हमें चाहने वाले मित्र

27 जुलाई 2020

दो ट्रेनी जजों को पुलिस ने तेज़ गाड़ी चलाने के जुर्म में पकड़ लिया.

दो ट्रेनी जजों को पुलिस ने तेज़ गाड़ी चलाने के जुर्म में पकड़ लिया.
चूंकि वे दोनों जज थे इसलिए जब उनका मामला अदालत में पहुंचा तो वरिष्ठ जज ने आदेश दिया कि वे एक दूसरे की सुनवाई खुद करें.
सुनवाई शुरू हुई…..
पहला जज, न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा और दूसरा कटघरे में खडा हुआ. दूसरे जज ने खामोशी से अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठे जज ने दूसरे जज पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया और दुबारा ऐसी हरकत न करने की चेतावनी दी.
अब दूसरे जज की बारी थी…..
दूसरा जज न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा और पहला जज कटघरे में खडा हुआ. उसने भी चुपचाप अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठे जज ने 10 हजार रुपये जुर्माना और एक महीने तक गाड़ी न चलाने की सजा सुनाई.
यह सुनते ही कटघरे में खडा जज गुस्से से उबल पड़ा – “ये क्या बात हुई ? मैंने तुम्हें सिर्फ 100 रुपये जुर्माना और बिना कोई सजा दिए छोड़ दिया और तुम मेरे ऊपर 10 हजार का जुर्माना और गाड़ी चलाने पर पाबंदी भी लगा रहे हो ?”
न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठे जज ने शांतिपूर्वक कहा – “आय एम सॉरी माय फ्रेंड लेकिन इस अदालत में आज ही दिन में तेज़ गाड़ी चलाने का ये दूसरा केस है और ये स्थिति वाकई चिंताजनक है….. इस तरह की घटनाएं और न हों इसके लिए आखिर किसी न किसी को तो सख्ती करनी पड़ेगी न ?
😉🤣

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...