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14 जून 2020

जी हाँ यह साबित किया है नौजवान क़लमकार एवं जनसम्पर्क विभग के सेवानिवृत संयुक्त निदेशक जनसम्पर्क डॉ.प्रभात कुमार सिंघल ने

शख्सियत- डॉ. प्रभात सिंघल-लेखक एवं पत्रकार
अख्तर खान अकेला अधिवक्ता,कोटा,,
अभिव्यक्ति जवान रहती है । अलफ़ाज़ हर उम्र में क़लम और उँगलियों के इशारे पर थिरकते हैं । जी हाँ यह साबित किया है नौजवान क़लमकार एवं जनसम्पर्क विभग के सेवानिवृत संयुक्त निदेशक जनसम्पर्क डॉ.प्रभात कुमार सिंघल ने । इन्हें सेवानिवृत हुए छह साल हो गए लेकिन माशाअल्लाह क़लम में वही जवानी ,क़लम में वही रवानी ,अल्फ़ाज़ों में वही गर्माहट ,लेखन की वही नोजवान शैली और दिन चर्या में वही जवानी ,स्वाभिमान , विनम्रता ,अपनापन ,प्यार और मधुरता है।
डॉ. सिंघल ने राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में 1 मार्च 1979 को कोटा में सहायक जनसम्पर्क अधिकारी से अपनी सेवा शुरू कर 31 अक्टूबर 2 013 को जयपुर से संयुक्त निदेशक पद से सेवा निवृत्त हुए । सेवा काल में इन्होंने कोटा,उदयपुर,जयपुर में सेवाएं दी तथा कोटा सेवा के दौरान कई बार सवाईमाधोपुर, बूंदी, बारां,झालवाड़ जिलों का अतिरिक्त कार्यभार लंबे समय तक सम्भाला। उदयपुर के जनजाति विकास विभाग में उदयपुर,बांसवाड़ा,डूंगरपुर,सिरोही जिलों में आदिवासी जनजीवन को नजदीक से
देखा,समझा,महसूूूस किया और आदिवासियों के जीवन के हर पहलू को उजागर किया। राजस्थान के विकास और उत्थान का कोई भी पक्ष इनकी लेखनी से अछूता नही रहा। इन्होंने ने राजकीय सेवा के दौरान "राजस्थान में पुलिस प्रशासन -1858- 1947" विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. भैरोसिंह शेखावत ने प्रकाशित शोध पुस्तक का विमोचन किया। अपनी सेवाओं के दौरान ये अपने मधुर,मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के कारण पत्रकारों के मध्य लोकप्रिय रहे। पत्रकारों में इनकी लोकप्रियता का एक उद्धाहरण उस समय देखने को मिला जब 2011 में इनका ट्रांसफर उदयपुर हो गया तो कोटा के सभी पत्रकार एकजुट हो गए और जनसम्पर्क मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को आधा घंटा नहीं चलने दिया और राजस्थान पत्रिका ने अपनी टिप्पणी में लिखा एक धरोहर तो रहने दें। राजकीय सेवा से पूर्व इन्होंने करीब 2 वर्ष तक जयपुर में एक निजी कंपनी में एडमिनिस्ट्रेशन में अपनी सेवाएं प्रदान की।
डॉ. सिंघल ने 6 वर्ष सेवाकाल की अवधि में ढाई वर्ष तक स्वयं का पाक्षिक समाचार पत्र ' टुडे आई ' का सफलतापूर्वक सम्पादन किया। समाचार पत्र को बिना किसी विज्ञापन के अपने सीमित साधनों से निकाला। व्यस्थाएं गड़बड़ा जाने से इसे बंद करना पड़ा। पुस्तक लेखन का विचार मन मे आया तो 5 पुस्तकें ऐसा देश है मेरा-भारत भृमण,आराध्य तीर्थ-भारत के सन्दर्भ में, राजस्थान के आस्था स्थल-धार्मिक पर्यटन ,अतुल्य अजमेर-विश्व स्तरीय पहचान एवं कोटा एक विहंगम दृष्टि का प्रकाशन दिल्ली पब्लिकेशन हाउस एवं विदित पब्लिकेशन से कराया। मुझे भी कोटा एक विहंगम दृष्टि द्वितीय संस्करण पुस्तक में उनके साथ सह लेखक बनने का मौका मिला। उस समय मेने महसूस किया कि वे किस प्रकार आज भी अनवरत और अथक परिश्रम करते