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24 सितंबर 2021

पिता का नैत्रदान करवाने के बाद,समाज में सूचित किया समाज में परम्परा बनने लगा है,नैत्रदान,संस्था के सहयोग से संभाग से 14 नेत्र संकलित

 

पिता का नैत्रदान करवाने के बाद,समाज में सूचित किया
समाज में परम्परा बनने लगा है,नैत्रदान,संस्था के सहयोग से संभाग से 14 नेत्र संकलित


बीएसएनएल से सेवानिवृत्त अभियंता,इंद्रा मार्केट निवासी श्री विजय कुमार शर्मा (70 वर्ष) का आज दोपहर 3 बज़े  आकस्मिक निधन हो गया। जैसे ही चिकित्सकों ने विजय के देहांत की सूचना वहाँ उपस्थित उनके दोनों बेटों पंकज और नीरज को दी,तो दोनों ही अपनी सुध खो बैठे। 

बड़े भाई पंकज ने धैर्य रखते हुए,सबसे पहला कॉल शाइन इंडिया फाउंडेशन को किया,जिससे पिता जी का नैत्रदान का कार्य हो सके । पंकज के ताऊजी स्व० श्री ललित शर्मा जी का भी 2 वर्ष पूर्व निधन होते ही,उनके बच्चों ने नैत्रदान का कार्य करवाया । पंकज और परिवार के सभी लोग काफ़ी समय से शाइन इंडिया के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए है। सभी यह बात अच्छे से जानते है कि,जब सब कुछ खत्म हो जाता है,तभी भी नैत्रदान जैसा कार्य जीवित रहता है ।ललित जी संस्था के सक्रिय सदस्यों में से थे,उनकी प्रेरणा से ही आज संस्था नित-नये आयाम की ओर बढ़ रही है ।


पंकज अपना व्यवसाय का कार्य करते हैं, और नीरज एक इंस्टीट्यूट में फैकल्टी में कार्यरत है। दोनों ही अपने पिता से काफ़ी स्नेह रखते थे। स्वयं विजय जी भी परिवारी जिम्मेदारी के साथ साथ समाज की जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाते आये हैं । नौकरी के बाद वह समाज व दोस्तों के साथ अपना वक्त बिताया करते थे। वह कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे,लोगों की सेवा करना,जरूरतमंद लोगों के काम आना,ऐसे कामों के लिये वह समय नहीं देखा करते थे। पिता से ही प्रेरित होते हुए,उन्होंने शोक में समय न बिताते हुए पहले,नैत्रदान जैसे पुनीत कार्य को सम्पन्न करवाया,उसके बाद समाज और करीबी रिश्तेदारों को शोक की सूचना दी ।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों ने बताया कि,उनके सहयोग से इस माह में अभी तक 14 नेत्रों का संकलन किया जा चुका है।

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