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26 जुलाई 2020

*वकील होना भी कहाँ आसान है दोस्तों..?*

*वकील होना भी कहाँ आसान है दोस्तों..?*
*ना किसी के ख्वाबो मे मिलेंगे,*
*ना किसी के अरमान मे मिलेंगे,*
*हम हमेशा ऑफिस या कोर्ट मे मिलेंगे,*
*गर्मी, सर्दी, बरसात यूँ ही गुजर जाती है,*
*नींद भी पूरी होती नही की रात गुजर जाती है,*
*होली, दिवाली, नवरात्री, 31st पर भी हम काम मे मिलेंगे,*
*तुम आ जाना दोस्त*
*हम हमेशा ऑफिस या कोर्ट मे मिलेंगे,*
*जमाने भर की खुशियों से अलग है हम,*
*लोगो को लगता है गलत है हम,*
*बीमार होकर भी ठीक रहती है तबियत हमारी,*
*कोई आजकल पूछता भी नही खैरियत हमारी,*
*कभी क्लाइंट को मुश्किलों से छुड़ाने में तो कभी क्लाइंटसे डिस्कशन में तो कभी कोर्ट के काम बिज़ी मिलेंगे,*
*तुम हमेशा आ जाना ऐ दोस्त हम हमेशा ऑफिस या कोर्ट मे मिलेंगे।।।*
*सभी आदरणीय वकील भाईयों और बहनों को समर्पित.*

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