कोटा सहित राजस्थन के लोकअभियोजक बनने के प्रयासों में जुटे आवेदक भाइयों
,,तुम्हारे लिए एक खबर है ,,तुमने आवेदन ,किया ,तुम उपयुक्त आवेदक भी हो
,फिर भी संबंधित जिला जज ,जिलाकलेक्टर ने तुम्हारा नाम ,,तुम्हारा आवेदन
,,सरकार के नियुक्ति अधिकारी तक पहुंचाया या नहीं ,,यह ज़रूर कन्फर्म कर लो
,,क्योंकि कोटा सहित कई ज़िलों में इस तरह की शिकायते मिली है ,,लोक
अभियोजक ,अतिरिक्त ,अपर ,स्पेशल लोकअभियोजक के लिए जिला अभिभाषक परिषदों के
ज़रिये मांगे गए आवेदनों को ,,जिला जज ,जिलाकलेक्टर के माध्यम
से जयपुर शीर्ष विधि विभाग के नियुक्ति अधिकारी को भेजते है ,अब तक तो
जितने भी आवेदन होते है सभी आवेदन जिला जज ,जिलाकलेक्टर द्वारा सरकार को
भेजे जाते रहे ,है लेकिन पहली बार कोटा जिला जज ने ,अभिभाषक परिषद में कोटा
के क़रीब एक सो चव्वालीस आवेदकों में से गिनती के नाम एक पेनल बनाकर भेजे
,है ,, जिनमे सो से भी अधिक आवेदक वकीलों के नाम नहीं भेजे गए है
,,जिलाकलेक्टर का तो कहना है ,,जो नाम जिला जज से आये वही हमने भेज दिए
,तो जिला जज कोटा के यहाँ से आवेदक वकीलों की सूचि में से ,पेनल चयन के
लिए किस नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत या विधि नियम की पालना की गयी ,समझ
नहीं आया ,वरिष्ठ वकील ,नियमित प्रेक्टिशनर वकील ,जानकार वकील ,,बिना किसी
सक्षात्कार ,,बिना किसी विधि ज्ञान के परीक्षण के ,मनमर्ज़ी नाम भेजे जाना
हास्यास्पद भी है और मनमानी भी ,कोटा जिला जज द्वारा ऐसा ही किया है
,,क्यों किया किसकी रिपोर्ट पर किया पता नहीं ,लेकिन यह भेदभाव ,यह पक्षपात
एक जज स्तर के अधिकारी के लिए विधि से जुड़े वकीलों की उसकी बनाते वक़्त
कैसे हुआ समझ नहीं आ रहा है ,,या तो पेनल के लिए वरिश्ठता ,नियमित उपस्थिति
,,विधि के ज्ञान का परीक्षण कर अव्वल लोगों की सूचि होती तो ऐतराज़ नहीं
,लेकिन सूचि देखिये और हँसिये वाला माहौल है ,,,तो राजस्थान के हर ज़िले के
अभिभाषक साथियों जो साथी लोकअभियोजक के लिए आवेदक है ,वोह तुरंत सोमवार को
जिलाकलेक्टर के यहाँ विधि विभाग में जाकर ,जिला जज द्वारा भेजी गयी सूचि
का परीक्षण करें ,उस सूचि में अगर पक्षपात ,है गिनती के पेनल के नाम पर
मनमाने नाम है ,तो ऐसे जिला जज से मिलकर उनसे शिकायत करे दुबारा सभी नाम
भेजने का आग्रह करे ,या एक नियमावली बनाकर परीक्षण के बाद पेनल बनवाये
,,सरकार के विधि मंत्री को शिकायत करे ,ऐसे जिला जज कार्यालय जहाँ से ऐसे
पक्षपात हुए है ,उनके खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश ,ज़िले के
इंस्पेक्टिंग हाईकोर्ट जज को तुरंत शिकायत ,करे ताकि भेजे गए आवेदकों के
नामों की समीक्षा फिर से हो सके ,,तो वकील आवेदक साथियों ,,लोकअभियोजक का
आवेदन जिला अभिभाषक पार्षद को देकर सुकून से मत सो ,जाओ ,,,उठो सोमवार को
अपने अपने ज़िले के कलेक्ट्रेट स्थित विधि विभाग में जाकर ,जिला जज द्वारा
भेजी गयी सूचि में अपना नाम जाकर तस्दीक़ करे ,और अगर आपका नाम नहीं है ,तो
जिला जज ,जिला कलेक्टर को शिकायत करें जिलाजज कार्यालय के ऐसे पक्षपात
पूर्ण रव्वैये की शिकायत जिला जज ,ज़िले के इंस्पेक्टिंग जज ,हायकोर्ट के
मुख्य न्यायधीश ,,मुख्यमंत्री ,विधि मंत्री से तुरंत लिखित में करे ताकि
वोह सभी आवेदकों के नाम भेजने के निर्देश दे ,और जिला जज कार्यालय स्तर पर
पिक ऐंड चूज़ ,वाले जो नाम भेजने की गलती हुई है उसके लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति
के खिलाफ हायकोर्ट के इंस्पेक्टिंग जज ,,हाईकोर्ट के मुख्यन्यायाधीश ऐसे
व्यक्ति के खिलाफ जांच करवाकर ,विधि नियमों के तहत कार्यवाही भी करे
,,,,,,,अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)