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15 अप्रैल 2020

मोहब्बत के सभी दावे

मोहब्बत के सभी दावे
तुम्हारे झूँठ सिर्फ झूँठ थे ,
मोहब्बत गर होती तुम्हे ,
मुझ पर तुम्हे भरोसा होता , अख्तर

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