हैं। राजस्थान के सभी जिलों को आधार बना कर लिखी गई यशो राजस्थान , ये है हमारी रंग बिरंगी बून्दी , चम्बल तेरी यही कहानी, जन सम्पर्क एवं पत्रकारित पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं। चम्बल नदी पर पहली बार " चम्बल तेरी यही कहानी" पुस्तक का लेखन किया है। इन्होंने हाड़ौती-करोली दिग्दर्शन विषयक पुस्तक का प्रकाशन भी अपनी सेवा के दौरान सह लेखक तत्कालीन एडीएम धर्मेंद्र भटनागर के साथ मिल कर किया। आपके रास्ट्रीय ,राज्य, स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं में 3000 से अधिक विविध विषयों पर लेख ,फीचर , ब्लॉग, रिपोर्ताज़ प्रकाशित चुके हैं और यह यात्रा निरंतर जारी है। इन्होंने100 से ज्यादा स्मारिकाओं का सम्पादन एवं प्रकाशन भी किया है। ये एक दशक तक दिल्ली प्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स समूह के पत्र-पत्रिकाओं के नियमित लेखक रहें।
निरंतर 40 वर्षों से लेखन रत डॉ. सिंघल आज ऐतिहासिक तथ्यों ,इमारतों ,मज़हबी पूजा स्थलों ,पुरातत्व, पर्यटक स्थलों के एवं राजस्थान सहित देश भृमण के लिए पर्यटकों के लिए विशेषज्ञ पर्यटक लेखक हैंं । अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए इनकी पुस्तकें भारत भृमण के लिए काफी उपयोगी साबित हुई हैं। इनके लेखक ज्ञानवर्धक हैै ,पुस्तकों का प्रकाशन महत्वपूर्ण है । यही वजह रही की इनको भाषा एवं पुस्तकालय विभाग कोटा मंडल पुस्तकालय द्वारा वर्ष 2018 में हिंदी दिवस पर ' हिंदी साहित्य सेवी सम्मान' पुरस्कार से तथा वरिष्ठ जन दिवस पर ' वरिष्ठ जन पर्यटन लेखक' और वर्ष 2019 में " व्योश्री सम्मान "से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें रचनात्मक लेखन के लिए दिये गए। बेहतरीन एवं उत्कृष्ठ राजकीय सेवा कार्य एवं लेखन के लिए इन्हें सहायक जन सम्पर्क अधिकारी, जन सम्पर्क अधिकारी एवं सहायक निदेशक के पदों पर रहते कोटा जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस एवं स्वाधीनता दिवस पर प्रशस्ति एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। आपको प्रसिद्ध रास्ट्रीय हिंदी समाचार पोर्टल प्रभा साक्षी की दिल्ली में आयोजित 18 वी वर्ष गांठ समारोह में 7 नवंबर 2019 को रास्ट्रीय स्तर पर " हिंदी सेवा सम्मान "से देश की लब्ध प्रतिश्ठित विभूतियों द्वारा नवाजा गया।
डॉ. सिंघल कहते हैं मेरा विचार है सेवानिवर्ती के बाद की ऊर्जा का उपयोग समाज हित में करना चाहिए। निरंतर सक्रिय रहे। सक्रिय रहने के लिए जरूरी है कुछ रचनात्मक लक्ष्य तय करें और उन्हें पाने के लिए इच्छाशक्ति के साथ पूरा करें। उन्होंने ने सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने परिवार ,समाज की ज़िम्मेदारियों के साथ ,देश के लिए लेखन क्षेत्र के लिए समय को कैसे बहुपयोगी और रसदार बनाये इसके अनूठे उदाहरण पेश किये हैं। अपने सार्थक लेखन के माध्यम से समाज के लिए कुछ रचनात्मक करने का प्रयास कर रहे हैं। इनके हौसले को सलाम ,सेल्यूट ,क़लम की जवानी ,क़लम की रवानी ,क़लम की ताक़त यूँ ही बनी रहे।
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अख्तर खान "अकेला'
पत्रकार एवं अधिवक्ता,कोटा

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