आपका-अख्तर खान

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01 फ़रवरी 2019

एक मुक़र्रर रोज़ी होगी

और तुम्हें तो उसके किये का बदला दिया जाएगा जो (जो दुनिया में) करते रहे (39)
मगर खु़दा के बरगुजीदा बन्दे (40)
उनके वास्ते (बेहिश्त में) एक मुक़र्रर रोज़ी होगी (41)
(और वह भी ऐसी वैसी नहीं) हर कि़स्म के मेवे (42)
और वह लोग बड़ी इज़्ज़त से नेअमत के (लदे हुए) (43)
बाग़ों में तख़्तों पर (चैन से) आमने सामने बैठे होगे (44)
उनमें साफ सफेद बुर्राक़ शराब के जाम का दौर चल रहा होगा (45)
जो पीने वालों को बड़ा मज़ा देगी (46)
(और फिर) न उस शराब में ख़ु़मार की वजह से) दर्द सर होगा और न वह उस (के पीने) से मतवाले होंगे (47)
और उनके पहलू में (शर्म से) नीची निगाहें करने वाली बड़ी बड़ी आँखों वाली परियाँ होगी (48)
(उनकी) गोरी-गोरी रंगतों में हल्की सी सुर्खी ऐसी झलकती होगी (49)
गोया वह अन्डे हैं जो छिपाए हुए रखे हो (50)

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