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28 मार्च 2020

विश्वव्यापी जानलेवा बीमारी ,कोरोना से निपटने के लिए समूचे भारत को ,राजस्थान के गांधी ,बेस्ट गुड गवर्नेंस गवर्नर ,,आदरणीय अशोक गहलोत ने एक नई दिशा ,,नया प्रबंधन दिया है

विश्वव्यापी जानलेवा बीमारी ,कोरोना से निपटने के लिए समूचे भारत को ,राजस्थान के गांधी ,बेस्ट गुड गवर्नेंस गवर्नर ,,आदरणीय अशोक गहलोत ने एक नई दिशा ,,नया प्रबंधन दिया है ,यही कारण है के ,,अशोक गहलोत के प्रबंधन तरीक़ो पर आज सभी राज्य ,पूरा हिंदुस्तान चल रहा है ,अशोक गहलोत के इस प्रबंधन की विश्वव्यापी सराहना भी हो रही है ,और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ,,अशोक गहलोत के इस प्रबंधन के क़ायल हो गए है ,,,,जी हाँ दोस्तों ,कभी भी ,,किसी वक़्त देश की ,राजस्थान राज्य की जनता पर संकट की किसी भी परिस्थिति में संकटमोचक बनकर , मुक़ाबला करने वाली शख्सियत का नाम ही अशोक गहलोत है ,,, ,,शांत स्वभाव ,,सादगी ,कुशल प्रंबधन ,चौबीस घंटे सतर्क रहकर ,सीमित साधनों के बावजूद भी ,,राजस्थान की सीमाओं को कोरोना से सुरक्षित रखते हुए ,,राजस्थान के लोगों में साहस का संचार करते हुए ,,कुशल प्रशासक की तरह ,एक तरफ कोरोना संक्रमण के खतरे से आम लोगों की सुरक्षा ,दूसरी तरफ राजस्थान की जनता के सुख दुःख की फ़िक्र ,उनकी समस्याओ का निस्तारण ,कोई महात्मा ही ऐसा प्रबंधन कर सकता है ,हमे गर्व है ,ऐसे संकट काल के वक़्त हमारा नेतृत्व अशोक गहलोत के हाथों में है ,जो प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट से समन्वय स्थापित कर ,प्रभारी अविनाश पांडे से सलाह मशवरे के साथ ,राजस्थान के विशेषज्ञों ,कुशल प्रबंधकों ,चिकित्स्कों की टीम के समन्वय से ,यह सब करने में सक्षम है ,,,देश भर में जब कोरोना के बारे में प्रधानमंत्री सहित कई लोग चिंतित नहीं थे ,तब राजस्थान में इस गाँधी ,अशोक गहलोत ने चिंता जताई ,,लोकडाउन किया ,,इटली के मरीज़ों के इलाज में ,इसी नेतृत्व के निर्देशों पर जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल के चिकित्स्कों ने ,विश्व को इस बिमारी से ग्रसित मरीज़ों को स्वस्थ कर चौंका दिया ,, राजस्थान लोकडाउन के बाद दूसरे राज्यों ने लोकडाउन प्रबंधन का अनुसरण किया ,इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चेते ,उन्होंने भी अशोक गहलोत के लोकडाउन के समर्थन में एक दिन के जनता कर्फ्यू की मांग दोहराई ,,दिन रात कोरोना बिमारी के आंकड़ों का विश्लेषण ,राजस्थान के सभी कलेक्टर ,वरिष्ठ अधिकारीयों ,चिकित्स्कों से सम्पर्क आम लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्थाएं ,चिकित्सा व्यवस्थाओं में आवश्यकतानुसार प्रबंधन ,आई सी यूँ ,,आकस्मिक इलाज की सुविधाये , जाँच लेबोरेट्री सुविधाएं ,,अस्पतालों में बेड व्यवस्थाएं ,,हर ज़िले की रोज़ दो बार या आकस्मिक विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम के साथ निगरानी ,आवश्यक निर्देश ,,अशोक गहलोत दूसरे राज्यों के मुखिया से उन्हें दी बेस्ट प्रबंधक कहने के लिए मजबूर करता है ,,,एक तरफ कोरोना वाइरस से निपटने की ज़िम्मेदारी ,,भीलवाड़ा जैसे संकट से संघर्ष , दूसरी तरफ , बेकाबू ,आम जनता , भूख गरीबी से त्रस्त लोग ,,राशन सामग्री की कालाबाज़ारी ,सामान्य चिकित्सा व्यवस्थाओं की बहाली ,,डरे हुए सहमे हुए लोगों में आत्मविश्वास भरना ,,असम्भव सा लग रहा था ,लेकिन यह चमत्कार ,राजस्थान के गांधी ,हर संकट काल में जादूगरी दिखाने वाले जादूगर अशोक गहलोत ने करके दिखाया है ,,,लोगों में ,समाजसेवकों में , भामाशाहों में दान देने ,आर्थिक मदद देने की प्रेरणा का संचार ,,भीड़ भरे बाज़ारों में आवश्यक सेवाएं स्थापित रखते हुए ,,बाज़ारों में लोगों की आवाजाही भीड़ पर कन्ट्रोल ,,बिना किसी प्रताड़ना ,बिना किसी सख्ती ,सिर्फ गांधीगिरी ,,समझाइश ,के साथ ,मुश्किल काम ही नहीं नामुमकिन है ,जो अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान