आपका-अख्तर खान

हमें चाहने वाले मित्र

19 नवंबर 2021

बच्चों में बाल संस्कार जागरूकता कार्यक्रम के तहत ,कोटा के शिक्षा विद , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद , कोटा से ही , बालसंस्कार जागरूकता के लिए , तरुण युवाओं के साथ लगातार मोटिवेशनल कार्यक्रम शुरू करने जा रहे है

 

बच्चों में बाल संस्कार जागरूकता कार्यक्रम के तहत ,कोटा के शिक्षा विद , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद , कोटा से ही , बालसंस्कार जागरूकता के लिए , तरुण युवाओं के साथ लगातार मोटिवेशनल कार्यक्रम शुरू करने जा रहे है , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद शिक्षाविद भी है , समाजसेवक भी है , राजनितिक गतिविधियों सहित कई ,प्रदेश , राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रमों से जुड़े है , उनका कहना है ,के इन दिनों , बच्चों में , राष्ट्र के प्रति सम्मान , ईमानदारी , और अपनों से उम्र में बढे लोगों के साथ उनके बर्ताव के हालातों में यांत्रिक तरीके से बदलाव हुआ , यह आने वाले समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है , डॉक्टर ज़फ़र का मानना है के , बच्चे अगर बेहतर संस्कारवान होंगे ,तो समाज , और देश की व्यापक सोच भी होगी , और संस्कार भी बेहतर होंगे , एक आदर्श समाज स्थापित होगा ,, डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद अपनी इसी व्यापक सोच के तहत , प्रगति इंटरनेशल ग्रुप की तरफ से , कोटा सहित राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में , बाल संस्कार मोटिवेशनल , कार्यक्रमों की शुरुआत करने जा रहे है , डॉक्टर ज़फ़र कहते है ,बच्चे मन के सच्चे होते है , उनका खाली दिमाग होता है , जो प्रिंटेबल होता है , उनके दिमाग में , जो समझा दिया जो , जो लिख दिया जाए , जो बिठा दिया जाये , उसे ही संस्कार समझ कर वोह अपने जीवन में ,व्यवहार में , सब कुछ वैसा ही करने लगते हैं , लेकिन इन दिनों भागमभाग की इस दुनिया में ,सोशल मीडिया ,, इलेक्ट्रॉनिक मिडिया सहित , सभी मंचो पर इस मामले में कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है , कई जगह पारिवारिक विवाद है , तो आर्थिक तंगी , पड़ोसियों के कार्यव्यवहार , दुनिया की चमक दमक का लालच बच्चों के मन को भटका रहा है , आज से बीस साल कहो , या इसके पहले भी कहो ,तब और आज के बाल संस्कारों ,व्यवहार में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ हो गया जो चिंता का और चिंतन का विषय बन गया है , इस मामले में समाज के हर नागरिक को , सरकारों को ,केंद्र सरकार को , समाजसेवी संगठनों को ,, ईमानदारी से विचार भी करना होगा और प्रयास भी करना ,होंगे , डॉक्टर ज़फ़र ने इस मामले शीघ्र ही , ,बाल मनोवैज्ञानिकों , बालकों में आदर्श समझे जाने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों , सेलेब्रिटीज़ , बालकल्याण समिति सदस्यों , मनोवैज्ञानिकों , संस्कारवान परिजनों , शिक्षकों , बालकल्याण आयोग ,, बाल अधिकारिता मंत्रालय सहित सभी तरह के विशेषज्ञों के ज़रिये , स्कूली अबोध नाबालिग बच्चों को , बाल संस्कार मोटिवेशनल कार्यक्रम चलाये जायेंगे , जिसके लिए , बच्चों को एकत्रित कर , मोटिवेशनल संस्कारवान कार्यक्रमों के तहत , उनके कार्यव्यवहार में क्या बुरा है , क्या अच्छा है , उम्र में बढ़ों से किस तरह सम्मान के साथ व्यवहार होना चाहिए , खुद के परिजनों , रिश्तेदारों ,, भाई , बहनों में किस तरह का व्यवहार आचरण होना चाहिए , इस मामले में , उन्हें बहुपक्षीय वैज्ञानिक व्यवस्थाओं को शामिल कर ,मोटिवेट किया , जाएगा , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद कहते है , उन्होंने जो सोचा है वोह करेंगे , अगर मेरी इस कोशिश में शामिल बच्चों में से कुछ एक प्रतिशत बच्चों में भी में यह सब , बाल संस्कार मोटिवेशनल व्यवस्था कर पाया तो में खुद को समाज , देश के प्रति आभारी समझूंगा ,, ,डॉक्टर मोहम्मद ज़फर यूँ तो किसी भी परिचय के मोहताज नहीं , वह खुद ,प्राइमरी शिक्षक से लेकर , सेकेंडरी ,, हायर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक रहे है , वोह बी ऐड होने के ,नाते खुद भी , बाल मनोविज्ञान के ज्ञाता है , ,बच्चों के साथ उनके कार्यव्यवहार का उन्हें बढ़ा अनुभव है ,, खुद संस्कारवान , एकजुट परिवार संस्कार के सकारात्मक उदाहरण है , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद कई समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े है , सरकार से जुडी कई समितियों में , सदस्य रहे है , सड़कों सेमिनारों , बैठकों में बाल मनोविज्ञान पर मोटिवेशनल कार्यक्रमों में शामिल हुए है , पी एच डी की डॉक्टरेट उपाधि के बाद , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद , खुद का प्रगति इंटरनेशनल ग्रुप बनाकर , शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल , है , हिंदी , इंग्लिश मीडियम के स्कूल संचालित है , बी ऐड , एस टी सी के कॉलेज है , हर साल इनके स्कूल से कई छात्र छात्राये मेरिट में अव्वल रहते है , प्रतिभावान बच्चों की कामयाबी इनका लक्ष्य है ,, डॉक्टर ज़फ़र मोहमद कई बार इनके कॉलेज , स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की आर्थिक स्थिति और उनके पढ़ने की जुस्तजू को देखते हुए , खुद की जेब से भी , फीस वगेरा चुकता कर उसे शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल कर देते हैं , डॉक्टर ज़फ़र मोहम्मद की इस ऊँची सोच को ,सलाम सेल्यूट के साथ अल्लाह से , खुदा से , वाहेगुरु से , महावीर स्वामी से , जीसस से सभी से , दुआ है ,के अल्लाह उन्हें उनकी इस मुहीम में , कामयाब करे , उनकी इस वैचारिक गंभीरता को ,, केंद्र सरकार , राज्य सरकार , समाजसेवी संगठन बारीकी से समझें और बदलते माहौल में ,जो बाल संस्कारों में बदलाव कहें या फिर सीधे गिरावट कहे , आयी है ,उसमे सुधार कार्यक्रमों की सभी शुरुआत करे , ताकि बच्चों के आपराधिक मन , आपराधिक स्थिति , सामाजिक अराजक बदलाव से , इस समाज ,इस देश को ,बचाकर फिर से संस्कारवान , चरित्रवान , आदर , सम्मान ,, का केंद्रबिंदु बनाया जा सके ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...