रेम है , प्यार है , यह केंद्र सरकार को ज़रूर बताना , पत्र लिखकर बताना और कश्मीर को रोज़गार की ज़रूरत है , विशेष पैकेज की ज़रूरत है , कश्मीर को राजनितिक जुमलेबाज़ियों से, राजनीतिकी आरोप प्रत्यारोपों से आज़ादी की ज़रूरत है , कश्मीर को , विकास के लिए रोज़गार के अवसरों के लिए , ,पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं मुहय्या करने के लिए ,,विशेष पैकेज की ज़रूरत है , उन्होंने हाथ जोड़कर ,, रुंहांसा होकर कश्मीरी ज़ुबान में बस इतना ही कहा ,, फिर आना ,, फिर आना ,,, महेंद्र जेन उनका परिवार विदाई के इस दृश्य को देखकर , भाव विहल हो उठते है , वोह भी रुंधे हुए गले , आँखों में आंसू लिए ,, कश्मीर ज़िंदाबाद , कश्मीर की खूबसूरती , कश्मीरियों की महमाननवाज़ी ज़िंदाबाद के नारे के साथ लोट आते है , और एक कसक दिल में रहती है , काश कश्मीर को केंद्र सरकार , बिना किसी सियासी अड़चनों के , बिना किसी धर्म , जाति भेदभाव के सुरक्षात्मक घेरे में लेते हुए , दिल खोलकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधिकतम सुविधाओं , रियायतों , सब्सीडी के पैकेज देकर , ,कश्मीर के लोगों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की ताक़त दे , और कश्मीर को भारत का ही नहीं , विश्व का अगर कोई स्वर्ग है , तो वोह कश्मीर है , कश्मीर है , इस कहावत को सच कर दिखाए ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 9829086339
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