का प्रशासन नियमित कर रहा है ,,आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं तत्काल मिल रही है ,समाजसेवक ,उनके निर्देशों पर ,उनके बताये हुए आपात कोष में कलेक्टर के माध्यम से ,स्वम स्वेच्छिक राशि जमा करा रहे है ,रोज़ हर शहर ,हर कस्बे में अलग अलग समाजसेवक ,कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से जुड़े लोग ,लाखों पैकेट घर घर ज़रूरतमंदों को पहुंचा रहे है ,,यह जादूगरी नहीं तो किया है ,बारिश के बाद किसानों का संकट उनकी फसल का सर्वे , किसानों की इस संकट काल में यांत्रिक व्यवस्था से फसल काटने की अनुमति ,,लोकडाउन के बावजूद भी आवश्यक सामग्री का हर शहर ,हर घर तक पहुंचाने की कामयाब ज़िम्मेदारी ,लगातार जांच रिपोर्टों ,,लेबोरेट्री ,,कोरोना जांच की व्यवस्थाओं में बढ़ोतरी ,कुशल प्रंबंध व्यवस्थाएं ,,चिकित्स्कों ,पुलिसकर्मियों ,अधिकारीयों ,,दानदाताओं ,भामाशाहों ,समाजसेवकों का उत्साहवर्धन ,,उनकी सुरक्षा ,कर्मचारियों को विशेष पैकेज ,,गरीबों को सरकारी खज़ाने से अग्रिम पेंशन ,अग्रिम आर्थिक मदद ,,नियमित खाद्य सामग्री की राशन व्यवस्था ,सभी तक पहुंचाना एक चेलेंज था ,जो अशोक गहलोत के नेतृत्व में हर ज़िले के कलेक्टर ज़िम्मेदारी से कर रहे है ,,,आपात स्थिति में मास्क ,सेनेटाइज़र्स की आपृर्ति ,,सड़कों पर दवा का छिड़काव ,,.चिकित्स्कों में कोरोना संघर्ष को लेकर मोटिवेशन ,उत्साहवर्धन ,चमत्कारिक रूप से एक जादूगर ,गांधीवादी तरीके से भरने वाले अशोक गहलोत ही है ,जो आज राजस्थान की जनता इतने बढे संकट काल के बावजूद भी ,चिंताग्रस्त नहीं है ,हौसले के साथ ,एक जुट होकर इस महामारी से संघर्ष कर रही है ,,लोग त्योहारों इबादत ,पूजा अर्चना को स्वेच्छा से मंदिर ,मस्जिदों को छोड़कर अपने अपने घरों में कर रहे है ,,हर ज़िले में प्रवासी राजस्थानियों ,अप्रवासी राजस्थानियों ,अलग अलग ज़िलों के आने जाने वाले लोगों पर नज़र है ,जबकि संकटकाल में फंसे लोगों की भी मदद हो रही है ,उन्हें पास जारी कर ,उनके ज़िलों में जाने की सुविधा दी जा रही है ,राहत केम्प तैयार किये गए ,है आपात स्थिति से निपटने के लिए ,मिलेट्री से सम्पर्क स्थापित कर भविष्य की व्यवस्थाएं है ,,जबकि प्रतिपक्ष को भी साथ में मिलाकर पारदर्शिता के सिद्धांत के तहत ,हर प्रबंध ,हर व्यवस्था से आगाह किया जा रहा है ,एक बेहतर से भी बेहतर राजा के सर्वश्रेष्ठ राजधर्म प्रबंधन के तहत ,अशोक गहलोत ही ऐसे मुख्यमंत्री है ,जिन्होंने प्रतिपक्ष सहित हर व्यक्ति के सकारात्मक सुझावों का सम्मान किया है ,और व्यवस्थाओं में सुधार दर सुधार किये है ,,इनकी एक आवाज़ पर ,सचिन पायलेट के एक निर्देश पर ,पार्टी विधायकों ने ,मंत्रियों ने आपदा कोष में राशि तो जमा की ही है ,साथ ही ,विधायक कोष से भी अपनी अपनी विधानसभा क्षेत्र में ,,कोरोना महामारी से निपटने के लिए चिकित्सिकीय व्यवस्था में राशि दी है ,,यही है राजधर्म ,यही है जादूगरी ,यही है संकट ,महासंकट से निपटने का तरीक़ा ,यही है गुड गवर्नेंस ,यही है कुशल नेतृत्व ,,कुशल प्रबंधन ,यही है ,ओरिजनल गांधीगिरी ,,आम लोगों से हमदर्दी का तरीक़ा जो एक कुशल योद्धा की तरह ,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी टीम के सहयोग ,,प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट ,प्रभारी अविनाश पांडेय ,राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के संमन्वय के साथ चमत्कारिक तरीके से नियमित ,दिन प्रतिदिन ,हर घंटे हर पल ,लगातार आपके हमारे सम्पर्क में रहकर ,व्यवस्थित तरीके से कर रहे है ,अशोक गहलोत की जादूगरी ,उनकी गांधीगिरी थोड़ी धमकी ,बहुत सारा प्यार ,उनकी गुड गवर्नेंस के लिए ,एक थॅंक्यूँ ,एक धन्यवाद ,,एक शुक्रिया ,,हर संकट की घडी में साथ रहकर कंधे से कंधा मिलाकर मददगार बनने ,उनके निर्देशों की पालना करने का एक वचन ,एक व्यवस्था तो बनती है ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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