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31 मार्च 2025

रामायण पाठ छोड़कर,120 किलोमीटर दूर से लिया नेत्रदान

 रामायण पाठ छोड़कर,120 किलोमीटर दूर से लिया नेत्रदान

महिला ने स्वयं पहल करके करवाया सासू माँ का नेत्रदान-

लगातार नेत्रदान की बढ़ती जागरूकता नववर्ष पर भी दो लोगों को नई नेत्र ज्योति का सौगात दे गई, भवानीमंडी में पूर्व पार्षद बालमुकुंद मीणा की माता नटीबाई मीणा की मृत्यु के पश्चात परिवार के द्वारा नेत्रदान करवाया गया।

भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के नगर संयोजक कमलेश गुप्ता दलाल ने बताया कि,पूर्व पार्षद बालमुकुंद मीणा की माता नटीबाई की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिवारजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए,परंतु वहीं उनकी मृत्यु हों गई ।

बालमुकुंद की पत्नी सीमा मीणा ने,पहल कर,माता के नेत्रदान की परिवार से इच्छा प्रकट की, बालमुकुंद ने पिता नारायण लाल एवं छोटे भाई महेश से नेत्रदान के विषय में चर्चा की और सहमति प्राप्त करके शाइन इंडिया फाउंडेशन को सूचना दी गई ।

समाचार प्राप्त होते समय डॉ कुलवंत नवरात्रा की पूजा में रामायण पाठ के लिए बैठे हुए थे,परंतु सूचना प्राप्त होते ही पूजा अधूरी छोड़ डॉ गौड नेत्र संकलन वाहिनी से भवानीमंडी पहुंचे ।

कोटा से 120 किलोमीटर तय कर,समय पर पहुंचकर परिवार के सभी सदस्यों के बीच में डॉ गौड़ ने कॉर्निया प्राप्त किया । नेत्रदान प्रक्रिया में बालमुकुंद की चारों बहनों मंजू, कृष्णा, मनभरत और मीना मीणा ने भी पूरा सहयोग किया, नेत्रदान प्रक्रिया के समय बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं उपस्थिति थी।

यह भवानीमंडी क्षेत्र से शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से प्राप्त 135 वाँ नेत्रदान है,मीणा समाज से  झालावाड़ जिले से दूसरा नेत्रदान भवानीमंडी से प्राप्त हुआ है। इससे पहले वर्ष 2022 में राजू मीणा का नेत्रदान भवानीमंडी से संपन्न हो चुका है।

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